बारिश भी नहीं रोक सकी अकीदत: बिडौली सादात में इमाम हुसैन के चेहलुम पर निकला मातमी जुलूस, गूंजती रहीं 'या हुसैन' की सदाएं

बिडौली (शामली): उत्तर प्रदेश के जनपद शामली के झिंझाना क्षेत्र स्थित गांव बिडौली सादात में मंगलवार को हजरत इमाम हुसैन के चेहलुम (चालीसवें) के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। लगातार हो रही बारिश भी अकीदतमंदों के जज़्बे को कम नहीं कर सकी। बड़ी संख्या में सोगवार जुलूस में शामिल हुए और इमाम हुसैन की शहादत की याद में सीनाजनी करते हुए मातम किया। पूरे गांव में "या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं, जिससे वातावरण गम और अकीदत से भर गया।

जुलूस का शुभारंभ पूर्व प्रधान सैय्यद फजल अली (अच्छू मियां) के आवास स्थित इमाम बारगाह से हुआ। शबी-ए-ताबूत, अलम और जुलजनाह के साथ निकला जुलूस गांव की विभिन्न गलियों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

मजलिस में दिया गया इंसानियत और सत्य का संदेश

जुलूस से पूर्व आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना तस्दीक हुसैन लखनवी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने दीन, इंसाफ और इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और अत्याचार के विरुद्ध डटकर खड़े होने की मिसाल है। इमाम हुसैन ने कठिन परिस्थितियों में भी अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया और उनका जीवन आज भी पूरी मानवता को सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।

मजलिस में अली रजा, सैय्यद वसी हैदर, नफीस शाह और सैय्यद गुलाम अली ने मर्सिया खानी की, जबकि जुलूस के दौरान शौकीन हुसैन, हाशिम शाह, गुड्डू मियां और हसन अली जैदी ने नोहाखानी पेश कर माहौल को गमगीन बना दिया।

श्रद्धालुओं के लिए सेवा व्यवस्था

जुलूस के पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए शर्बत, चाय और भोजन की व्यवस्था की गई। स्थानीय लोगों ने सेवा भाव के साथ अकीदतमंदों का स्वागत किया और मातमी जुलूस में शामिल लोगों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा।

पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद

धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे कार्यक्रम पर प्रशासन की नजर बनी रही।

इस अवसर पर सैय्यद फजल अली उर्फ अच्छू मियां, अली जौन, नियाज हैदर, जिंदा शाह, हामिद शाह, कमर अब्बास, कमर रजा जैदी, बाकिर अली, डॉ. बाकिर जैदी, आफताब मेहदी, सलीम शाह, साजिद शाह, साबिर शाह, डॉ. रजी बाकिर, मेहताब मेहदी, मिन्हाल मेहदी, मोहसिन रिजवी और सज्जाद मेहदी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

कर्बला का संदेश आज भी प्रासंगिक

चेहलुम का यह आयोजन केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि कर्बला की उस महान कुर्बानी की याद है, जिसने सत्य, न्याय, धैर्य और इंसानियत के मूल्यों को हमेशा के लिए अमर कर दिया। हर वर्ष की तरह इस बार भी बिडौली सादात में आयोजित मातमी जुलूस ने लोगों को शांति, भाईचारे और इंसानी मूल्यों का संदेश दिया।

— विशेष रिपोर्ट, समझो भारत
बिडौली (झिंझाना), जनपद शामली, उत्तर प्रदेश

ऊन में राजकीय डिग्री कॉलेज की मांग: भाजपा एमएलसी मोहित बेनीवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की मुलाकात


शामली जिले के ऊन क्षेत्र में लंबे समय से राजकीय डिग्री कॉलेज की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्री मोहित बेनीवाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में शिष्टाचार भेंट की और क्षेत्र में एक राजकीय डिग्री कॉलेज स्थापित करने की मांग रखी।

मुलाकात के दौरान श्री मोहित बेनीवाल ने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत पत्र सौंपते हुए बताया कि ऊन तहसील एवं ब्लॉक मुख्य रूप से कृषि प्रधान और ग्रामीण क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, लेकिन राजकीय डिग्री कॉलेज नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और ग्रामीण छात्राओं को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि यदि ऊन में राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना होती है तो इसका लाभ केवल ऊन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों विद्यार्थियों को भी मिलेगा। स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होने से छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, पढ़ाई बीच में छोड़ने की घटनाओं में कमी आएगी तथा युवाओं को अपने घर के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

श्री मोहित बेनीवाल ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। प्रदेश में नए विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों और राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना के माध्यम से उच्च शिक्षा का विस्तार हुआ है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ऊन क्षेत्र की इस मांग पर भी सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्र प्राप्त कर विषय पर गंभीरता से विचार करने तथा आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

मुलाकात के बाद श्री मोहित बेनीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के प्रत्येक युवा तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है। उनका मानना है कि ऊन में राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना से क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी तथा ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के अवसर और अधिक सुलभ होंगे।


लेखक: सुरेन्द्र सिंह निर्वाल, शामली (उत्तर प्रदेश)
प्रकाशन: समझो भारत राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल
संपर्क: 8010884848, 9528680561

🕊️ ग़मगीन ख़बर | एक और घर का चराग़ बुझ गया, बिरादरी ग़म में डूब गई


"إِنَّا لِلّٰهِ وَإِنَّا إِلَيْهِ رَاجِعُونَ"
अल्लाह तआला मरहूमा की मग़फ़िरत फ़रमाए, क़ब्र को जन्नत के बाग़ों में से एक बाग़ बनाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए और तमाम पसमांदगान को सब्र-ए-जमील नसीब फ़रमाए। आमीन।

नई दिल्ली / मुज़फ्फरनगर।
निहायत ही रंज-ओ-ग़म के साथ बिरादरान-ए-मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) को यह दर्दनाक इत्तिला दी जाती है कि उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर के गाँव महाददौ की मूल निवासी तथा हाल मुक़ीम मकान संख्या M-295, सुंदर नगरी, दिल्ली-110094 की रहने वाली मरहूमा अनीसा बी (उम्र तक़रीबन 50 वर्ष), अहलिया मरहूम जनाब अनवर साहब, का आज मंगलवार, 04 अगस्त 2026 की सुबह लगभग 6:00 बजे सुंदर नगरी, दिल्ली में इंतिक़ाल हो गया।

यह ख़बर इसलिए भी दिलों को और ज़्यादा अश्कबार कर देने वाली है कि मरहूमा के शौहर जनाब अनवर साहब का भी महज़ 11 माह पहले इंतिक़ाल हुआ था। अभी वह सदमा पूरी तरह कम भी न हुआ था कि आज यह दूसरा बड़ा सदमा पूरे ख़ानदान, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरी पर टूट पड़ा।

मरहूमा अपने पीछे दो साहबज़ादे, छह साहबज़ादियाँ तथा पूरा ख़ानदान, रिश्तेदार, अहबाब और चाहने वालों को ग़मज़दा छोड़कर अपने ख़ालिक़-ए-हक़ीक़ी से जा मिलीं। मरहूमा का मायका शाहपुर, ज़िला मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) में था और अपने नेक अख़लाक़, सादगी तथा ख़ुशनुमां मिज़ाज की वजह से बिरादरी में अच्छी पहचान रखती थीं।

मरहूमा की नमाज़-ए-जनाज़ा के बाद आज नमाज़-ए-असर सुंदर नगरी, दिल्ली में ही सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा। तमाम अहबाब, अज़ीज़-ओ-अक़ारिब और बिरादरान-ए-इस्लाम से गुज़ारिश है कि जनाज़े में शरीक होकर मरहूमा के लिए दुआ-ए-मग़फ़िरत फ़रमाएँ और उनके लिए ईसाल-ए-सवाब का एहतेमाम करें।

दुआ है कि अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मरहूमा की तमाम ख़ताओं से दरगुज़र फ़रमाए, क़ब्र की तंगी और वहशत को आसान फ़रमाए, मुनकर-नकीर के सवालात में कामयाबी अता फ़रमाए, हश्र के दिन अपने ख़ास करम से साया-ए-रहमत नसीब फ़रमाए और उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में अपने नेक बंदों के साथ आला मुक़ाम अता फ़रमाए। आमीन या रब्बुल आलमीन।

📌 नोट :
मय्यत के सिलसिले में किसी भी तरह की तफ़सील मालूम करने के लिए जनाब मोहम्मद नौशाद साहब (छुर वालों) से मोबाइल नंबर 9971840143 पर राब्ता किया जा सकता है।

— उत्तर प्रदेश डेस्क से प्रधान संपादक ज़मीर आलम की ख़ास रिपोर्ट
"मुल्तानी समाज"
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, पैदायशी इंजीनियर मुस्लिम मुल्तानी लोहार (बढ़ई) बिरादरी की मुल्क की इकलौती क़ौमी समाचार पत्रिका, न्यूज़ पोर्टल एवं यूट्यूब चैनल।

बिडौली में चौथी मजलिस: कर्बला के शहीदों की याद में हुई नोहाखानी, मातम और इबादत


बिडौली (शामली): मोहर्रम के अवसर पर बिडौली सादात स्थित इमाम बारगाह में चौथी मजलिस श्रद्धा, अनुशासन और अकीदत के माहौल में आयोजित की गई। देर रात तक चली इस मजलिस में कर्बला के शहीदों को याद करते हुए नोहाखानी, मजलिस और सीनाजनी की गई। बड़ी संख्या में अज़ादारों ने इसमें भाग लेकर इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानियों को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।

मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना जमन अब्बास ने कर्बला की ऐतिहासिक घटना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन की शहादत इंसानियत, न्याय, सत्य और उसूलों की रक्षा का प्रतीक है। उनके अनुसार, कर्बला का संदेश हर दौर में इंसान को हक और नाहक के बीच फर्क समझने की प्रेरणा देता है।

मौलाना ने अपने बयान में कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों का भावपूर्ण उल्लेख किया, जिसे सुनकर मौजूद अज़ादार गमगीन हो गए। मजलिस के समापन के बाद अंजुमन-ए-सज्जादिया की ओर से कर्बला के शहीदों की याद में सीनाजनी की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन पाक से हुई। इसके बाद मर्सियाखानी और नोहाखानी का सिलसिला चला, जिसमें स्थानीय अंजुमनों और अज़ादारों ने अपनी अकीदत पेश की। पूरी रात इबादत, ज़िक्र और कर्बला की याद में धार्मिक गतिविधियाँ जारी रहीं।

मजलिस की अध्यक्षता फज़ल अली उर्फ अच्छू मियां ने की। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग, उलेमा और अज़ादार उपस्थित रहे तथा शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण वातावरण में धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ।

मोहर्रम के दौरान आयोजित होने वाली ऐसी मजलिसें केवल धार्मिक परंपरा का हिस्सा ही नहीं हैं, बल्कि त्याग, धैर्य, इंसाफ और मानवता के मूल्यों को याद करने का भी अवसर प्रदान करती हैं। कर्बला का संदेश आज भी समाज को सत्य, नैतिकता और अन्याय के विरुद्ध दृढ़ रहने की प्रेरणा देता है।

— शाकिर अली, विशेष संवाददाता
समझो भारत | शामली, उत्तर प्रदेश

बिना नोटिस राशन कार्ड रद्द करना गैरकानूनी: इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पात्र परिवारों को मिली राहत

राशन कार्ड केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि लाखों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए खाद्यान्न सुरक्षा का आधार है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति का राशन कार्ड बिना पूर्व सूचना और बिना पक्ष रखने का अवसर दिए निरस्त कर दिया जाए, तो यह उसके अधिकारों पर सीधा प्रभाव डालता है। इसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि बिना नोटिस राशन कार्ड निरस्त करना कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।

क्या है पूरा मामला?

शामली जनपद के निवासी कलम सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि उनका पात्र गृहस्थी राशन कार्ड बिना किसी पूर्व सूचना के निरस्त कर दिया गया। उन्होंने अदालत को बताया कि उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और राशन कार्ड निरस्त होने के कारण आवश्यक खाद्यान्न प्राप्त करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक का राशन कार्ड बिना नोटिस जारी किए और बिना सुनवाई का अवसर दिए निरस्त करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

अदालत ने संबंधित अधिकारी द्वारा जारी निरस्तीकरण आदेश को रद्द करते हुए निर्देश दिया कि याची का पात्र गृहस्थी राशन कार्ड तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए तथा उसका नवीनीकरण भी जारी रखा जाए।

इस फैसले का क्या महत्व है?

यह निर्णय केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके राशन कार्ड बिना उचित प्रक्रिया अपनाए निरस्त किए गए हैं। न्यायालय के इस फैसले से यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि प्रशासनिक कार्रवाई करते समय संबंधित व्यक्ति को पहले सूचना देना और अपना पक्ष रखने का अवसर देना आवश्यक है।

यदि आपका राशन कार्ड भी बिना सूचना के निरस्त हो गया है

यदि किसी लाभार्थी का राशन कार्ड बिना कारण बताए या बिना नोटिस दिए निरस्त किया गया है, तो वह संबंधित विभाग के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर कानूनी उपाय भी अपनाए जा सकते हैं। हालांकि प्रत्येक मामले के तथ्य अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए उचित कानूनी सलाह लेना आवश्यक है।

निष्कर्ष

इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह फैसला प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह सिद्धांत और मजबूत होता है कि किसी भी सरकारी लाभ को समाप्त करने से पहले संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए।


लेखक: ज़मीर आलम
विशेष रिपोर्ट | समझो भारत
स्थान: शामली, उत्तर प्रदेश


21वीं बार रक्तदान कर समाजसेवी अश्वनी शर्मा ने पेश की मानवता की मिसाल, युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश

रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि यह किसी ज़रूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का माध्यम बन सकता है। जनपद शामली के हथछौया निवासी समाजसेवी एवं मेडिकल व्यवसायी अश्वनी शर्मा ने एक बार फिर मानव सेवा का परिचय देते हुए 21वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान किया। उनके इस सराहनीय कदम की क्षेत्रभर में प्रशंसा हो रही है।

मानव सेवा के प्रति समर्पित हैं अश्वनी शर्मा

प्राप्त जानकारी के अनुसार कैराना रोड स्थित अंबा ब्लड बैंक में अश्वनी शर्मा पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से रक्तदान करते आ रहे हैं। समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है।

अश्वनी शर्मा लंबे समय तक कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े रहे। वर्ष 2024 में उन्होंने अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की सदस्यता ग्रहण की। इसके अलावा वे एक किसान संगठन और कई सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर भी जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

"रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं"

रक्तदान के बाद अश्वनी शर्मा ने कहा कि रक्तदान सबसे श्रेष्ठ दान है, क्योंकि इससे किसी गंभीर मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने से उन्हें आत्मिक संतोष और असीम सुख की अनुभूति होती है।

उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक में सुरक्षित रखा गया रक्त केवल मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में देश के सैनिकों सहित अन्य ज़रूरतमंद लोगों के लिए भी उपयोगी साबित होता है। इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान अवश्य करना चाहिए।

समय-समय पर आयोजित होते हैं रक्तदान शिविर

अश्वनी शर्मा ने बताया कि उनके सहयोग से विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते रहे हैं। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले महापुरुषों की पुण्यतिथियों पर भी जनपद की विभिन्न ब्लड बैंक संस्थाओं के सहयोग से रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

समाज के लिए प्रेरणादायक पहल

आज के समय में जब रक्त की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है, ऐसे में अश्वनी शर्मा जैसे समाजसेवियों की पहल दूसरों के लिए प्रेरणा बनती है। उनका 21वीं बार रक्तदान करना यह संदेश देता है कि छोटी-सी सामाजिक जिम्मेदारी भी किसी के जीवन में नई उम्मीद जगा सकती है।

रक्तदान न केवल एक मानवीय कर्तव्य है, बल्कि समाज के प्रति हमारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। यदि प्रत्येक स्वस्थ नागरिक नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प ले, तो रक्त की कमी के कारण होने वाली कई समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

— शाकिर अली, विशेष संवाददाता
समझो भारत | शामली, उत्तर प्रदेश
📞 8010884848, 9528680561

आगरा में नई मारुति सुजुकी ब्रेज़ा की लॉन्चिंग, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने फीता काटकर किया शुभारंभ


आगरा (उत्तर प्रदेश): शहर के मारुति सुजुकी एरेना, KTL Pvt. Ltd. शोरूम में नई मारुति सुजुकी ब्रेज़ा की लॉन्चिंग समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आगरा के पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार तथा डीसीपी सैयद अली अब्बास ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर मौजूद अतिथियों और कंपनी प्रतिनिधियों ने नई एसयूवी के लॉन्च को ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में KTL Pvt. Ltd. के वाइस प्रेसिडेंट कृष्ण कुमार झा, शोरूम मैनेजर वसीम खान, मारुति सुजुकी के एरिया मैनेजर मोहित जैन, टीएसएम अमन बख्शी सहित कंपनी के अधिकारी एवं समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया गया तथा नई ब्रेज़ा के आधुनिक फीचर्स, सुरक्षा तकनीक और ग्राहकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी साझा की गई।

इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर सुरक्षा सुविधाओं से लैस वाहन उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कंपनी को नई लॉन्चिंग के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

समारोह के दौरान शोरूम में उत्साह का माहौल देखने को मिला। उपस्थित अतिथियों ने नई ब्रेज़ा का अवलोकन किया और उसके डिज़ाइन, तकनीकी विशेषताओं तथा सुविधाओं की प्रशंसा की। कार्यक्रम का समापन अतिथियों के सम्मान और सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ।

— साजिद अली, विशेष संवाददाता
समझो भारत | आगरा, उत्तर प्रदेश
📞 8010884848 | 9528680561