बिडौली में लगातार रिमझिम बरसात से नालियों में कूड़ा कीचड़ गलियों में पानी भरा
24 वर्षीय अन्नू लापता, परिजनों ने लोगों से की तलाश में मदद की अपील
मुजफ्फरनगर।
मुजफ्फरनगर के साउथ खालापार क्षेत्र से 24 वर्षीय युवक अन्नू पुत्र अबरार अहमद के लापता होने की सूचना सामने आई है। परिजनों के अनुसार अन्नू 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8 बजे घर से निकला था, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।
परिजनों के मुताबिक अन्नू को विशेष देखभाल की आवश्यकता है, जिसके कारण परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है और लगातार उसकी तलाश कर रहा है।
लापता होने के समय अन्नू ने गाजरी रंग की शर्ट और काले रंग की पैंट पहन रखी थी। उसका पता मकान नंबर 954/2, साउथ खालापार, मुजफ्फरनगर बताया गया है।
परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को अन्नू कहीं दिखाई दे या उसके संबंध में कोई जानकारी मिले तो तुरंत निम्न मोबाइल नंबरों पर सूचना दें—
📞 9837452147
📞 8439262944
परिजनों का कहना है कि अन्नू की सुरक्षित घर वापसी के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की छोटी-सी मदद परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत बन सकती है।
आपसे विनम्र अपील है—अगर यह सूचना आपके आसपास, मोहल्ले या सोशल मीडिया के किसी ग्रुप में पहुंचे तो इसे आगे जरूर साझा करें। हो सकता है आपकी एक शेयर किसी परिवार को उसका अपना इंसान वापस दिलाने में मदद कर दे।
आलतू-फालतू पोस्ट तो हम खूब शेयर करते हैं, कभी किसी जरूरतमंद की तलाश और सेवा से जुड़ी खबर भी आगे बढ़ाकर देखिए—किसी की जिंदगी में आपकी एक छोटी-सी मदद बहुत मायने रख सकती है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से संबंधित पंजीकरण का उल्लेख करने वाली देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल “समझो भारत” के लिए शामली, उत्तर प्रदेश से पत्रकार ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।
📞 8010884848 | 9528680561
🌐 www.samjhobharat.com
सहारनपुर में नगर शांति समिति ने नए सीएमओ का किया स्वागत, स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग का दिया भरोसा
सहारनपुर। शहर में स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक सकारात्मक पहल देखने को मिली। नगर शांति समिति के पदाधिकारियों ने नवनियुक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. शौर सिंह कक्कड़ से मुलाकात कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
समिति के पदाधिकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने डा. शौर सिंह कक्कड़ को शाल एवं अन्य अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों और जनहित से संबंधित गतिविधियों पर भी चर्चा हुई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने समिति के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्यों में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा जताया। उन्होंने भविष्य में स्वास्थ्य विभाग की जनसहभागिता से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में नगर शांति समिति की भागीदारी की भी अपेक्षा की।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. कपिल देव भी मौजूद रहे।
नगर शांति समिति की ओर से स्वागत करने वालों में समिति के अध्यक्ष अशोक गांधी, संयोजक बिंत चावला, उपाध्यक्ष मोहम्मद आलम और स्वागताध्यक्ष एम.पी. सिंह चावला प्रमुख रूप से शामिल रहे।
जनसहभागिता से मजबूत हो सकती हैं स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य विभाग से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों में स्थानीय सामाजिक संगठनों और नागरिक समितियों की भागीदारी से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं एवं जनकल्याणकारी संदेशों को आम लोगों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। नगर शांति समिति और स्वास्थ्य विभाग के बीच प्रस्तावित सहभागिता को इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
समझो भारत के लिए विशेष रिपोर्ट
पत्रकार — ज़मीर आलम, शामली (उत्तर प्रदेश)
📞 8010884848 | 9528680561
🌐 www.samjhobharat.com
धर्मांतरण प्रकरण: हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयुष मलिक के पिता घर लौटे, बेटे से संपर्क नहीं
शामली, उत्तर प्रदेश।
आयुष मलिक से जुड़े धर्मांतरण प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक शुक्रवार को शामली स्थित अपने घर लौट आए, जबकि आयुष मलिक के अभी शामली पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई है।
घर लौटने के बाद देवराज मलिक ने इस मामले में फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में कुछ नहीं कहना चाहते। उनके अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनकी अपने बेटे आयुष से कोई बातचीत नहीं हुई है और न ही आयुष की ओर से उनसे संपर्क किया गया है।
हाईकोर्ट में पहुंचा था मामला
मामला उस समय कानूनी चर्चा में आया, जब आयुष मलिक के दोस्त मोहम्मद सलमान की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। याचिका में आरोप लगाया गया था कि आयुष मलिक को उनके पिता की ओर से अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने बुधवार को आयुष मलिक को हाईकोर्ट के समक्ष पेश किया। उनके पिता देवराज मलिक भी अदालत में मौजूद रहे।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने आयुष मलिक को अपनी इच्छा के अनुसार रहने और अपनी पसंद के धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देने का आदेश दिया। अदालत के आदेश में कानून के अनुसार वैवाहिक संबंध स्थापित करने की स्वतंत्रता का भी उल्लेख किया गया।
पुलिस ने क्या कहा?
मामले में एएसपी सुमित शुक्ला के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयुष मलिक स्वतंत्र हैं। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस की ओर से भी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।
फिलहाल आयुष मलिक के शामली लौटने और अपने परिवार से संपर्क को लेकर कोई नई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, उनके पिता के घर लौटने के बाद परिवार और स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चाएं जारी हैं।
आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब आयुष मलिक के व्यक्तिगत निर्णय और उनके अगले कदम पर सभी की नजर है। हालांकि, इस पूरे मामले में अंतिम स्थिति के संबंध में केवल आधिकारिक जानकारी और संबंधित पक्षों के सार्वजनिक बयानों को ही आधार बनाया जाना उचित होगा।
धर्म, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक संबंध जैसे संवेदनशील विषयों से जुड़े मामलों में किसी भी अपुष्ट सूचना या सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे को तथ्य मानने से बचना जरूरी है। इस मामले में भी न्यायालय के आदेश और आधिकारिक बयानों के आधार पर ही स्थिति को समझना बेहतर होगा।
नोट: यह समाचार उपलब्ध पुलिस/न्यायिक घटनाक्रम और संबंधित पक्षों के बताए गए बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। याचिका में लगाए गए आरोपों को न्यायालय द्वारा अंतिम रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। मामले में आगे होने वाले घटनाक्रम की जानकारी आधिकारिक स्रोतों के आधार पर अपडेट की जाएगी।
विशेष रिपोर्ट:
ज़मीर आलम, शामली, उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल “समझो भारत”
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में उपनिरीक्षक बने रितिक गहलोतहैदराबाद में 13 माह का प्रशिक्षण पूरा कर दीक्षांत समारोह में हासिल की नई जिम्मेदारी
सैकड़ों बच्चों के मुस्तकबिल संवारने वाले मास्टर अहसान अली खां का इंतकाल — गढ़ी पुख़्ता में पसरा मातम, आज बाद नमाज़-ए-जुमा सुपुर्द-ए-ख़ाक
निहायत रंज-ओ-ग़म के साथ इंतकाल की इत्तिला — पूर्व राज्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद जनाब अमीर आलम खां साहब के गुरु रहे मास्टर अहसान अली खां
गढ़ी पुख़्ता, जिला शामली।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
निहायत ही रंज-ओ-ग़म और दिली अफ़सोस के साथ यह इत्तिला तमाम अहले बिरादरान और अज़ीज़-ओ-अक़ारिब तक पहुंचाई जाती है कि मोहल्ला कश्यपपुरी पूर्वी, क़स्बा गढ़ी पुख़्ता, जिला शामली, उत्तर प्रदेश निवासी मशहूर और सम्मानित शख्सियत मास्टर अहसान अली खां वल्द जनाब इरशाद अली खां (बक्शी जी) मरहूम, उम्र तकरीबन 87 वर्ष, आज दिन जुमा, 18 सितंबर 2026 को तड़के करीब 4 बजे क़ज़ा-ए-इलाही से वफ़ात पा गए।
मास्टर अहसान अली खां की वफ़ात की खबर जैसे ही क़स्बे और उनके अज़ीज़-ओ-अक़ारिब तक पहुंची, हर तरफ़ ग़म और मायूसी की लहर दौड़ गई। एक नेक, उसूल-पसंद, कड़क मिज़ाज़ और लेन-देन में पूरी ईमानदारी के लिए मशहूर शख्सियत के इस दुनिया से रुख़्सत हो जाने पर क़स्बे के लोगों ने गहरे दुख का इज़हार किया है।
इल्म की रोशनी बांटने वाले क़ाबिल उस्ताद
मास्टर अहसान अली खां ने अपनी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा तालीम के लिए वक़्फ़ किया। उन्होंने क़स्बे और आसपास के इलाक़े के सैकड़ों बच्चों को दुनियावी तालीम देकर उनके मुस्तकबिल को संवारने और उन्हें कामयाबी की राह पर आगे बढ़ाने में अहम किरदार अदा किया।बताया जाता है कि मरहूम पूर्व राज्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद जनाब अमीर आलम खां साहब के भी शुरुआती उस्ताद जी रहे। यही वजह है कि मरहूम की शख्सियत को क़स्बे में एक उस्ताद, बुज़ुर्ग और रहनुमा के तौर पर लंबे अरसे तक सम्मान की निगाह से देखा जाता रहा।
मरहूम मास्टर अहसान अली खां अपने कड़क मिज़ाज़, साफ़गोई, उसूल-पसंदी और लेन-देन में बे-मिसाल ईमानदारी के लिए मशहूर रहे। उन्होंने अपनी ज़िंदगी में उसूलों से समझौता नहीं किया और अपने पीछे अपने अच्छे किरदार तथा तालीम की ऐसी यादें छोड़ गए हैं जिन्हें उनके शागिर्द और चाहने वाले लंबे समय तक याद रखेंगे।
मुज़फ़्फ़रनगर से पुश्तैनी क़स्बे लाई गई मैय्यत
मरहूम पिछले कुछ वर्षों से अपने बेटे शारिक मियां के साथ मुज़फ़्फ़रनगर में रह रहे थे। वफ़ात के बाद परिजन उनकी मैय्यत को उनके पुश्तैनी क़स्बे गढ़ी पुख़्ता ले आए, जहां आज उन्हें उनके चाहने वालों, रिश्तेदारों, अज़ीज़ों और क़स्बे के लोगों की मौजूदगी में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।मरहूम अपने पीछे अपनी अहलिया, दो बेटे और चार बेटियों समेत भरा-पूरा परिवार, कुनबा, खानदान और बड़ी संख्या में अज़ीज़-ओ-अक़ारिब को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। वह शारिक मियां और आरिज़ मियां के वालिद-ए-मोहतरम थे।
आज बाद नमाज़-ए-जुमा नमाज़-ए-जनाज़ा व सुपुर्द-ए-ख़ाक
परिजनों के मुताबिक़ मरहूम मास्टर अहसान अली खां की नमाज़-ए-जनाज़ा आज दिन जुमा, 18 सितंबर 2026 को बाद नमाज़-ए-जुमा ठीक दोपहर 2 बजे क़स्बा गढ़ी पुख़्ता में अदा की जाएगी। इसके बाद उन्हें क़स्बे में ही सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।
तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरान-ए-मिल्लत से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शिरकत फरमाएं, मरहूम के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत करें और अहले-ख़ाना के ग़म में शरीक हों।
सुपुर्द-ए-ख़ाक के वक़्त दुआ
अल्लाह तआला मरहूम मास्टर अहसान अली खां की मग़फ़िरत-ए-कामिला व मुकम्मल फरमाए, उनकी तमाम ख़ताओं और कोताहियों को माफ़ फरमाए, उनकी क़ब्र को नूर से मुनव्वर फरमाए, उसे वुसअत और कुशादगी अता फरमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मक़ाम अता फरमाए।
या अल्लाह! जब मरहूम को क़ब्र में उतारा जाए तो अपनी रहमत के साए में जगह अता फरमा। क़ब्र के सवालात आसान फरमा, उन्हें अज़ाब-ए-क़ब्र से महफ़ूज़ फरमा और उनकी क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बना दे।
या अल्लाह! मरहूम के तमाम नेक आमाल को अपनी बारगाह में क़ुबूल फरमा, उनकी तालीमी ख़िदमात को उनके लिए सदक़ा-ए-जारीया बना दे और जिन बच्चों को उन्होंने इल्म की रोशनी दी, उनकी कामयाबी को मरहूम के लिए नेकी का ज़रिया बना दे।
मिट्टी देते वक़्त पढ़ी जाने वाली दुआ
सुपुर्द-ए-ख़ाक के मौक़े पर अल्लाह का नाम लेकर मिट्टी दी जाए और दिल से दुआ की जाए:
"मिन्हा ख़लक़नाकुम् व फ़ीहा नुईदुकुम् व मिन्हा नुख़रिजुकुम् तारतन उख़रा।"
अर्थात: "हमने तुम्हें इसी मिट्टी से पैदा किया, इसी में तुम्हें वापस लौटाएंगे और इसी से दोबारा निकालेंगे।"
अल्लाह तआला तमाम मरहूमीन की मग़फ़िरत फरमाए और मास्टर अहसान अली खां को अपनी रहमत के साए में जगह अता फरमाए।
अहले-ख़ाना से ताज़ियत
इस पुरदर्द मौक़े पर क़ायम खबरें की पूरी टीम और पत्रकार ज़मीर आलम मरहूम के तमाम अहल-ए-ख़ाना, बेटों, बेटियों, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और तमाम शागिर्दों से दिली ताज़ियत का इज़हार करती है।
अल्लाह रब्बुल आलमीन तमाम पसमान्दगान को यह सदमा बर्दाश्त करने के लिए सब्र-ए-जमील अता फरमाए और मरहूम की रूह को सुकून व राहत अता फरमाए।
आमीन या रब्बुल आलमीन।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित देश की उर्दू भाषा की राष्ट्रीय समाचार पत्रिका — "समझो भारत"
ख़ास रिपोर्ट: पत्रकार ज़मीर आलम
मोबाइल: 8010884848
वेबसाइट: www.samjhobharat.com
ई-मेल: samjhobharat@gmail.com
त्योहारों के सीजन में फिर रंग जमाने को तैयार ‘हैंगओवर नाइट्स’, साहिल सोंधी की टीम ने शुरू की तैयारियां
नई दिल्ली। त्योहारों का मौसम आते ही दिल्ली-NCR की नाइटलाइफ में भी रौनक बढ़ने लगती है। म्यूजिक, डीजे, रोशनी और मनोरंजन से जुड़े आयोजनों को लेकर युवाओं और पार्टी लवर्स में खासा उत्साह देखने को मिलता है। इसी बीच चर्चित एंटरटेनमेंट ब्रांड ‘हैंगओवर नाइट्स’ भी आगामी फेस्टिव सीजन के लिए अपनी तैयारियों में जुटा है।
ब्रांड से जुड़े आयोजनों और नाइटलाइफ की दुनिया में सक्रिय साहिल सोंधी एक बार फिर दिल्ली-NCR के पार्टी लवर्स के लिए नए और आकर्षक इवेंट्स की तैयारी कर रहे हैं। आयोजकों के मुताबिक, आगामी कार्यक्रमों में म्यूजिक, डीजे और बेहतर एंटरटेनमेंट के साथ मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
लोकप्रियता के साथ बढ़ी जिम्मेदारी
किसी भी एंटरटेनमेंट ब्रांड के लिए लगातार लोकप्रिय बने रहना अपने आप में एक बड़ी चुनौती होती है। ‘हैंगओवर नाइट्स’ की लोकप्रियता ने जहां इसे नाइटलाइफ से जुड़े दर्शकों के बीच पहचान दिलाई है, वहीं आयोजकों के सामने अपने कार्यक्रमों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने की जिम्मेदारी भी बढ़ी है।
साहिल सोंधी का कहना है कि उनका फोकस विवादों के बजाय अपने काम और बेहतर एंटरटेनमेंट पर है। किसी भी तरह की व्यक्तिगत रंजिश या विरोध के संबंध में सामने आने वाली चर्चाओं को लेकर आधिकारिक और प्रमाणित जानकारी के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
सुरक्षा को लेकर आयोजकों का सख्त रुख
फेस्टिव सीजन में बड़ी संख्या में लोगों के कार्यक्रमों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रमों में प्रवेश निर्धारित नियमों और गेस्ट लिस्ट या पूर्व अनुमति के आधार पर किया जाएगा। आयोजन स्थल पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए सीसीटीवी समेत आवश्यक इंतजाम किए जाने की बात कही गई है।
इसका उद्देश्य कार्यक्रम में आने वाले मेहमानों को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के मनोरंजन का आनंद ले सकें।
नए सीजन को लेकर उत्साह
त्योहारों के साथ दिल्ली-NCR की नाइटलाइफ में गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में ‘हैंगओवर नाइट्स’ से जुड़े आगामी आयोजनों को लेकर भी पार्टी लवर्स के बीच उत्सुकता दिखाई दे रही है।
साहिल सोंधी और उनकी टीम का प्रयास है कि इस फेस्टिव सीजन में मनोरंजन के साथ-साथ सुरक्षा और अनुशासन का भी संतुलन बना रहे। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में ‘हैंगओवर नाइट्स’ अपने नए आयोजनों के जरिए दिल्ली-NCR की नाइटलाइफ में किस तरह की नई ऊर्जा लेकर आता है।
नोट: इस लेख में व्यक्त जानकारी उपलब्ध कराई गई सामग्री और आयोजन से जुड़े दावों पर आधारित है। किसी व्यक्ति के संबंध में आरोप या विवाद संबंधी बातों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित किए बिना तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
समझो भारत | विशेष रिपोर्ट
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल “समझो भारत” के लिए नई दिल्ली से पत्रकार ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।
संपर्क: 8010884848 | 9528680561
वेबसाइट: www.samjhobharat.com