दिल्ली सरकार की फिटनेस ट्रेनिंग को हज यात्रियों की भरपूर सराहना

नई दिल्ली। हज यात्रा जैसे लंबे और कठिन धार्मिक सफ़र के लिए शारीरिक फिटनेस कितनी ज़रूरी है, इसे ध्यान में रखते हुए की द्वारा इस वर्ष भी विशेष फिटनेस ट्रेनिंग सत्रों का आयोजन किया गया। पूर्व वर्षों की तरह इस बार भी इन सत्रों का उद्देश्य हज यात्रियों को शारीरिक रूप से सक्षम, ऊर्जावान और स्वस्थ बनाना रहा।

इस फिटनेस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त फिटनेस एक्सरसाइज शोधकर्ता प्रोफेसर (डॉ.) बी. इस्लाम कैरानवी और भारत सरकार से प्रमाणित हेल्थ एंड फिटनेस ट्रेनर कौसर साहिबा ने हज यात्रियों को प्रशिक्षण दिया। आज आयोजित सत्र को हज यात्रियों ने बेहद उपयोगी और प्रभावशाली बताया।

वैज्ञानिक रिसर्च पर आधारित एक्सरसाइज

प्रशिक्षण के दौरान जिन एक्सरसाइज को सिखाया गया, वे साधारण होते हुए भी अत्यंत लाभकारी रहीं। बताया गया कि इन एक्सरसाइज को लगभग 50 वर्षों की निरंतर रिसर्च, 101 करोड़ रुपये की लागत और 35 लाख से अधिक लोगों पर व्यावहारिक परीक्षण के बाद वैज्ञानिक रूप से विकसित किया गया है, जिसमें भारत सरकार की भी अहम भूमिका रही है।

खासतौर पर शरीर की प्राण-शक्ति बढ़ाने, सुस्ती और कमजोरी दूर करने, तथा फेफड़ों को मजबूत और स्वस्थ रखने वाली श्वसन आधारित एक्सरसाइज ने हज यात्रियों को गहराई से प्रभावित किया। यात्रियों का कहना है कि इन अभ्यासों से न सिर्फ शारीरिक ताकत बढ़ती है, बल्कि मानसिक सुकून भी मिलता है, जो हज यात्रा के दौरान बेहद आवश्यक है।

आयोजन की सराहना

इस फिटनेस कार्यशाला के आयोजन का श्रेय एग्जीक्यूटिव हज कमेटी के श्री अशफाक अहमद आरफी साहब को दिया जा रहा है। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में डिप्टी सेक्रेटरी श्री मोहसिन अली और उनकी टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

3,000 हज यात्रियों को मिलेगा प्रशिक्षण

इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन दिल्ली के विभिन्न जिलों से लगभग 200 से 250 महिला एवं पुरुष हज यात्रियों को फिटनेस ट्रेनिंग दी जाएगी। कुल मिलाकर 17 फरवरी तक लगभग 3,000 हज यात्रियों को प्रशिक्षण देने की योजना है।

यह पहल न केवल हज यात्रियों के स्वास्थ्य की दिशा में एक सराहनीय कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि दिल्ली सरकार और हज कमेटी यात्रियों की सुविधा और सेहत को लेकर कितनी गंभीर है।


“समझो भारत” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए दिल्ली से विशेष रिपोर्ट
✍️ पत्रकार: ज़मीर आलम

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🌸 सर्व हितकारी कन्या इंटर कॉलेज गढ़ी पुख़्ता में भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन

गढ़ी पुख़्ता (जनपद शामली, उत्तर प्रदेश)। सर्व हितकारी कन्या इंटर कॉलेज, गढ़ी पुख़्ता के प्रांगण में कक्षा 12वीं की छात्राओं के सम्मान में एक भव्य एवं भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन अत्यंत उल्लासपूर्ण वातावरण में किया गया। विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगी सजावट से सुसज्जित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और आकर्षण और भी बढ़ गया।

यह समारोह उन छात्राओं के लिए आयोजित किया गया, जिन्होंने विद्यालय से कक्षा 12वीं की शिक्षा पूर्ण कर अपने जीवन के नए अध्याय की ओर कदम बढ़ाया है। विदाई का यह अवसर छात्राओं के लिए न केवल भावनात्मक रहा, बल्कि जीवन भर संजोकर रखने वाला एक यादगार पल भी बन गया।

🪔 दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रबंधक श्री नरेश कुमार सैनी, अध्यक्ष श्री नीरज कुमार जैन, प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता सैनी एवं समस्त विद्यालय स्टाफ द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ की गई।

🌺 कक्षा 11 की छात्राओं ने दी भावभीनी विदाई

इसके पश्चात कक्षा 11 की छात्राओं ने कक्षा 12वीं की छात्राओं का तिलक लगाकर एवं पुष्प भेंट कर सम्मान किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कक्षा 11 की छात्राओं ने अपने सीनियर्स के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि—

“आपका मार्गदर्शन, अनुशासन और सहयोग हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा। आपकी दी हुई सीखें हमारे भविष्य को उज्जवल बनाएंगी।”

🎁 स्मृति चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएं

विदाई समारोह के अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता सैनी ने सभी छात्राओं को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए स्मृति चिन्ह भेंट किए। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में छात्राओं को आत्मविश्वास, परिश्रम और संस्कारों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

💖 यादगार पलों के साथ हुआ समापन

समारोह के दौरान भावनाओं से भरे इस माहौल में छात्राओं, शिक्षकों एवं स्टाफ ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और साथ बिताए पलों को याद करते हुए अनेक अविस्मरणीय स्मृतियां संजोईं


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बजट जनकल्याण और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम : मोहित बेनीवाल

शामली, उत्तर प्रदेश। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) ने केंद्र/राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट का स्वागत करते हुए इसे जनकल्याण, विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी कदम बताया है।

मोहित बेनीवाल ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का स्पष्ट और प्रभावी फोकस दिखाई देता है, जो समाज के हर वर्ग के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।

उन्होंने आगे कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, सड़क, बिजली, पानी, डिजिटल सुविधाओं और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप और स्वरोजगार को प्रोत्साहन देना इस बजट की बड़ी और सराहनीय विशेषता है।

एमएलसी मोहित बेनीवाल ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व को दर्शाता है, जिसमें अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का संकल्प स्पष्ट रूप से झलकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस बजट से प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंचेगा।

अंत में मोहित बेनीवाल ने बजट के लिए प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि की सरकार निरंतर जनहित में कार्य कर रही है और यह बजट उसी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है।


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गुरु रविदास जयंती पर सामाजिक समरसता और एकता का संदेश, विभिन्न संगठनों की सक्रिय सहभागिता

शामली / सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जयंती उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ बड़े ही धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गुरु रविदास महाराज के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

गुरु रविदास मंदिर, शामली में भव्य आयोजन

शामली नगर में रेलवे फाटक के समीप स्थित गुरु रविदास मंदिर में जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी के के जिला अध्यक्ष अपने कार्यकर्ताओं के साथ मंदिर पहुंचे। सभी ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शीश झुकाया और आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर गुरु रविदास समिति के अध्यक्ष , सचिव सहित बड़ी संख्या में आदि समाज के लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने गुरु रविदास महाराज को सामाजिक समानता, भक्ति आंदोलन और मानवता के महान प्रतीक के रूप में स्मरण किया।

सहारनपुर में सनातन रक्षक परिषद, भारत की सक्रिय भूमिका

वहीं दूसरी ओर, सहारनपुर के नगर पंचायत छुटमलपुर से के कार्यकर्ताओं ने 1 फरवरी 2026 को आयोजित संत शिरोमणि रविदास जयंती समारोहों में सक्रिय सहभागिता निभाई। यह कार्यक्रम के राष्ट्रीय महामंत्री के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर सुधांशु वत्स ने कहा कि गुरु रविदास जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का पवित्र अवसर है। उन्होंने सभी जातियों को जातिगत भेदभाव भूलकर एक मंच पर आने का आह्वान किया और कहा कि “हम सभी सनातनी हैं, जाति-पात से ऊपर उठकर ही सनातन धर्म की रक्षा संभव है।”
उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों, बच्चों में मोबाइल की बढ़ती लत, और राष्ट्र के प्रति सच्ची देशभक्ति जागृत करने जैसे विषयों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रदेश उपाध्यक्ष , प्रदेश प्रवक्ता , प्रदेश मंत्री , जिला महामंत्री एवं जिला अध्यक्ष ने भी अपने विचार रखे।
सभी वक्ताओं ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के आदर्शों को अपनाने को ही सच्ची जयंती बताया।

एक संदेश, एक उद्देश्य

दोनों आयोजनों में यही संदेश प्रमुख रहा कि ना कोई छोटा है, ना कोई बड़ा—संत रविदास महाराज के दिखाए मार्ग पर चलकर ही समाज में समानता, भाईचारा और एकता को मजबूत किया जा सकता है।


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🚨 बाइक का चालान काटा तो पुलिस चौकी की बिजली काटी!शामली में अनोखा मामला: रातभर अंधेरे में रही पुलिस चौकी, 2000 के चालान से भड़का लाइनमैन

उत्तर प्रदेश के जनपद से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ यातायात नियमों का पालन कराने की कार्रवाई उलटी पुलिस पर ही भारी पड़ गई। मामला क्षेत्र की बिडोली पुलिस चौकी से जुड़ा है, जहाँ पूरी रात पुलिसकर्मी अंधेरे में काम करने को मजबूर रहे।

क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि विद्युत विभाग में तैनात लाइनमैन आशु की बाइक का एक ही दिन में दो बार चालान काटा गया। प्रत्येक चालान 1000 रुपये का था। कुल 2000 रुपये के चालान से नाराज़ लाइनमैन ने जब मामले की पड़ताल की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया।

जांच में पता चला कि बिडोली पुलिस चौकी पर बिना वैध बिजली कनेक्शन के विद्युत आपूर्ति का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके बाद लाइनमैन आशु ने नियमों के तहत तुरंत कार्रवाई करते हुए चौकी की बिजली लाइन काट दी।

मिन्नतें भी नहीं आईं काम

बिजली कटते ही पुलिस चौकी में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मियों ने काफी निवेदन किया, लेकिन लाइनमैन ने साफ इनकार कर दिया और कहा कि जब तक वैध कनेक्शन नहीं लिया जाता, बिजली बहाल नहीं होगी।

बिजली आपूर्ति बाधित होने से चौकी का सारा कामकाज ठप हो गया। कंप्यूटर, लाइट, पंखे—सब बंद। पूरी रात पुलिसकर्मी अंधेरे में ड्यूटी निभाते रहे।

अब नया कनेक्शन लेने की तैयारी

मामले के बाद पुलिस विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही वैध कनेक्शन मिलने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

यह घटना न सिर्फ सिस्टम की खामियों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि नियम सबके लिए बराबर हैं—चाहे आम नागरिक हो या पुलिस चौकी।


📌 विशेष रिपोर्ट: शौकीन सिद्दीकी
📍 स्थान: बिडोली, शामली, उत्तर प्रदेश
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मत्स्य विभाग के पंजीकरण कैंप से ग्रामीणों को मिला सीधा लाभ

बिड़ौली/झिंझाना (शामली)। ग्रामीण स्तर पर सरकारी योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में शनिवार को गांव झिमरान बिड़ौली में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। ग्राम प्रधान कपिल के आवास पर मत्स्य विभाग पालक कल्याण कोष की ओर से पंजीकरण कैंप आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मत्स्य पालकों और किसानों ने हिस्सा लिया।

कैंप में मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक विकास अभिकरण सहजाद अहमद, योगेंद्र सिंह (फिशरमैन), वीएलई शाकिर अली, नासिर अली और राजीव कुमार ने उपस्थित लोगों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पंजीकरण की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग किया।

सरकारी योजनाओं की मिली विस्तृत जानकारी

अधिकारियों ने भारत सरकार द्वारा संचालित मत्स्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। विशेष रूप से प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि योजना के तहत एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकरण, जलीय कृषि बीमा (मत्स्य बीमा), प्रशिक्षण तथा ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। इससे मत्स्य पालकों को आर्थिक सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

50 से अधिक लोगों ने कराया पंजीकरण

शिविर के दौरान मत्स्य पालन से जुड़े किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाया। करीब 50 लोगों का पंजीकरण सफलतापूर्वक कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक, पट्टे पर आबंटित तालाब का शर्तनामा, मत्स्य बीज क्रय की रसीद तथा निजी तालाब के लिए खतौनी जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

यह पंजीकरण कैंप न केवल योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित हुआ। मत्स्य पालकों ने कैंप की व्यवस्था और अधिकारियों के सहयोग की सराहना की।

“समझो भारत” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए शामली, उत्तर प्रदेश से पत्रकार शाकिर अली की खास रिपोर्ट

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बजट 2026-27: किसानों और अधिवक्ताओं के लिए उम्मीद नहीं, निराशा— अधिवक्ता की प्रतिक्रिया पर आधारित विश्लेषण

केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को लेकर देश के कई वर्गों में असंतोष दिखाई दे रहा है। खासकर किसानों और अधिवक्ताओं के लिए यह बजट उम्मीदों पर खरा उतरता नजर नहीं आता। अधिवक्ता सन्नी निर्वाल के अनुसार, यह बजट बड़े-बड़े दावों और आंकड़ों तक सीमित रहा, जबकि ज़मीनी हकीकत से जुड़ी समस्याओं पर सरकार की गंभीरता दिखाई नहीं दी।

किसानों के हिस्से आई मायूसी

किसान वर्ग के लिए इस बजट में सबसे बड़ी निराशा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर किसी भी तरह की कानूनी गारंटी का न होना है। इसके साथ ही PM-Kisan योजना की राशि में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।
डीज़ल, खाद और बिजली जैसे जरूरी इनपुट्स पर कोई ठोस राहत न मिलने से किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। सरकार ने योजनाओं की घोषणा तो की, लेकिन आय बढ़ाने और वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आया।

अधिवक्ता वर्ग की अनदेखी

न्याय व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले अधिवक्ता वर्ग को भी इस बजट में पूरी तरह उपेक्षित रखा गया।

  • सामाजिक सुरक्षा योजना
  • स्वास्थ्य बीमा
  • पेंशन व्यवस्था
  • और न ही चैंबर, लाइब्रेरी या न्यायिक ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए कोई विशेष प्रावधान

कोविड काल में सबसे अधिक प्रभावित हुए अधिवक्ताओं की आर्थिक और पेशेवर समस्याओं को इस बजट में लगभग नजरअंदाज कर दिया गया।

न्याय व्यवस्था पर भी चुप्पी

न्यायालयों में बढ़ते लंबित मामलों, अधिवक्ताओं की आर्थिक असुरक्षा और आम नागरिक की न्याय तक पहुंच जैसे गंभीर मुद्दों पर भी बजट में कोई ठोस सोच दिखाई नहीं देती। यह स्थिति न केवल अधिवक्ताओं बल्कि पूरे न्यायिक तंत्र के लिए चिंता का विषय है।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 किसानों और अधिवक्ताओं—दोनों के लिए आशा की जगह निराशा लेकर आया है। अधिवक्ता सन्नी निर्वाल का मानना है कि सरकार को इन वर्गों की वास्तविक समस्याओं को समझते हुए अपने निर्णयों पर पुनर्विचार करना चाहिए, ताकि नीतियां केवल कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि ज़मीनी स्तर पर भी असर दिखे।



शामली, उत्तर प्रदेश से
पत्रकार: सुरेन्द्र सिंह निर्वाल
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