जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानो की गणना की कार्य प्रगति

 


जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानो की गणना की कार्य प्रगति की जांच मंडल प्रभारी जनगणना श्री अभिषेक कुमार कनौजिया द्वारा ग्राम रंजीतपुर के 03, मकानसूचीकरण ब्लॉक ग्राम. ब्रहमपुरी के 03 मकान

सूचीकरण ब्लॉकों, ग्राम के निवासीगण सोमपाल पुत्र इमरत, दयाराम देशराज आदि से भी मौके पर जानकारी ली गयी तथा ग्राम रावली के दो ब्लॉकों के डाटा की जांच की गई। उक्त ग्राम गंगा किनारे बाढ़ प्रभावित वाले ग्राम है, उक्त सभी HLB में प्रगणकों द्वारा सभी भवनों एवं जनगणना


मकान पर जनगणना नम्बर अंकित करके शामिल कर लिया गया है। नगर पालिका परिषद बिजनौर के मौ० कस्सावान की 02 HLB भी निरीक्षण किया गया। मंडल जनगणना प्रभारी द्वारा कुछ विशेष प्रश्न जैस शौचालय की उपलब्धता, LPG connection आदि डाटा का सत्यापन किया गया। सभी HLB में कार्य संतोषजनक पाया गया। उक्त निरीक्षण के दौरान जिला प्रभारी जनगणना श्री जे.पी. यादव, अधि० अधि० विकास कुमार, अवर अभियन्ता गौरव कुमार, श्री मुकेश कुमार जनगणना सहायक कलेक्ट्रेट बिजनौर एवं रजिस्ट्रार कानूनगो श्री मुकेश सिंह तथा प्रगणक एवं पर्यवेक्षक आदि उपस्थित रहें।


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Nitin Chauhan -7017912134

जिलाधिकारी ने बाढ़ सुरक्षा एवं कटाव निरोधक कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण

 


जिलाधिकारी जसजीत कौर द्वारा जनपद में संचालित बाढ़ सुरक्षा एवं कटाव निरोधक परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का  जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मिर्जापुर के समीप गंगा नदी तट पर संचालित बाढ़ एवं कटाव निरोधक कार्यों तथा यूसुफपुरदृबाकरपुर तटबंध के मरम्मत के कार्य परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी किया। ग्राम मिर्जापुर स्थित गलका मंदिर


के निकट गंगा नदी तट पर संचालित बाढ़ एवं कटाव निरोधक कार्यों के निरीक्षण के  दौरान अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि परियोजना के अंतर्गत एक नए स्टड (स्पर) का निर्माण एवं एक पुराने स्टड की मरम्मत का कार्य प्रगति पर है। परियोजना पूर्ण होने पर गलका मंदिर एवं ग्राम मिर्जापुर को गंगा नदी के कटाव तथा बाढ़ के संभावित खतरों से प्रभावी सुरक्षा प्राप्त होगी।



इसके उपरांत जिलाधिकारी ने मालन नदी पर स्थित बाकरपुरदृयूसुफपुर तटबंध के सुदृढ़ीकरण एवं संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के पूर्ण होने पर यूसुफपुर, बाकरपुर, इमामपुर सहित आसपास के अनेक ग्रामों को बाढ़ के खतरे से सुरक्षा प्राप्त होगी तथा जन-धन की संभावित क्षति को प्रभावी रूप से रोका जा सकेगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराए जाएं, ताकि बरसात के मौसम से पूर्व परियोजनाओं का लाभ आमजन को मिल सके। उन्होंने कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने मध्य गंगा बैराज पर स्थित तटबंध पर संचालित बाढ़ सुरक्षा निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रकाश में आया कि परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित स्टडों में से 3 स्टड का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने शेष कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करते हुए जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए, ताकि मानसून से पूर्व सभी सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व  देवेंद्र पाल सिंह, अधिशासी अभियंता अफजलगढ़ सिंचाई खंड, धामपुर  अवधेश कुमार शर्मा, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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बच्चों को दीनी और दुनियावी तालीम दिलाएं अभिभावक बिडौली स्थित इस्लामिया अरबिया अजमतुल उलूम के सालाना जलसे में मौजूद लोग।

बिडौली। बिडौली सादात में शुक्रवार को सालाना जलसे का आयोजन किया गया। मौलाना ने लोगों से कहा कि तालीम के बिना इंसान में जीने तथा तरक्की का सलीका नहीं आ सकता। अभिभावक अपने बच्चों को दीनी और दुनियावी तालीम दिलाएं। जलसे में 14 छात्र छात्रोंओ को कुरान पूरा करने पर पगड़ी पहनाई गई।ग्राम बिडौली सादात स्थित मदरसा इस्लामिया अरबिया अजमतुल उलूम में सालाना जलसे में 14 बच्चों ने कुरान ए पाक मुकम्मल किया, जिन्हें दस्तार बंदी की गई। कैराना से आए मौलाना इलयास ने खिताब किया कि बिना तालीम के कोई भी कौम तरक्की नहीं कर सकती। मौलाना अजीमुद्दीन ने कहा कि वह अच्छे अखलाक पेश कर अपना मजहबी फर्ज अदा करें और नशाखोरी जैसी गंभीर बुराइयों से दूर रहें। कार्यक्रम में मौलाना मौलाना इंतजार ने छात्राओं की तालीम पर जोर दिया। जलसे में मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जलसे के दौरान मनोरंजन के लिए कुल्फी  झूले जैसे आदि आइटम लगाए गए। जलसे की अध्यक्षता मौलाना अजीमुदीन, संचालन कारी आस मोहम्मद ने किया। इस मौके पर , हाफिज शाहनाज,कारी अब्दुल वाजिद, आदि ने भी जलसे को संबोधित किया। पत्रकार शाकिर आलि की खास रिपोर्ट 

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बिजनौर में विकास रथ यात्रा का शुभारंभ सरकार की योजनाएं गांव तक पहुंचेगी


 बिजनौर में विकास रथ यात्रा का शुभारंभ सरकार की योजनाएं गांव तक पहुंचेगी बिजनौर में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर विकास रथ यात्रा का शुभारंभ किया गया इस यात्रा का उद्देश्य केंद्र

सरकार की जनकल्याणकारी योजना और उपलब्धियो गांव गांव तक पहुंचना है भाजपा नेताओं ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया जो पूरे विधानसभा क्षेत्र में लोगों को योजनाओं से अवगत कराएगी इस यात्रा का उद्देश्य सरकार की जनकल्याणकारी 

योजनाओं को जनता तक पहुंचना है जनप्रतिनिधियों ने दिखाई हरी झंडी कार्यक्रम की शुरुआत सदर विधायक ऐश्वर्या मौसम चौधरी सूची चौधरी


भाजपा जिला अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान ने की रथ यात्रा कैंप कार्यालय से रवाना हुई इस यात्रा के माध्यम से केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूकता बढ़ाने

और अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है यह रथ यात्रा शहर से होती हुई गांव-गांव तक जाएगी और मोदी सरकार के विकास के बारे में बताएंगी।

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Nitin Chauhan -7017912134

शामली में धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद गहराया, स्वामी यशवीर महाराज ने उठाए सवाल; पुलिस कर रही मामले की जांच

शामली/मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)। शामली जनपद में एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस विषय को लेकर बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने सार्वजनिक रूप से अपनी चिंताएं और आरोप सामने रखे हैं। वहीं दूसरी ओर संबंधित परिवार और पुलिस प्रशासन ने मामले को लेकर अपना पक्ष भी रखा है, जिसके चलते यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

स्वामी यशवीर महाराज द्वारा जारी वीडियो संदेश और लिखित बयान में दावा किया गया है कि शामली नगर के एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार के सदस्य का धर्म परिवर्तन कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया स्वेच्छा से नहीं बल्कि कथित दबाव और ब्लैकमेलिंग के माध्यम से हुई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

स्वामी यशवीर महाराज ने यह भी आशंका जताई कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की गहन जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने पर विचार करेंगे।

हालांकि, मामले में पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के अनुसार तस्वीर कुछ अलग दिखाई देती है। शामली के थाना प्रभारी सचिन शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान संबंधित युवक आयुष मलिक ने पुलिस को बताया कि उसका इस्लाम धर्म की ओर झुकाव था और उसने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया है।

वहीं युवक के पिता देवराज मलिक ने परिवार के धर्म परिवर्तन संबंधी दावों का खंडन किया है। उनका कहना है कि वे स्वयं हिंदू धर्म का पालन करते हैं और हाल ही में विभिन्न हिंदू धार्मिक स्थलों की यात्रा भी कर चुके हैं। उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कुछ तस्वीरें और अन्य जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मामलों में कानून, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द—तीनों पहलुओं को संतुलित रूप से देखना आवश्यक है। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद का धर्म अपनाने और उसका पालन करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है, वहीं किसी प्रकार के अवैध दबाव, प्रलोभन या जबरदस्ती की शिकायत होने पर जांच और कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है।

फिलहाल यह मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा। ऐसे में सभी पक्षों के दावों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

(नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच जारी है और किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है।)

— ज़मीर आलम
विशेष संवाददाता, समझो भारत
शामली, उत्तर प्रदेश

शामली धर्मांतरण प्रकरण में सीजेएम कोर्ट ने एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले की जांच एसआईटी द्वारा जारी है और अगली कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और जांच की प्रक्रिया जारी

शामली, उत्तर प्रदेश।

जनपद शामली में चर्चित धर्मांतरण प्रकरण से जुड़े मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने एक आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद बचाव पक्ष द्वारा उच्च न्यायालयीन स्तर पर राहत के लिए अगली कानूनी प्रक्रिया अपनाने की तैयारी की जा रही है।

जानकारी के अनुसार यह मामला शामली शहर स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने अपने पुत्र के कथित धर्म परिवर्तन को लेकर कुछ व्यक्तियों के विरुद्ध आरोप लगाए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस कार्रवाई के दौरान मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसके बाद उनकी ओर से सीजेएम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। सुनवाई के बाद अदालत ने फिलहाल जमानत देने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।

कानूनी सूत्रों के अनुसार अब बचाव पक्ष जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहा है। मामले से जुड़े अधिवक्ता ने भी संकेत दिए हैं कि अगला कानूनी कदम शीघ्र उठाया जाएगा।

उधर पुलिस प्रशासन द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार जांच का दायरा व्यापक रखा गया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले में कुछ अन्य नामजद अथवा संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।

इस बीच क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग भी जांच पूरी होने और अदालत के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय किया जाता है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित पक्षों की ओर से कानूनी कार्रवाई अपने-अपने स्तर पर आगे बढ़ाई जा रही है।

नोट: इस मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायालय और जांच एजेंसियों द्वारा की जाने वाली प्रक्रिया के बाद ही होगा।

— ज़मीर आलम
विशेष संवाददाता
"समझो भारत" राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल

शामली को नफरत नहीं, अमन चाहिए: एक खुले पत्र ने उठाए शांति, सुरक्षा और सौहार्द के सवाल

उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में हाल के दिनों में विभिन्न घटनाओं और चर्चाओं के बीच सामाजिक सौहार्द, कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। इसी क्रम में स्थानीय अधिवक्ता इफ्तिखार अहमद साबरी द्वारा जिला प्रशासन के नाम एक खुला पत्र सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने जिले में शांति और आपसी विश्वास बनाए रखने की अपील की है।

खुले पत्र में लेखक ने शामली की उस पहचान का उल्लेख किया है, जिसे वर्षों से गंगा-जमुनी तहज़ीब, भाईचारे और सामाजिक एकता के लिए जाना जाता रहा है। पत्र में कहा गया है कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में विचारों और मतों का अंतर स्वाभाविक है, लेकिन ऐसे हालात नहीं बनने चाहिए जिनसे समाज में भय, तनाव या अविश्वास का माहौल पैदा हो।

पत्र में प्रशासन से यह अपेक्षा व्यक्त की गई है कि सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली उन सामग्रियों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए, जिनसे किसी भी समुदाय, व्यक्ति या संस्था के प्रति तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका हो सकती है। लेखक का मानना है कि कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से सुनिश्चित होना चाहिए और किसी भी प्रकार की कार्रवाई निष्पक्षता के आधार पर होनी चाहिए।

खुले पत्र में क्षेत्र की सांसद इकरा हसन के प्रति सार्वजनिक विमर्श में गरिमा और मर्यादा बनाए रखने की भी बात कही गई है। पत्र के अनुसार लोकतंत्र में राजनीतिक असहमति स्वाभाविक है, लेकिन संवाद की भाषा हमेशा सम्मानजनक होनी चाहिए।

इसके साथ ही पत्र में चिकित्सक डॉ. खुर्शीद अनवर, उनके परिवार तथा उनके चिकित्सा संस्थान की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है। लेखक ने कहा है कि अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थान ऐसे स्थान होते हैं जहाँ मरीजों का उपचार सर्वोच्च प्राथमिकता होती है, इसलिए किसी भी प्रकार का तनावपूर्ण माहौल सीधे तौर पर मरीजों और उनके परिजनों को प्रभावित कर सकता है।

खुले पत्र के माध्यम से प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ तथा सभी नागरिकों को यह भरोसा दिलाया जाए कि उनकी सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र ने एक महत्वपूर्ण संदेश देने का प्रयास किया है—कि किसी भी समाज की असली ताकत उसकी विविधता, आपसी विश्वास और संवाद की संस्कृति में निहित होती है। चाहे विचार अलग-अलग हों, लेकिन कानून, संविधान और सामाजिक सद्भाव सभी नागरिकों के साझा आधार होने चाहिए।

आज जब समाज के सामने अनेक चुनौतियाँ हैं, तब आवश्यकता किसी की जीत या हार की नहीं, बल्कि ऐसे माहौल की है जहाँ हर नागरिक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और स्वतंत्र महसूस कर सके। शामली सहित पूरे देश में शांति, भाईचारा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा ही एक मजबूत और समृद्ध समाज की पहचान है।

— ज़मीर आलम
विशेष संवाददाता
राष्ट्रीय समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल "समझो भारत"