शामली में तिरंगे की शान में निकली भव्य पदयात्रा, राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा शहर

शामली। स्वतंत्रता दिवस के उत्साह और राष्ट्रप्रेम की भावना के बीच शामली शहर में ‘हर घर तिरंगा’ पदयात्रा का भव्य आयोजन किया गया। हाथों में लहराते तिरंगे, देशभक्ति के नारों और बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने शहर के माहौल को पूरी तरह राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।

पदयात्रा का शुभारंभ प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री श्री दिनेश खटीक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष/एमएलसी श्री मोहित बेनीवाल ने संयुक्त रूप से किया। यात्रा वीवी इंटर कॉलेज से शुरू हुई और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वर्मा मार्केट, शिव चौक तथा भिक्की मोड़ से गुजरकर विश्वकर्मा पार्क पहुंची, जहां पदयात्रा का समापन हुआ।

यात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं के साथ आम नागरिक भी तिरंगा हाथों में लेकर शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने देशभक्ति के नारों के साथ भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया। इस दौरान तिरंगे के प्रति लोगों का उत्साह और जुड़ाव साफ दिखाई दिया।

तिरंगा केवल ध्वज नहीं, हमारी राष्ट्रीय पहचान है : मोहित बेनीवाल

प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी श्री मोहित बेनीवाल ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को केवल एक आयोजन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह अभियान लोगों को अपने देश, उसकी स्वतंत्रता और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों से जोड़ने का एक माध्यम है।

उन्होंने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के लिए सम्मान और गौरव का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के साथ आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपने घरों पर तिरंगा फहराकर अभियान में सहभागी बनने की अपील की।

वीरों के बलिदान को याद करने का अवसर : दिनेश खटीक

प्रभारी मंत्री श्री दिनेश खटीक ने कहा कि तिरंगा देश की एकता और अखंडता के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा देश के वीर सैनिकों के त्याग और बलिदान की याद दिलाता है।

उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से देशभर में राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूती मिल रही है। हम सभी का दायित्व है कि देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों को याद करें तथा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लें।

बड़ी संख्या में जुटे पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता

पदयात्रा में एमएलसी श्री वीरेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष श्री रामजी लाल, श्री अभय तोमर, श्री कपिल पंवार, श्री अमित विश्वकर्मा, श्री वरुण मलिक और श्री अंकित गोयल सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शामली की सड़कों पर निकली इस पदयात्रा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय पर्व केवल कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और भावनाओं को याद करने का अवसर भी हैं। हाथों में तिरंगा लिए लोगों की भागीदारी ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को शहर में एक जनभागीदारी वाले उत्सव का रूप दे दिया।

समझो भारत की खास रिपोर्ट:

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल ‘समझो भारत’ के लिए शामली, उत्तर प्रदेश से पत्रकार सुरेन्द्र सिंह निर्वाल की खास रिपोर्ट।

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51 वर्षों से शिक्षा की अलख जगा रहीं श्याम लता मित्तल सम्मानित

बिड़ौली/झिंझाना। कस्बे में शिक्षा के क्षेत्र में पांच दशक से अधिक समय से योगदान दे रहीं वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती श्याम लता मित्तल को बुधवार को पत्रकारों ने उनके शिक्षण संस्थान पहुंचकर स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके शिक्षा के क्षेत्र में किए गए अतुलनीय योगदान की सराहना की गई।
श्रीमती श्याम लता मित्तल ने वर्ष 1970 में नेहरू शिशु निकेतन की स्थापना की थी। वर्ष 1971 में विद्यालय को मान्यता मिली। उन्होंने कस्बे में पहला मोंटेसरी स्कूल स्थापित कर शिक्षा की मजबूत नींव रखी। विद्यालय में आज तीसरी पीढ़ी के बच्चे भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
बीटीसी, बीएड और डबल एमए की उपाधि प्राप्त श्रीमती मित्तल ने 16 वर्षों तक सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दीं और प्रधानाध्यापिका पद से सेवानिवृत्त हुईं। सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा के प्रति उनका समर्पण जारी है। वह आज भी विद्यालय में सक्रिय रहकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सीखने की ललक आज भी उसी तरह बनी हुई है, जैसी शिक्षा की विभिन्न डिग्रियां हासिल करने के दौरान थी।
वर्तमान में उनके पुत्र राहुल गुप्ता प्रधानाध्यापक के रूप में विद्यालय का संचालन कर रहे हैं और संस्था की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
हरियाणा हज कमेटी के पूर्व कोऑर्डिनेटर एवं कस्बा निवासी खुर्शीद आलम ने पत्रकार साथियों के साथ विद्यालय पहुंचकर श्रीमती मित्तल को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है। ऐसे समर्पित शिक्षकों का सम्मान नई पीढ़ी को शिक्षा के प्रति प्रेरित करता है।
इस दौरान पत्रकार प्रेम चंद वर्मा, राकेश कुमार वर्मा, योगेश चौहान, रवि गहलोत, हारुन सैफी, मेहरबान कुरैशी, सन्नी सैनी, तनवीर सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। समझो भारत से शाकिर अली की ख़ास रिपोर्ट 
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तीज के रंग में रंगा शामली, पूजा अग्रवाल बनीं ‘तीज क्वीन’; सिटी ग्रीन्स में महिलाओं ने जमकर बांधा समां


शामली। सावन की हरियाली, पारंपरिक परिधान और तीज के गीतों की मधुर धुन… शामली के सिटी ग्रीन्स में सोमवार को कुछ ऐसा ही खुशनुमा नजारा देखने को मिला। भारत विकास परिषद अमृत शाखा, शामली की ओर से आयोजित तीज उत्सव में महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और गीत-संगीत, खेलों तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए पर्व की खुशियों को साझा किया।

कार्यक्रम में महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने जहां अपनी संस्कृति और परंपरा की खूबसूरती को सामने रखा, वहीं मनोरंजक गतिविधियों ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया।

अतिथियों ने बढ़ाया महिलाओं का उत्साह

तीज उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में अनुराधा संगल उपस्थित रहीं। वहीं जिला महिला सहभागिता प्रमुख मानसी गोयल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए सभी महिलाओं को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति से जुड़े पर्व केवल उत्सव का अवसर नहीं होते, बल्कि इनके माध्यम से परिवार और समाज में आपसी जुड़ाव, प्रेम और सौहार्द भी मजबूत होता है।

‘तीज क्वीन’ प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण ‘तीज क्वीन’ प्रतियोगिता रही। प्रतियोगिता में महिलाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधान, व्यक्तित्व, प्रस्तुति और प्रतिभा के आधार पर प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी खास छाप छोड़ी।

प्रतियोगिता के बाद पूजा अग्रवाल को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘तीज क्वीन’ चुना गया। उन्हें ताज पहनाकर सम्मानित किया गया। जैसे ही पूजा अग्रवाल के नाम की घोषणा हुई, उपस्थित महिलाओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।

चहक और दिव्या ने अपनी प्रस्तुति से बांधा समां

कार्यक्रम का संचालन चहक कुच्छल एवं दिव्या गर्ग ने किया। दोनों ने अपने आत्मविश्वास, मनोरंजक अंदाज और शानदार प्रस्तुति से पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा।

उनकी एंकरिंग के दौरान कार्यक्रम में लगातार हंसी-खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा। उपस्थित सदस्यों ने भी दोनों के संचालन की सराहना की।

गीत-संगीत और खेलों में महिलाओं ने लिया हिस्सा

तीज उत्सव में महिमा जैन, पूजा गोयल, शिल्पा गर्ग, अदिति गुप्ता, खुशबू, तनु, आकांक्षा कुच्छल और शिप्रा कुच्छल सहित परिषद परिवार की अन्य सदस्य मौजूद रहीं।

महिलाओं ने विभिन्न खेलों और प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। गीत-संगीत के साथ-साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनंद लिया गया। पूरे आयोजन के दौरान सिटी ग्रीन्स में उत्सव जैसा माहौल नजर आया।

संस्कृति से जुड़ने का सुंदर अवसर

कार्यक्रम के दौरान तीज जैसे पारंपरिक पर्वों के सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी जड़ों और भारतीय संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ आपसी मेल-जोल को भी बढ़ावा देते हैं।

उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की व्यस्तता के बीच पारंपरिक पर्वों का सामूहिक आयोजन लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का काम करता है। खासतौर पर महिलाओं के लिए ऐसे कार्यक्रम अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को सामने रखने का एक अच्छा मंच साबित होते हैं।

खुशी और उल्लास के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंत में भारत विकास परिषद अमृत शाखा की ओर से मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, प्रतिभागियों और परिषद परिवार के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया गया।

हंसी-खुशी, गीत-संगीत और तीज की उमंग के बीच कार्यक्रम का समापन हुआ। सिटी ग्रीन्स में आयोजित यह उत्सव उपस्थित महिलाओं के लिए यादगार बन गया और सभी अपने साथ तीज की खूबसूरत यादें लेकर लौटे।


खास रिपोर्ट:
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल “समझो भारत” के लिए शामली, उत्तर प्रदेश से ब्यूरो चीफ शौकिन सिद्दीकी के साथ कैमरामैन रामकुमार चौहान की विशेष रिपोर्ट।

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हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा बनत, शिवभक्त कांवड़ियों पर नगर पंचायत ने की पुष्पवर्षा

बनत/शामली। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा अपने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जारी है। रविवार को बनत नगर में उस समय भक्तिमय माहौल बन गया, जब श्री गौमुख और हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे शिवभक्त कांवड़ियों का नगर पंचायत बनत की ओर से स्वागत किया गया। नगर पंचायत कार्यालय के सामने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया।

कांवड़ियों के जत्थे जैसे ही नगर पंचायत कार्यालय के सामने पहुंचे, वातावरण “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंज उठा। फूलों की वर्षा के बीच कांवड़ लेकर आगे बढ़ते शिवभक्तों के चेहरों पर उत्साह और आस्था साफ नजर आई।

फूलों से हुआ शिवभक्तों का स्वागत

नगर पंचायत बनत की ओर से कांवड़ियों के सम्मान के लिए विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कांवड़ियों के गुजरने के दौरान उन पर पुष्पवर्षा की गई और उनकी यात्रा के सकुशल एवं मंगलमय पूर्ण होने की कामना की गई।

इस दौरान नगर पंचायत से जुड़े जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया। श्रद्धा और उत्साह से भरे इस माहौल में स्थानीय लोगों की भागीदारी भी देखने को मिली।

सेवा और श्रद्धा का नजर आया सुंदर संगम

कांवड़ यात्रा के दौरान जगह-जगह शिवभक्तों के स्वागत और सेवा के लिए लोग आगे आ रहे हैं। बनत में नगर पंचायत की ओर से किया गया यह स्वागत भी इसी सेवा भावना की एक झलक रहा।

पुष्पवर्षा के दौरान कांवड़ियों के जत्थे अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे और उनके जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक यात्राओं के दौरान श्रद्धालुओं का सम्मान और सहयोग समाज में आपसी सद्भाव तथा भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।

कांवड़ियों में दिखा गजब का उत्साह

गौमुख और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों में भगवान भोलेनाथ के प्रति गहरी आस्था और उत्साह दिखाई दिया। लंबी यात्रा के बावजूद कांवड़ियों का जोश कम नहीं था। नगर पंचायत कार्यालय के सामने स्वागत के दौरान उन्होंने भी हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे लगाए।

श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के बीच बनत में हुआ यह स्वागत कार्यक्रम श्रद्धा, सेवा और सम्मान की भावना को सामने लाता नजर आया।

ये लोग रहे मौजूद

स्वागत कार्यक्रम में चेयरमैन प्रतिनिधि धर्मवीर सिंह, वरिष्ठ लिपिक ओम सिंह कश्यप, सभासद प्रतिनिधि प्रशांत चौहान, कृष्णा कुमार, सभासद योगेंद्र शर्मा, अजय कुमार, कल्लू, अमरेश देवी और बीरपाल सिंह सहित नगर पंचायत बनत के अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।


समझो भारत की खास रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल “समझो भारत” के लिए शामली, उत्तर प्रदेश से ब्यूरो चीफ शौकिन सिद्दीकी के साथ कैमरामैन रामकुमार चौहान की खास रिपोर्ट।

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बोल बम के जयकारों से गूंजा झिमरान-बिड़ौली, रिमझिम बारिश में भी नहीं डिगी शिवभक्तों की आस्था

बिड़ौली/झिंझाना, शामली। सावन का महीना हो और सड़कों पर कांवड़ियों की टोली दिखाई न दे, ऐसा भला कैसे हो सकता है। शनिवार को रिमझिम बारिश के बीच भी शिवभक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों के ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से झिमरान-बिड़ौली क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय नजर आया।

मेरठ-करनाल हाईवे पर स्थित बिड़ौली झिमरान गांव के पास एक कांवड़ सेवा शिविर लगाया गया था। यहां से गुजरने वाले शिवभक्तों के लिए सेवा और विश्राम की व्यवस्था की गई। बारिश के बावजूद कांवड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ। कई शिवभक्त नंगे पैर अपनी यात्रा पूरी करते हुए दिखाई दिए, जबकि उनके साथ चल रहे साथी लगातार बोल बम के जयकारे लगाकर वातावरण में श्रद्धा का रंग भर रहे थे।

बारिश के बीच भी जारी रही कांवड़ यात्रा

सावन की रिमझिम फुहारें कांवड़ियों के कदम रोक नहीं सकीं। गंगाजल से भरी कांवड़ को कंधे पर उठाए शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। किसी के चेहरे पर थकान दिखाई दी तो किसी के चेहरे पर लंबी यात्रा पूरी करने का उत्साह साफ नजर आया।

कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे से गुजरने वाले शिवभक्तों के लिए लगाए गए सेवा शिविर में आराम, फल, भोजन, चिकित्सा सुविधा, गर्म पानी, चाय और प्रसाद जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। सेवा शिविर में कुछ समय रुककर कांवड़ियों ने आराम किया और फिर अपनी यात्रा आगे बढ़ाई।

सेवा शिविर में दिखाई दी सेवा और श्रद्धा की मिसाल

कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि इस दौरान जगह-जगह लगने वाले सेवा शिविर भी लोगों के बीच सहयोग और सेवा की भावना को सामने लाते हैं। बिड़ौली झिमरान में लगाए गए शिविर में भी कांवड़ियों की सुविधा का ध्यान रखा गया।

शिविर के दौरान गुलाब सिंह, फूल सिंह, नारायण सिंह, सुक्खा सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे और कांवड़ियों की सेवा में सहयोग करते दिखाई दिए।

हाईवे से गुजरते हर कांवड़िए के साथ गूंजता ‘बोल बम’ का जयघोष आसपास के माहौल को भक्तिमय बना रहा था। बारिश में भी कांवड़ियों के कदम लगातार आगे बढ़ते रहे। श्रद्धालुओं का यही विश्वास और उत्साह सावन की कांवड़ यात्रा की सबसे खास तस्वीर बनकर सामने आया।

रिपोर्ट: शाकिर अली, शामली, उत्तर प्रदेश
खास रिपोर्ट — ‘समझो भारत’

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रक्तदान से बची घायल शिवभक्त की जान: गुलाब सिंह ने 12वीं बार किया रक्तदान, पेश की मानवता की मिसाल

बिडौली/झिंझाना (शामली, उत्तर प्रदेश): सेवा, संवेदनशीलता और मानवता का अनूठा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब झिमरान बिडौली निवासी गुलाब सिंह ने अपने घायल ताऊ की जान बचाने के लिए तत्काल रक्तदान किया। यह उनका 12वां स्वैच्छिक रक्तदान था, जिसने एक बार फिर समाज के सामने मानव सेवा का प्रेरणादायक संदेश रखा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुलाब सिंह के ताऊ करण सिंह हरिद्वार से कांवड़ यात्रा पूरी कर वापस लौट रहे थे। रुड़की के समीप एक अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ मौजूद शिवभक्तों ने बिना देरी किए उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अधिक रक्तस्राव होने के कारण चिकित्सकों ने तत्काल रक्त की आवश्यकता बताई।

घटना की सूचना मिलते ही गुलाब सिंह शामली स्थित अम्बा ब्लड बैंक पहुंचे और रक्तदान किया। समय पर रक्त उपलब्ध होने से घायल करण सिंह के उपचार में महत्वपूर्ण सहायता मिली।

गुलाब सिंह ने बताया कि यह उनका 12वां रक्तदान है। उन्होंने कहा कि "रक्तदान सबसे बड़ा दान है, क्योंकि इससे किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है।" उन्होंने सभी स्वस्थ लोगों से समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।

रक्तदान के उपरांत अम्बा ब्लड बैंक की ओर से गुलाब सिंह को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। ब्लड बैंक के अधिकारियों ने उनके इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे लोग समाज में मानवता और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं।

गुलाब सिंह की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है कि कठिन समय में किया गया छोटा-सा सहयोग भी किसी के जीवन को बचाने का माध्यम बन सकता है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल "समझो भारत" के लिए शामली, उत्तर प्रदेश से पत्रकार शाकिर अली की विशेष रिपोर्ट।

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बारिश भी नहीं रोक सकी अकीदत: बिडौली सादात में इमाम हुसैन के चेहलुम पर निकला मातमी जुलूस, गूंजती रहीं 'या हुसैन' की सदाएं

बिडौली (शामली): उत्तर प्रदेश के जनपद शामली के झिंझाना क्षेत्र स्थित गांव बिडौली सादात में मंगलवार को हजरत इमाम हुसैन के चेहलुम (चालीसवें) के अवसर पर शिया समुदाय द्वारा पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। लगातार हो रही बारिश भी अकीदतमंदों के जज़्बे को कम नहीं कर सकी। बड़ी संख्या में सोगवार जुलूस में शामिल हुए और इमाम हुसैन की शहादत की याद में सीनाजनी करते हुए मातम किया। पूरे गांव में "या हुसैन" की सदाएं गूंजती रहीं, जिससे वातावरण गम और अकीदत से भर गया।

जुलूस का शुभारंभ पूर्व प्रधान सैय्यद फजल अली (अच्छू मियां) के आवास स्थित इमाम बारगाह से हुआ। शबी-ए-ताबूत, अलम और जुलजनाह के साथ निकला जुलूस गांव की विभिन्न गलियों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

मजलिस में दिया गया इंसानियत और सत्य का संदेश

जुलूस से पूर्व आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना तस्दीक हुसैन लखनवी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने दीन, इंसाफ और इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उन्होंने कहा कि कर्बला का संदेश केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि सत्य, न्याय और अत्याचार के विरुद्ध डटकर खड़े होने की मिसाल है। इमाम हुसैन ने कठिन परिस्थितियों में भी अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया और उनका जीवन आज भी पूरी मानवता को सच्चाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।

मजलिस में अली रजा, सैय्यद वसी हैदर, नफीस शाह और सैय्यद गुलाम अली ने मर्सिया खानी की, जबकि जुलूस के दौरान शौकीन हुसैन, हाशिम शाह, गुड्डू मियां और हसन अली जैदी ने नोहाखानी पेश कर माहौल को गमगीन बना दिया।

श्रद्धालुओं के लिए सेवा व्यवस्था

जुलूस के पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए शर्बत, चाय और भोजन की व्यवस्था की गई। स्थानीय लोगों ने सेवा भाव के साथ अकीदतमंदों का स्वागत किया और मातमी जुलूस में शामिल लोगों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा।

पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद

धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया और पूरे कार्यक्रम पर प्रशासन की नजर बनी रही।

इस अवसर पर सैय्यद फजल अली उर्फ अच्छू मियां, अली जौन, नियाज हैदर, जिंदा शाह, हामिद शाह, कमर अब्बास, कमर रजा जैदी, बाकिर अली, डॉ. बाकिर जैदी, आफताब मेहदी, सलीम शाह, साजिद शाह, साबिर शाह, डॉ. रजी बाकिर, मेहताब मेहदी, मिन्हाल मेहदी, मोहसिन रिजवी और सज्जाद मेहदी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

कर्बला का संदेश आज भी प्रासंगिक

चेहलुम का यह आयोजन केवल एक धार्मिक रस्म नहीं, बल्कि कर्बला की उस महान कुर्बानी की याद है, जिसने सत्य, न्याय, धैर्य और इंसानियत के मूल्यों को हमेशा के लिए अमर कर दिया। हर वर्ष की तरह इस बार भी बिडौली सादात में आयोजित मातमी जुलूस ने लोगों को शांति, भाईचारे और इंसानी मूल्यों का संदेश दिया।

— विशेष रिपोर्ट, समझो भारत
बिडौली (झिंझाना), जनपद शामली, उत्तर प्रदेश