मजदूरी से राष्ट्रीय पहचान तक: रामलाल यादव झडस का संघर्ष, पत्रकारिता और सामाजिक चेतना से जुड़ा प्रेरक सफर

‘मूकनायक गौरव रत्न अवार्ड 2026’ से सम्मानित रामलाल यादव ने संघर्षों को बनाया अपनी ताकत, पत्रकारिता और मानवता को समर्पित है उनका जीवन

बाँसवाड़ा (राजस्थान)।

कहते हैं कि इंसान की असली पहचान उसकी दौलत, पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उसके संघर्ष, विचारों और समाज के प्रति उसके योगदान से होती है। कुछ लोग अपनी परिस्थितियों के सामने हार मान लेते हैं, जबकि कुछ उन्हीं कठिन परिस्थितियों को अपनी कामयाबी की सीढ़ी बना लेते हैं। राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले की गढ़ी तहसील के झडस गाँव निवासी रामलाल यादव झडस की जीवन यात्रा भी संघर्ष, आत्मनिर्भरता, सामाजिक जागरूकता और जनहित की पत्रकारिता से जुड़ी ऐसी ही कहानी है।

मजदूरी करके शिक्षा जारी रखने से लेकर औद्योगिक क्षेत्र में सिक्योरिटी ऑफिसर की जिम्मेदारी निभाने, सामाजिक आंदोलनों में भागीदारी करने, पत्रकारिता के माध्यम से जनसमस्याओं को आवाज देने और कबीर पंथ की आध्यात्मिक परंपरा से जुड़कर महंत की जिम्मेदारी संभालने तक उनका सफर अनेक अनुभवों से होकर गुजरा है।

17 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयोजित मूकनायक के तृतीय राष्ट्रीय पत्रकार अधिवेशन में उन्हें ‘मूकनायक गौरव रत्न अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि उनकी अब तक की सामाजिक और पत्रकारिता यात्रा का एक उल्लेखनीय पड़ाव मानी जा सकती है।

आर्थिक कठिनाइयों में बीता बचपन, मजदूरी के साथ जारी रखी पढ़ाई

रामलाल यादव का जन्म राजस्थान के बाँसवाड़ा जिले के झडस गाँव में एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय सुखरामदास कबीर पंथ से जुड़े हुए थे, जबकि माता गृहिणी थीं।

परिवार की सीमित आर्थिक परिस्थितियों के कारण बचपन से ही उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पढ़ाई के साथ मजदूरी करना और परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग देना उनके जीवन का हिस्सा रहा।

पिता के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियाँ और बढ़ गईं। ऐसे समय में उन्होंने परिस्थितियों से समझौता करने के बजाय मेहनत और आत्मनिर्भरता का रास्ता चुना।

जीवन के इन्हीं अनुभवों ने उन्हें गरीबों, श्रमिकों, वंचित वर्गों और ग्रामीण समाज की समस्याओं को नजदीक से समझने का अवसर दिया। संभवतः यही वजह रही कि आगे चलकर सामाजिक न्याय, शिक्षा और समानता जैसे विषय उनके विचारों और सार्वजनिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बने।

औद्योगिक क्षेत्र में सेवाएँ और फिर सामाजिक जीवन की ओर रुख

रामलाल यादव ने अपने व्यावसायिक जीवन में लगभग पाँच वर्षों तक निजी क्षेत्र में कार्य किया। इसके बाद उन्होंने जे.के. ऑर्गेनाइजेशन के औद्योगिक क्षेत्र में सिक्योरिटी ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएँ दीं।

वर्ष 2022 में अनिवार्य सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपना अधिक समय सामाजिक गतिविधियों, जनजागरूकता और पत्रकारिता को देना शुरू किया।

उनकी वैचारिक यात्रा पर डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत कबीर और संत रविदास के विचारों का प्रभाव रहा है। वे शिक्षा, समानता, बंधुत्व, सामाजिक न्याय और मानव गरिमा को एक बेहतर समाज की बुनियाद मानते हैं।

उन्होंने बहुजन समाज पार्टी में जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई और बहुजन आंदोलन से जुड़े सामाजिक एवं वैचारिक प्रयासों में भागीदारी की।

उनकी मान्यता है कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब गरीब, मजदूर, किसान, आदिवासी, पिछड़े और वंचित समुदायों को भी समान अवसर तथा सम्मानजनक जीवन प्राप्त हो।

सर्वधर्म समभाव, मानवता और राष्ट्रीय एकता के पक्षधर

रामलाल यादव के विचारों में संत कबीर की मानवतावादी शिक्षाओं और भारतीय संविधान के मूल्यों का विशेष स्थान है।

संत कबीर ने अपने विचारों और वाणी के माध्यम से समाज को जाति-पाँति, ऊँच-नीच और धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता का रास्ता अपनाने का संदेश दिया। इसी विचारधारा से प्रेरणा लेते हुए रामलाल यादव सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना को महत्वपूर्ण मानते हैं।

उनके विचार में सर्वधर्म समभाव का अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता मिले और किसी के साथ धर्म, जाति अथवा सामाजिक पहचान के आधार पर भेदभाव न हो।

वे राष्ट्रप्रेम को केवल नारों तक सीमित नहीं मानते। उनके अनुसार संविधान का सम्मान करना, देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा करना, सामाजिक एकता बनाए रखना और राष्ट्र के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभाना ही सच्चे राष्ट्रप्रेम की पहचान है।

मूकनायक से जुड़कर जनहित की पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका

वर्ष 2024 में स्वतंत्र पत्रकार पूरणमल के माध्यम से रामलाल यादव का संपर्क मूकनायक के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. ओमप्रकाश वर्मा से हुआ। इसके बाद वे मूकनायक से जुड़े और राजस्थान में संगठन के विस्तार तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के प्रयासों में सक्रिय हुए।

इतिहास के पन्नों में मूकनायक का विशेष स्थान है। भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने 31 जनवरी 1920 को मूकनायक समाचारपत्र का प्रकाशन प्रारंभ किया था। इस समाचारपत्र का उद्देश्य उस दौर में सामाजिक रूप से वंचित और उपेक्षित समुदायों की आवाज को सार्वजनिक मंच प्रदान करना था।

इसी ऐतिहासिक विरासत से प्रेरित होकर रामलाल यादव दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों, श्रमिकों, महिलाओं और अन्य वंचित समुदायों से जुड़े मुद्दों को पत्रकारिता में प्रमुखता देने की बात करते हैं।

उनका मानना है कि पत्रकारिता केवल समाचार प्रकाशित करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं को सामने लाने और जिम्मेदार संस्थाओं से जवाबदेही के सवाल पूछने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

वे तथ्यपरक, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता को लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक मानते हैं।

बिलासपुर में मिला ‘मूकनायक गौरव रत्न अवार्ड 2026’

17 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित एनई इंस्टीट्यूट, रेलवे बिलासपुर में मूकनायक के तृतीय राष्ट्रीय पत्रकार अधिवेशन का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर रामलाल यादव झडस को ‘मूकनायक गौरव रत्न अवार्ड 2026’ से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मूकनायक के प्रधान संपादक तुषार विनायक गायकवाड़, राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. ओमप्रकाश वर्मा, उपसंपादक विजयराम आजाद, महाराष्ट्र के पूर्व सांसद एवं विधायक सुशील भोपचे तथा गुजरात प्रभारी विजय मसुरिया सहित विभिन्न पदाधिकारी और अतिथि मौजूद रहे।

यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ पत्रकारिता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने मूकनायक के राष्ट्रीय नेतृत्व और पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका मानना है कि किसी भी सम्मान के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ती है और पत्रकार को हमेशा जनता के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करना चाहिए।

कबीर पंथ से जुड़ाव और महंत रामानंद साहेब के रूप में नई पहचान

रामलाल यादव के जीवन का एक महत्वपूर्ण पक्ष उनका आध्यात्मिक जुड़ाव भी है।

30 अगस्त 2026 को वाराणसी के काशी लहरतारा क्षेत्र में नांद वंश की कबीर पंथ परंपरा के अंतर्गत पंथ श्री हजूर आचार्य अर्धनाम साहेब से दीक्षा प्राप्त करने के बाद उन्हें 108 महंत पद प्रदान किया गया। इसके बाद वे महंत रामानंद साहेब के नाम से भी पहचाने जाने लगे।

उनकी आध्यात्मिक सोच का आधार संत कबीर की शिक्षाएँ, सत्य, प्रेम, सद्भाव और आत्मज्ञान हैं।

वे धर्म और आध्यात्मिकता को केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं मानते, बल्कि इसे मनुष्य के व्यवहार, नैतिकता और दूसरों के प्रति जिम्मेदारी से जोड़कर देखते हैं।

उनके अनुसार किसी व्यक्ति की वास्तविक पहचान उसकी जाति, धर्म अथवा सामाजिक पृष्ठभूमि से नहीं, बल्कि उसके विचारों, कर्मों और मानवीय व्यवहार से होनी चाहिए।

राजस्थान के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पत्रकारिता को मजबूत करने का लक्ष्य

रामलाल यादव का एक प्रमुख उद्देश्य राजस्थान के ग्रामीण, आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में जनहित की पत्रकारिता को अधिक प्रभावी बनाना है।

वे चाहते हैं कि गाँवों में रहने वाले आम नागरिकों की समस्याओं को भी व्यापक मंच मिले और स्थानीय स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, ग्रामीण विकास तथा संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उचित स्थान प्राप्त हो।

उनके अनुसार कई बार दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याएँ बड़े समाचार माध्यमों तक नहीं पहुँच पातीं। ऐसी परिस्थितियों में स्थानीय पत्रकारों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

वे नए पत्रकारों को तथ्यपरक रिपोर्टिंग, निष्पक्षता, सामाजिक संवेदनशीलता और पत्रकारिता की नैतिक जिम्मेदारियों को समझने की प्रेरणा देना चाहते हैं।

युवाओं के लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश

रामलाल यादव युवाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हैं।

उनका मानना है कि युवाओं को जातिगत भेदभाव, धार्मिक वैमनस्य और सामाजिक नफरत से दूर रहकर ज्ञान, वैज्ञानिक सोच तथा संवैधानिक मूल्यों को अपनाना चाहिए।

वे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के शिक्षा संबंधी विचारों, संत कबीर की मानवतावादी शिक्षाओं और संत रविदास की समतामूलक सामाजिक दृष्टि को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक मानते हैं।

उनके अनुसार किसी भी देश का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी की शिक्षा, सोच और जिम्मेदारियों पर निर्भर करता है।

वे ऐसे समाज की कल्पना करते हैं जहाँ आर्थिक अभाव के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई न रुके, किसी व्यक्ति के साथ जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव न हो और प्रत्येक नागरिक को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिले।

सम्मान के साथ बढ़ी जिम्मेदारी, जनसेवा का संकल्प बरकरार

‘मूकनायक गौरव रत्न अवार्ड 2026’ प्राप्त करने के बाद रामलाल यादव ने प्रधान संपादक तुषार विनायक गायकवाड़, राष्ट्रीय प्रभारी डॉ. ओमप्रकाश वर्मा, उपसंपादक विजयराम आजाद और मूकनायक की राष्ट्रीय टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने इस सम्मान को भविष्य में पत्रकारिता, सामाजिक जागरूकता और वंचित समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा बताया।

वर्तमान में वे समझो भारत डिजिटल न्यूज़ एवं ऑल इंडिया डिजिटल मीडिया एसोसिएशन में राजस्थान अध्यक्ष एवं ब्यूरो चीफ, IFWJ बाँसवाड़ा के सदस्य, मूकनायक राजस्थान के संपादक, विश्व हिंदी परिषद के प्रदेश सचिव, सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक के रूप में विभिन्न गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।

इसके अतिरिक्त वे MD एवं प्रधान संपादक, आवाज टीवी 3 इंडिया न्यूज़ के रूप में भी अपनी पहचान रखते हैं।

झडस गाँव से शुरू हुई उनकी जीवन यात्रा मजदूरी, शिक्षा, औद्योगिक सेवा, सामाजिक आंदोलन, पत्रकारिता और आध्यात्मिक जीवन के अनेक पड़ावों से गुजरकर आज एक नई पहचान तक पहुँची है।

उनका सफर इस बात की याद दिलाता है कि जीवन की कठिन परिस्थितियाँ किसी व्यक्ति के आगे बढ़ने का रास्ता रोक नहीं सकतीं, बशर्ते उसके भीतर सीखने, मेहनत करने और समाज के लिए कुछ करने की इच्छा बनी रहे।

समानता हमारा अधिकार, मानवता हमारा धर्म, संविधान हमारा मार्गदर्शक और राष्ट्र की एकता हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।


संक्षिप्त परिचय : रामलाल यादव झडस

  • पूरा नाम: रामलाल यादव झडस
  • आध्यात्मिक नाम: महंत रामानंद साहेब
  • निवास: गाँव झडस, तहसील गढ़ी, जिला बाँसवाड़ा, राजस्थान
  • पत्रकारिता: मूकनायक राजस्थान के संपादक एवं समझो भारत डिजिटल न्यूज़ के राजस्थान अध्यक्ष एवं ब्यूरो चीफ
  • अन्य जिम्मेदारियाँ: ऑल इंडिया डिजिटल मीडिया एसोसिएशन में राजस्थान अध्यक्ष एवं ब्यूरो चीफ, IFWJ बाँसवाड़ा के सदस्य, विश्व हिंदी परिषद के प्रदेश सचिव
  • अन्य पहचान: MD एवं प्रधान संपादक, आवाज टीवी 3 इंडिया न्यूज़; सामाजिक कार्यकर्ता एवं लेखक
  • आध्यात्मिक जुड़ाव: कबीर पंथ के महंत
  • सम्मान: मूकनायक गौरव रत्न अवार्ड 2026
  • प्रमुख सरोकार: शिक्षा, सामाजिक न्याय, जनहित की पत्रकारिता, सर्वधर्म समभाव, राष्ट्रीय एकता और मानवता।

विशेष रिपोर्ट

ज़मीर आलम
प्रधान संपादक
राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल
समझो भारत

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत।

देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रकाशित।

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समझो भारत — समाज, सरोकार और सच्चाई की आवाज़।

जिला बिजनौर ब्लॉक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रायपुर सादात में भगवान श्री वाल्मीकि जयंती के शुभ अवसर पर सुंदर झांकियां प्रस्तुत की गयी।

 


हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जिला बिजनौर तहसील नगीना ब्लॉक कोतवाली के ग्राम रायपुर सादात में वाल्मीकि प्रकट उत्सव पर दिनांक 24. अक्टूबर.2026 को वाल्मीकि मंदिर रायपुर सादात से शुरू

होकर रायपुर सादात चौराहा होते हुए नवमी वाले भाग से होकर वापस वाल्मीकि मंदिर पर समाप्त हुई जिसमें बहुत सुंदर-सुंदर झांकियो में लव कुश  ढोल डीजे अखाड़े के साथ निकाली गई जिसमें अखाड़े के उस्ताद विपिन वाल्मीकि खलीफा सतीश

पहलवान पहलवान अरुण वाल्मीकि वरुण वाल्मीकि सागर वाल्मीकि शौकीन वाल्मीकि प्रियांशु वाल्मीकि हिमांशु वाल्मीकि दीपक वाल्मीकि यस वाल्मीकि आदि खूब प्रदर्शन कर समा बांध दिया

और शोभायात्रा धूमधाम मनाई गई शोभा यात्रा में मुख्य सहयोग सुल्हड़ वाल्मीकि अध्यक्ष सुनील बाल्मीकि कोषाध्यक्ष वीरेंद्र वाले की राकेश वाल्मीकि मुन्नू वाल्मीकि मुकेश वाल्मीकि राकेश वाल्मीकि राजपाल वाल्मीकि सोनू वाल्मीकि रहे।

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गाँव-गाँव जनसंवाद में ठाकुर सुन्दर सिंह राणा को मिला अपार स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद।

 


24 विधानसभा क्षेत्र नूरपुर भाजपा।


ठाकुर सुन्दर सिंह राणा ने क्षेत्र के विभिन्न गाँवों का भ्रमण कर क्षेत्रवासियों से जनसंवाद किया। इस दौरान ग्राम ताजपुर, गोहावर, मौरना और नूरपुर में लोगों से मुलाकात कर उनकी बातें सुनीं और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा एवं कार्यों पर चर्चा की।



गाँव-गाँव पहुँचने पर क्षेत्रवासियों ने ठाकुर सुन्दर सिंह राणा का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें भरपूर स्नेह, सम्मान एवं आशीर्वाद प्रदान किया। वहीं, उनके सम्मान समारोह में भी लोगों का विशेष प्रेम और उत्साह देखने को मिला।



क्षेत्रवासियों का यह स्नेह और विश्वास जनसंवाद की स बसे बड़ी ताकत है। ठाकुर सुन्दर सिंह राणा ने सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए क्षेत्र के लोगों से निरंतर संवाद और संपर्क बनाए रखने की भावना व्यक्त की।



ठाकुर सुन्दर सिंह राणा

24 विधानसभा क्षेत्र नूरपुर विधायक पद से प्रबल दावेदार। समझो भारत न्यूज़ से जिला प्रभारी डॉक्टर चरन सिंह की रिपोर्ट।

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साहिल सोंधी के जन्मदिन पर खास: ‘Hangover Nights’ से बनाई पहचान, संघर्षों के बीच आगे बढ़ने का नाम है उनका सफर

दिल्ली-NCR के पार्टी और क्लबिंग जगत में अपनी पहचान बनाने वाले साहिल सोंधी के जन्मदिन पर जानिए उनके सफर, निजी जीवन के संघर्ष और आने वाले नए साल की संभावित तैयारियों के बारे में।

शामली, उत्तर प्रदेश | ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट

हर इंसान की जिंदगी में कुछ ऐसे पल आते हैं, जो उसे भीतर से मजबूत बनाते हैं। किसी के लिए कामयाबी का रास्ता आसान होता है, तो किसी को अपने सपनों तक पहुंचने के लिए निजी जिंदगी की मुश्किलों से भी गुजरना पड़ता है। दिल्ली-NCR के पार्टी और क्लबिंग जगत में अपनी पहचान बनाने वाले साहिल सोंधी का सफर भी मेहनत, महत्वाकांक्षा और मुश्किल समय से आगे बढ़ने की कहानी के रूप में देखा जा सकता है।

साहिल सोंधी ने अपने ब्रांड ‘Hangover Nights’ के जरिए एंटरटेनमेंट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। कम समय में युवाओं के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाले साहिल के लिए उनका जन्मदिन केवल जश्न का अवसर नहीं, बल्कि बीते समय को याद करने और आने वाले कल के लिए नई उम्मीदें संजोने का भी मौका है।

‘Hangover Nights’ बना साहिल सोंधी की पहचान का अहम हिस्सा

पार्टी और क्लबिंग की दुनिया में किसी ब्रांड को पहचान दिलाना सिर्फ बड़े आयोजन करने तक सीमित नहीं होता। इसके लिए लोगों की पसंद को समझना, मनोरंजन के नए अनुभव तैयार करना और अपने काम को लगातार बेहतर बनाने की कोशिश करना भी जरूरी होता है।

साहिल सोंधी ने ‘Hangover Nights’ की शुरुआत इसी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के उद्देश्य से की। इस ब्रांड के माध्यम से उन्होंने दिल्ली-NCR के एंटरटेनमेंट जगत में अपनी जगह बनाने की कोशिश की। युवाओं के बीच पार्टी कल्चर और संगीत से जुड़े आयोजनों की लोकप्रियता के बीच ऐसे ब्रांड अपने आयोजनों और अनुभवों के जरिए लोगों से जुड़ने का अवसर तलाशते हैं।

साहिल के सफर की खास बात यह है कि उन्होंने अपने नाम को एक ब्रांड के साथ जोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। किसी भी उद्यमी के लिए अपने विचार को पहचान में बदलना समय, मेहनत और निरंतर प्रयास की मांग करता है।

मां को खोने का दर्द और जिंदगी को दोबारा संभालने की चुनौती

कामयाबी की कहानियों में अक्सर उपलब्धियों का जिक्र होता है, लेकिन उन भावनात्मक संघर्षों पर कम बात होती है, जिनसे गुजरकर कोई व्यक्ति अपने काम को जारी रखता है।

साहिल सोंधी की जिंदगी में मां को खोने का दुख एक बेहद भावनात्मक दौर रहा। मां का रिश्ता इंसान के जीवन में ऐसी जगह रखता है, जिसकी कमी को शब्दों में पूरी तरह बयां करना आसान नहीं होता। ऐसे नुकसान के बाद खुद को संभालना और रोजमर्रा की जिंदगी में आगे बढ़ना किसी के लिए भी कठिन हो सकता है।

इस मुश्किल दौर के बावजूद साहिल ने खुद को संभालने और अपने काम की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया। उनकी कहानी का यह पहलू याद दिलाता है कि किसी व्यक्ति की सार्वजनिक पहचान के पीछे उसकी निजी जिंदगी, भावनाएं और अनकहे अनुभव भी होते हैं।

जिंदगी हमेशा हमारी योजनाओं के मुताबिक नहीं चलती, लेकिन कठिन परिस्थितियों में खुद को संभालने की कोशिश ही आगे बढ़ने का रास्ता तैयार करती है।

मीडिया से बातचीत और भविष्य की योजनाएं

साहिल सोंधी से हुई बातचीत के संदर्भ में उनके सफर, व्यक्तिगत अनुभवों और भविष्य की योजनाओं को लेकर चर्चा सामने आई। एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले लोगों के लिए नए विचारों के साथ अपने दर्शकों और चाहने वालों से जुड़े रहना महत्वपूर्ण होता है।

‘Hangover Nights’ के माध्यम से अपनी पहचान को आगे बढ़ाने की दिशा में साहिल की कोशिशें उनके आगामी कार्यक्रमों को लेकर उत्सुकता पैदा करती हैं। उनके दोस्त, परिचित और प्रशंसक भी उम्मीद करते हैं कि आने वाले समय में उन्हें नए आयोजन और मनोरंजन के बेहतर अवसर देखने को मिलेंगे।

नए साल पर शानदार पार्टी की उम्मीद

नए साल का अवसर दोस्तों, संगीत और उत्सव के माहौल के लिए खास माना जाता है। इसी बीच साहिल सोंधी की ओर से आने वाले नए साल पर एक शानदार पार्टी आयोजित किए जाने की संभावना चर्चा का विषय है।

यदि यह आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार सामने आता है, तो ‘Hangover Nights’ से जुड़े लोगों और पार्टी प्रेमियों के लिए यह खास मौका हो सकता है। हालांकि, आयोजन की तारीख, स्थान, टिकट और अन्य विवरणों की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही उनकी जानकारी साझा करना उचित होगा।

जन्मदिन पर साहिल सोंधी के लिए खास शुभकामनाएं

जन्मदिन केवल उम्र के एक साल बढ़ने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन में मिले अनुभवों, रिश्तों और आने वाली संभावनाओं को याद करने का दिन भी है।

इस खास मौके पर साहिल सोंधी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। कामना है कि आने वाला साल उनके जीवन में खुशियां, बेहतर अवसर, अच्छी सेहत और नई उपलब्धियां लेकर आए। वह अपने अनुभवों से सीखते हुए आगे बढ़ें और अपने काम के जरिए नई पहचान बनाने में सफल हों।

उनके लिए सबसे खूबसूरत जन्मदिन का तोहफा यही होगा कि आने वाला समय उनके लिए सुकून, सकारात्मकता और सफलता के नए रास्ते लेकर आए।

जन्मदिन मुबारक हो, साहिल सोंधी! 🎂🎉


रिपोर्ट: ज़मीर आलम, शामली (उत्तर प्रदेश)

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विधायक पद के प्रबंल दावेदार सुंदर सिंह राणा द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया

 




नूरपुर, बिजनौर | 17 अक्टूबर 2026, शनिवार।


नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के डायमंड सिटी, मुरादाबाद रोड स्थित अपने कार्यालय पर ठाकुर सुंदर सिंह राणा द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे क्षत्रिय मंत्री हरीश ठाकुर  का स्वागत किया गया।



समारोह के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं अन्य लोगों को साड़ी और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभा रहे लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करना रहा।



इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। समारोह में सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बनाया।


कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति



इस अवसर पर डॉ. दीप सौरव, राजीव कुमार (जिला महामंत्री, अमरोहा), दीपक चौधरी, दिनेश कुमार टायर वाले, एडवोकेट संजीव कुमार, दल सिंह, अशोक कुमार, बिकुल त्यागी (संगठन मंत्री, रक्षा दल), श्रीमती राजवाला राणा, नीतू चौहान, हेमा सिंह राणा, गोल्डी राणा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों का आपसी मेल-मिलाप एवं सम्मान समारोह के माध्यम से सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया गया।


समाचार: नूरपुर, जनपद बिजनौर, उत्तर प्रदेश

आयोजन स्थल: कार्यालय, डायमंड सिटी, मुरादाबाद रोड, नूरपुर 



नूरपुर में सम्मान समारोह आयोजित विधायक पद के दावेदार ठाकुर सुंदर सिंह राणा द्वारा विधानसभा 24 नूरपुर के कार्यालय पर आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं सहित नूरपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी सम्मानित लोगों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

@ SAMJHO BHARAT 

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बिडौली सादात में क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ, पूर्व प्रधान इसरार ने ₹10,000 देकर खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

बिडौली/झिंझाना क्षेत्र के गांव बिडौली सादात में शुक्रवार को क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। टूर्नामेंट का उद्घाटन पूर्व प्रधान इसरार सहित अन्य गणमान्य लोगों ने फीता काटकर किया। प्रतियोगिता में लगभग 18 से 20 टीमों के भाग लेने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार, फाइनल मुकाबले में विजेता टीम को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान पूर्व प्रधान इसरार ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए ₹10,000 की नकद पुरस्कार राशि देकर टीम के कप्तान तारिक हाशमी को सम्मानित किया। वहीं, अन्य गणमान्य लोगों ने भी फाइनल मुकाबले में पुरस्कार देने की घोषणा की।महबूब प्रधान और एडवोकेट चौधरी इरफान ने की पुरस्कारों की घोषणा पूर्व प्रत्याशी महबूब प्रधान ने फाइनल मैच के लिए ₹11,000 का पुरस्कार देने की घोषणा की। वहीं, कैराना से आए एडवोकेट चौधरी इरफान, इंजीनियर एवं विधानसभा प्रत्याशी, ने फाइनल में ₹5,100 तथा दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम को ₹2,100 देने का ऐलान किया।कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की। आयोजकों को उम्मीद है कि
टूर्नामेंट के माध्यम से स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
उद्घाटन समारोह में हाफिज मोहम्मद इनाम पश्चिम प्रदेश संयुक्त सचिव, अकरम खान ब्लॉक अध्यक्ष, रिजवान, तारीख, शहजाद, नदीम, नहीम, माजिद, छोटू, फरमान, सलमान, दाऊद, सम्मी, वली मोहम्मद, रवीश, गुल मोहम्मद, जब्बार, फुरकान, तालिब, मुस्तकीम सहित अन्य लोग मौजूद रहे। शाकिर अली की ख़ास रिपोर्ट 
8010884848

बिडोली में बदहाल सड़क से ग्रामीण परेशान, पांच साल से निर्माण का इंतजार 200 मीटर का कच्चा रास्ता बना मुसीबत, जलभराव और कीचड़ से ग्रामीणों का निकलना मुश्किल

बिडोली (शामली)। बिडोली सादात में बदहाल सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों का पानी सड़क पर भर जाता है, जिससे रास्ते में कीचड़ जमा हो जाती है। करीब 200 मीटर लंबा यह रास्ता पिछले पांच साल से कच्चा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार ग्राम प्रधान को समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ है।

बुधवार को ग्रामीण सलीम पुत्र चंदा, नदीम उर्फ भूरा, मुरसलीन, गुरदयाल, सुहेल सिद्दीकी, फैजान और हाफिज इनाम सहित अन्य लोगों ने बताया कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि यहां से ट्रैक्टर निकालने पर वह कीचड़ में धंस जाता है। मोटरसाइकिल से निकलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को मजबूरी में अपनी बाइक पड़ोसियों के घर खड़ी करनी पड़ती है, जिसके बाद वे पैदल अपने घरों तक पहुंचते हैं।

खुद पैसे इकट्ठा कर डाली मिट्टी

ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते की समस्या से निजात पाने के लिए वे दो-तीन बार खुद पैसे इकट्ठा करके गली में मिट्टी डलवा चुके हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे अपने खर्च पर सड़क पर ईंटें नहीं लगवा सकते। ग्रामीणों का कहना है कि वे मजदूरी और सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में सड़क का निर्माण कराना उनके लिए संभव नहीं है।

ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से इस समस्या का सामना करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए सड़क का निर्माण कराने और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि उन्हें रोजाना की परेशानी से राहत मिल सके।