राष्ट्रीय महिला क्रांति दल की हुंकार, सैकड़ो महिलाओं ने निकाली गांव में रैली,

 


नगीना राष्ट्रीय महिला क्रांति दल की महिलाओं ने नगीना देहात क्षेत्र के ग्राम नरुलापुर पहुंचकर सैकड़ो महिलाओं के साथ प्रदर्शन किया, तथा गांव में विकास कार्य में रुकावट डाल रहे लोगों के खिलाफ सख्त नाराजगी जाहिर की, श्रीमती शांति देवी की अध्यक्षता, वह टांडा माँई 



 दास की महिला रश्मि वर्मा के संचालन में हुई बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महिला क्रांति दल के अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार शर्मा ने, गांव नरूला पर में, श्रीमती मंजू देवी, वह गीता देवी, के नेतृत्व में सैकड़ो महिला महिलाओं के साथ क्रांति दल की सदस्यता दिलाते हुए हुए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिस पर महिला क्रांति दल के संस्थापक डॉ मनोज शर्मा ने सभी महिलाओं का स्वागत करते हुए कहा कि, संगठन में सभी महिलाओं के हित के सम्मान के लिए संगठन प्रतिबद्ध है, किसी को भी महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं करने दिया जाएगा, उन्होंने कहां की महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे, सभा को संबोधित करते हुए महिला क्रांति दल की ग्रामीण अध्यक्ष मंजू देवी ने कहा कि राष्ट्रीय महिला क्रांति दल से जुड़कर हम अपने आप में गर्व महसूस कर रहे हैं




उधर बढ़ापुर थाना क्षेत्र के ग्राम इस्माइलपुर दमी की महिला क्रांति दल कि अध्यक्ष श्रीमती संगीता देवी ने अपने संबोधन ने कहा कि हम महिला क्रांति दल से लगभग 15 साल से जुड़े हुए हैं और संगठन द्वारा महिलाओं के सम्मान की पूर्ण रूप से रक्षा की जाती है सभी महिलाओं व संस्थापक का ग्राम नरूला पुर की महिलाओं ने फूल माला डालकर जोरदार स्वागत किया, इसके बाद सैकड़ो की तादाद में बढ़ापुर क्षेत्र से  आई महिलाओं, व ग्राम नरूला पर की महिलाओं ने सैकड़ो की तादाद में एकत्र होकरहोकर नारेबाजी करते हुए पूरे गांव में रैली निकाल कर अपनी ताकत का एहसास कराया, इस मौके पर कुमारी शैंकी रानी, श्रीमती नूतन, श्रीमती नन्ही देवी, श्रीमती दुलारी, श्रीमती रुक्मेश, श्रीमती माया देवी, श्रीमती चंद्रो देवी, श्रीमती संतोष देवी, श्रीमती उषा देवी, श्रीमती अनीता देवी, सुनीता देवी, श्रीमती बबीता देवी, श्रीमती शोभा रानी, श्रीमतिम निगम देवी, श्रीमती संगीता शर्मा, श्रीमती शांति देवी, श्रीमती सुमित्रा देवी, डोली शर्मा, लोकेश देवी, मनी देवी, संतोष देवी, राजबाला, रुक्मेश, श्रीमती प्रीति देवी, सुमन देवी, श्रीमती राधा रानी, श्रीमती सीता देवी, श्रीमती दुलारी देवी, श्रीमती क्रांति देवी, श्रीमती रेणु देवी, श्रीमती तारा देवी, श्रीमती उषा देवी, बबीता देवी, गीता कश्यप, श्रीमती सुषमा देवी, श्रीमती आदेश देवी, श्रीमती पदमा देवी, श्रीमती सर्वेश देवी, श्रीमती तारा देवी, ग्राम इस्माइलपुर दमी, व ग्राम नरूला पर की सैकड़ो की तादाद में महिला, कार्यक्रम व रैली में शामिल थी के आवाहन पर किया गया था

रैली की झलकियां 


 राष्ट्रीय महिला क्रांति दल के संस्थापक डॉ मनोज शर्मा का गांव में पहुंचने पर महिलाओं द्वारा फूल  माला भेंट कर   करेगाकरेगास्वागत किया गया


 तथा जोरदार नारेबाजी करते हुए महिलाओं ने नारी के सम्मान में क्रांति दल मैदान में


 जो महिला हित की बात करेगा वही देश पर राज करेगा 


 शर्मा जी संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं के उद्घोष के साथ क्रांति दल की विशाल सभा व रैली समापन हुई

@ SAMJHO BHARAT 

Nitin Chauhan -7017912134

शामली में कारोबारी परिवार के बेटे आयुष मलिक उर्फ रहमान ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम स्वीकार किया है। पिता ने धर्म परिवर्तन को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। जानिए पूरा मामला।

उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार के भीतर धर्म परिवर्तन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक और कानूनी चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर जहां परिवार के मुखिया ने अपने बेटे के धर्म परिवर्तन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं बेटे ने मीडिया के सामने आकर इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उसने पूरी समझ और अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया है।

क्या है पूरा मामला?

शामली के जाने-माने दवा कारोबारी और केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष देवराज मलिक के बेटे आयुष मलिक, जो अब स्वयं को रहमान बताते हैं, ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्होंने किसी दबाव, प्रलोभन या लालच में नहीं बल्कि लंबे अध्ययन और व्यक्तिगत विश्वास के आधार पर इस्लाम धर्म अपनाया है।

आयुष का कहना है कि वह कई वर्षों से इस्लाम के बारे में अध्ययन कर रहे थे और धीरे-धीरे उनका झुकाव इस धर्म की ओर बढ़ता गया। उनके अनुसार यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि वर्षों की सोच-विचार और समझ का परिणाम था।

"माता-पिता पूजा करें, मैं नमाज पढ़ूंगा"


मीडिया से बातचीत के दौरान आयुष ने कहा कि उनके माता-पिता हिंदू धर्म का पालन करते हैं और वह उनके धार्मिक अधिकारों का सम्मान करते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि वह इस्लाम के अनुसार जीवन जी रहे हैं और पांच वक्त की नमाज अदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के लोग अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं का पालन कर सकते हैं और इससे पारिवारिक रिश्तों पर असर नहीं पड़ना चाहिए।

चार साल पहले निकाह का दावा

आयुष ने यह भी दावा किया कि उन्होंने लगभग चार वर्ष पहले चांदनी कुरैशी के साथ इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार निकाह किया था। उनका कहना है कि उस समय उन्होंने परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी क्योंकि वह परिवार में किसी प्रकार का तनाव पैदा नहीं करना चाहते थे।

आयुष के अनुसार, परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने सही समय का इंतजार किया और बाद में इस विषय को सार्वजनिक किया।

पिता ने लगाए गंभीर आरोप

दूसरी तरफ आयुष के पिता देवराज मलिक ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को प्रभाव में लेकर धर्म परिवर्तन कराया गया। उन्होंने जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी, उसके परिजनों और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत में धर्म परिवर्तन से जुड़े आरोपों के साथ अन्य गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।

पत्नी और उसके परिवार के समर्थन में आया बेटा

आयुष ने स्पष्ट कहा कि उनकी पत्नी और उसके परिवार का उनके धर्म परिवर्तन में कोई प्रत्यक्ष योगदान नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार और पत्नी दोनों के साथ खड़े हैं तथा किसी का साथ छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता।

सोशल मीडिया से बढ़ी चर्चा

यह मामला तब और अधिक चर्चा में आया जब एक धार्मिक संत द्वारा जारी किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो के सामने आने के बाद विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।

इसके बाद यह विषय स्थानीय स्तर से निकलकर व्यापक सामाजिक बहस का हिस्सा बन गया।

पुलिस कर रही है जांच

मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान, उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।

निष्कर्ष

शामली का यह मामला व्यक्तिगत धार्मिक स्वतंत्रता, पारिवारिक संबंधों और कानूनी प्रक्रियाओं के बीच संतुलन की चुनौती को सामने लाता है। एक पक्ष इसे व्यक्तिगत निर्णय बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे सुनियोजित प्रभाव का परिणाम मान रहा है। ऐसे में अंतिम सच्चाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।


(यह लेख उपलब्ध बयानों, शिकायतों और सार्वजनिक रूप से सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा।)

रिपोर्ट: ज़मीर आलम, शामली (उत्तर प्रदेश)
समझो भारत न्यूज़ नेटवर्क

दिल्ली के ओखला में आयोजित ईद-ए-गदीर महफिल में बिडोली सादात के शायरों को मिला सम्मान

नई दिल्ली/शामली। राजधानी दिल्ली के ओखला क्षेत्र स्थित बाबुल इल्म इमाम बारगाह-ए-हुसैनी में ईद-ए-गदीर के अवसर पर एक विशेष साहित्यिक एवं धार्मिक महफिल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए शायरों, साहित्य प्रेमियों और समाज के गणमान्य लोगों ने भाग लिया।

महफिल के दौरान शायरों ने अपने कलाम पेश कर उपस्थित श्रोताओं को प्रभावित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ईद-ए-गदीर के संदेश, सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना रहा।

बिडोली सादात के शायरों ने बिखेरा कलाम का जादू

उत्तर प्रदेश के जनपद शामली स्थित बिडोली सादात से पहुंचे शायर मीसम मेहदी (हमजा) और हाशिम शाह ने भी महफिल में अपने कलाम पेश किए। उनकी प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने सराहा और कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

आयोजकों द्वारा दोनों शायरों को उनकी साहित्यिक प्रस्तुति के लिए सम्मानित भी किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद दोनों शायरों ने आयोजकों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।

साहित्य और संस्कृति का संगम बनी महफिल

कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कई अन्य शायरों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। शायरी के माध्यम से प्रेम, भाईचारे, इंसानियत और सामाजिक एकता जैसे विषयों को अभिव्यक्त किया गया। महफिल के दौरान श्रोताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

देश में शांति और सद्भाव की दुआ

महफिल के समापन पर देश की खुशहाली, अमन-चैन और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण बनकर उपस्थित लोगों की यादों में दर्ज हो गया।

शामली के लॉयर रहमान सुलेमानी को शिक्षा, समाज सेवा और बाल कल्याण के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत भूषण सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। जानिए पूरी खबर।

कांधला (शामली)। शिक्षा, समाज सेवा और बाल कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले लॉयर रहमान सुलेमानी को "भारत भूषण सम्मान 2026" से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के प्रसार, सामाजिक जागरूकता और बच्चों के विकास से जुड़े कार्यों में योगदान के लिए प्रदान किया गया।

रहमान सुलेमानी ग्लोबल चाइल्ड एजुकेशन काउंसिल के संस्थापक हैं और लंबे समय से समाज के विभिन्न वर्गों, विशेष रूप से जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में संचालित कई शैक्षिक एवं सामाजिक पहलें क्षेत्र में चर्चा का विषय रही हैं, जिनसे अनेक लोगों को लाभ मिलने की बात कही जाती है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि उन सभी सहयोगियों, शिक्षकों, समाजसेवियों और शुभचिंतकों की भी है, जिन्होंने विभिन्न सामाजिक और शैक्षिक अभियानों में उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में भी समाज और शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

रहमान सुलेमानी ने इस अवसर पर अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता एवं गुरु मास्टर फरीद सुलेमानी को दिया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन, संस्कारों और सहयोग ने उन्हें समाजहित में कार्य करने की प्रेरणा दी है। उनके अनुसार, जीवन में प्राप्त होने वाली उपलब्धियों के पीछे उनके पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

इस सम्मान की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र के कई सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और स्थानीय नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। लोगों ने उम्मीद जताई कि वे भविष्य में भी शिक्षा, बाल कल्याण और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।

हाल के वर्षों में शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने की परंपरा बढ़ी है। ऐसे सम्मान न केवल सामाजिक कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले प्रयासों को भी नई पहचान प्रदान करते हैं।

नूरपुर के नहटौर चौराहे पर परी कम्युनिकेशन मोबाइल शॉप का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन भाजपा नेता अरशद त्यागी ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद

नूरपुर (बिजनौर)। नहटौर चौराहा स्थित नई मोबाइल शॉप ‘परी कम्युनिकेशन’ का उद्घाटन समारोह उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर नई पहल का स्वागत किया।

दुकान का उद्घाटन भाजपा नीति मंच श्रम प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरशद त्यागी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में मोबाइल फोन और उससे संबंधित सेवाएं लोगों की दैनिक जरूरतों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं। ऐसे में क्षेत्र में नई तकनीकी सुविधाओं का विस्तार स्थानीय लोगों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।

समारोह में भाजपा नीति मंच के राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष काजिम खान, पूर्व विधायक अशफाक खान के बड़े भाई अकरम खान, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रियांशु चौहान, विधानसभा अध्यक्ष नूरपुर शाहनवाज मलिक सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

दुकान संचालक शादाब मलिक ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों और स्थानीय नागरिकों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि परी कम्युनिकेशन के माध्यम से ग्राहकों को मोबाइल एक्सेसरीज़, मोबाइल रिपेयरिंग और अन्य तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कार्यक्रम में इरशाद मलिक, दिलशाद मलिक, सोनू मलिक, सलमान मलिक, जीशान, फुरकान और इलाफ समेत क्षेत्र के अनेक लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने नई दुकान के शुभारंभ को स्थानीय स्तर पर एक सकारात्मक कदम बताते हुए इसके सफल संचालन की शुभकामनाएं दीं।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इस तरह की सुविधाओं के बढ़ने से क्षेत्रवासियों को मोबाइल से जुड़ी आवश्यक सेवाओं के लिए दूर जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें बेहतर विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।

(रिपोर्ट: शमशाद अहमद, नहटौर, जिला बिजनौर)

शामली में धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद गहराया, स्वामी यशवीर महाराज ने उठाए सवाल; पुलिस कर रही मामले की जांच

शामली/मुज़फ्फरनगर (उत्तर प्रदेश)। शामली जनपद में एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार से जुड़े कथित धर्म परिवर्तन के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस विषय को लेकर बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने सार्वजनिक रूप से अपनी चिंताएं और आरोप सामने रखे हैं। वहीं दूसरी ओर संबंधित परिवार और पुलिस प्रशासन ने मामले को लेकर अपना पक्ष भी रखा है, जिसके चलते यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

स्वामी यशवीर महाराज द्वारा जारी वीडियो संदेश और लिखित बयान में दावा किया गया है कि शामली नगर के एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार के सदस्य का धर्म परिवर्तन कराया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया स्वेच्छा से नहीं बल्कि कथित दबाव और ब्लैकमेलिंग के माध्यम से हुई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

स्वामी यशवीर महाराज ने यह भी आशंका जताई कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की गहन जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने पर विचार करेंगे।

हालांकि, मामले में पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के अनुसार तस्वीर कुछ अलग दिखाई देती है। शामली के थाना प्रभारी सचिन शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान संबंधित युवक आयुष मलिक ने पुलिस को बताया कि उसका इस्लाम धर्म की ओर झुकाव था और उसने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म स्वीकार किया है।

वहीं युवक के पिता देवराज मलिक ने परिवार के धर्म परिवर्तन संबंधी दावों का खंडन किया है। उनका कहना है कि वे स्वयं हिंदू धर्म का पालन करते हैं और हाल ही में विभिन्न हिंदू धार्मिक स्थलों की यात्रा भी कर चुके हैं। उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कुछ तस्वीरें और अन्य जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मामलों में कानून, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द—तीनों पहलुओं को संतुलित रूप से देखना आवश्यक है। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद का धर्म अपनाने और उसका पालन करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है, वहीं किसी प्रकार के अवैध दबाव, प्रलोभन या जबरदस्ती की शिकायत होने पर जांच और कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान है।

फिलहाल यह मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा। ऐसे में सभी पक्षों के दावों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

(नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए दावों पर आधारित हैं। पुलिस जांच जारी है और किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है।)

— ज़मीर आलम
विशेष संवाददाता, समझो भारत
शामली, उत्तर प्रदेश

शामली: ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही के आरोप, जांच शुरू


शामली।
जनपद शामली में एक निजी अस्पताल से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला की डिलीवरी के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने और बाद में मौत होने के मामले में अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित चिकित्सक पर चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, थाना भवन क्षेत्र के गांव उस्मानपुर निवासी छत्रपाल ने अपनी पत्नी रितिका को 20 मई को डिलीवरी के लिए शामली स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान किए गए ऑपरेशन में चिकित्सकीय लापरवाही हुई, जिसके कारण महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।

परिवार का कहना है कि जब महिला की हालत गंभीर हुई तो उसे बेहतर उपचार के लिए मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां जांच के दौरान चिकित्सकों को पेट के अंदर एक कपड़ा होने की जानकारी मिली। परिजनों के अनुसार, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन के बाद दोबारा ऑपरेशन किया गया, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई थी।

हालांकि, उपचार के बावजूद महिला की जान नहीं बच सकी। इसके बाद परिजनों ने संबंधित अस्पताल और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के दौरान मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की भी समीक्षा की जाएगी।

दूसरी ओर, परिजनों का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक संबंधित अस्पताल के संचालन की भी समीक्षा की जानी चाहिए।

मामले में स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने का इंतजार है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की।

फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और क्या किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी।

नोट: इस मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के हैं। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों और सक्षम अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही माना जाएगा।