शामली, उत्तर प्रदेश।
आयुष मलिक से जुड़े धर्मांतरण प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक शुक्रवार को शामली स्थित अपने घर लौट आए, जबकि आयुष मलिक के अभी शामली पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई है।
घर लौटने के बाद देवराज मलिक ने इस मामले में फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में कुछ नहीं कहना चाहते। उनके अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनकी अपने बेटे आयुष से कोई बातचीत नहीं हुई है और न ही आयुष की ओर से उनसे संपर्क किया गया है।
हाईकोर्ट में पहुंचा था मामला
मामला उस समय कानूनी चर्चा में आया, जब आयुष मलिक के दोस्त मोहम्मद सलमान की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। याचिका में आरोप लगाया गया था कि आयुष मलिक को उनके पिता की ओर से अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने बुधवार को आयुष मलिक को हाईकोर्ट के समक्ष पेश किया। उनके पिता देवराज मलिक भी अदालत में मौजूद रहे।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने आयुष मलिक को अपनी इच्छा के अनुसार रहने और अपनी पसंद के धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देने का आदेश दिया। अदालत के आदेश में कानून के अनुसार वैवाहिक संबंध स्थापित करने की स्वतंत्रता का भी उल्लेख किया गया।
पुलिस ने क्या कहा?
मामले में एएसपी सुमित शुक्ला के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयुष मलिक स्वतंत्र हैं। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस की ओर से भी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।
फिलहाल आयुष मलिक के शामली लौटने और अपने परिवार से संपर्क को लेकर कोई नई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, उनके पिता के घर लौटने के बाद परिवार और स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चाएं जारी हैं।
आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब आयुष मलिक के व्यक्तिगत निर्णय और उनके अगले कदम पर सभी की नजर है। हालांकि, इस पूरे मामले में अंतिम स्थिति के संबंध में केवल आधिकारिक जानकारी और संबंधित पक्षों के सार्वजनिक बयानों को ही आधार बनाया जाना उचित होगा।
धर्म, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक संबंध जैसे संवेदनशील विषयों से जुड़े मामलों में किसी भी अपुष्ट सूचना या सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे को तथ्य मानने से बचना जरूरी है। इस मामले में भी न्यायालय के आदेश और आधिकारिक बयानों के आधार पर ही स्थिति को समझना बेहतर होगा।
नोट: यह समाचार उपलब्ध पुलिस/न्यायिक घटनाक्रम और संबंधित पक्षों के बताए गए बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। याचिका में लगाए गए आरोपों को न्यायालय द्वारा अंतिम रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। मामले में आगे होने वाले घटनाक्रम की जानकारी आधिकारिक स्रोतों के आधार पर अपडेट की जाएगी।
विशेष रिपोर्ट:
ज़मीर आलम, शामली, उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल “समझो भारत”