गांधी जयंती पर शामली में राष्ट्रनायकों को नमन, स्वच्छता का लिया संकल्प

नगर पालिका परिषद में ध्वजारोहण, विचार गोष्ठी, माल्यार्पण और श्रमदान कार्यक्रम आयोजित

शामली, 2 अक्टूबर 2026।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को शामली नगर पालिका परिषद की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में राष्ट्रनायकों के विचारों को याद करने के साथ-साथ स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई। इसके बाद महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, संघर्ष और देश के प्रति उनके योगदान पर विचार व्यक्त किए गए। नगर पालिका परिषद शामली के चेयरमैन अरविन्द संगल ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को अपना हथियार बनाकर देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी समाज को शांति, सद्भाव और जिम्मेदारी का रास्ता दिखाते हैं।

उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है। स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी से लेकर देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका तक, शास्त्री जी ने अपने कार्यों से भारतीय सार्वजनिक जीवन में एक अलग पहचान बनाई। उनका प्रसिद्ध संदेश “जय जवान, जय किसान” आज भी देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करता है।

विचार गोष्ठी में गांधी जी के विचारों पर चर्चा

नगर पालिका सभागार में आयोजित विचार गोष्ठी में अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने महात्मा गांधी के विचारों पर चर्चा की। इस दौरान गांधी जी के सामाजिक सुधारों, विशेषकर छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ उनके प्रयासों को याद किया गया।

अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार सोलंकी ने कहा कि गांधी जी केवल राजनीतिक स्वतंत्रता के पक्षधर नहीं थे, बल्कि वे ऐसे समाज की कल्पना करते थे जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और समानता मिले। उन्होंने लोगों से गांधी जी के विचारों को केवल समारोहों तक सीमित न रखने और उन्हें दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान गांधी जी के प्रिय भजनों को भी श्रद्धाभाव के साथ प्रस्तुत किया गया। इसके बाद चेयरमैन अरविन्द संगल और अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार सोलंकी ने महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

गांधी पार्क में माल्यार्पण और स्वच्छता अभियान

गांधी जयंती के अवसर पर गांधी पार्क में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

इसके बाद राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज और सत्य नारायण इंटर कॉलेज, शामली के एनसीसी कैडेट्स के सहयोग से स्वच्छता अभियान चलाया गया। पालिका अधिकारियों, कर्मचारियों और एनसीसी कैडेट्स ने पार्क परिसर में श्रमदान किया।

इस अवसर पर चेयरमैन अरविन्द संगल ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। सभी ने सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने और आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

आयोजन में इन लोगों की रही सहभागिता

कार्यक्रम का संचालन स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एम्बेसडर प्रदीप संगल और श्रीमती बीना अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार सोलंकी तथा खाद्य एवं सफाई निरीक्षक अनिल सिंह का विशेष योगदान रहा।

इस अवसर पर सभासद प्रमोद जांगिड, रामनिवास सैनी, रोबिन गर्ग, नामित सभासद हरिओम पाठक, श्रीमती संगीता जिन्दल, योगेश गोयल, अनुराग जैन, राहुल गोयल सहित पालिका के विभिन्न अधिकारी, कर्मचारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में अवर अभियंता सिविल श्रीकांत सिंह राणा, अवर अभियंता जलकल हर्षित गर्ग, राजस्व निरीक्षक चन्द्रकिशोर पटेल सहित पालिका के अनेक अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।

गांधी जयंती का संदेश सिर्फ समारोह तक सीमित न रहे

गांधी जयंती और शास्त्री जयंती जैसे अवसर केवल श्रद्धांजलि देने के दिन नहीं हैं, बल्कि ये हमें अपने सामाजिक दायित्वों पर विचार करने का अवसर भी देते हैं। शामली में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रनायकों के विचारों को याद करने के साथ स्वच्छता का संकल्प लेना इसी भावना को आगे बढ़ाता दिखाई दिया।

महात्मा गांधी ने स्वच्छता, सत्य, अहिंसा और सामाजिक समानता को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को सार्वजनिक जीवन में मिसाल बनाया। ऐसे में इन दोनों महान व्यक्तित्वों की जयंती पर लिया गया स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संकल्प तभी सार्थक होगा, जब यह हमारे रोजमर्रा के व्यवहार का हिस्सा बने।

— ज़मीर आलम, पत्रकार
शामली, उत्तर प्रदेश

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‍‍शिक्षक की विदाई बनी समाजसेवा की मिसाल! विदाई जिले मे बनी चर्चा का विषय !

रूपलालजी यादव आमजा के सम्मान में जुटा समाज, रूपलाल जी ने  ₹ 1,64,200 की सहयोग राशि की भेंट ।

स्थान: रैयाना, राजस्थान | विशेष समाचार रिपोर्ट

एक शिक्षक जब विद्यालय से सेवानिवृत्त होता है, तो उसकी सरकारी सेवा भले ही समाप्त हो जाती है, लेकिन उसके ज्ञान, संस्कार और समाज निर्माण की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती!

राजस्थान की धरती पर एक ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायी नजारा देखने को मिला, जहाँ वरिष्ठ अध्यापक श्री रूपलालजी यादव की सेवानिवृत्ति को केवल विदाई समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग और जनसेवा के महोत्सव में बदल दिया गया।

जी हाँ! रैयाना एवं आमजा की धरती पर आयोजित इस समारोह में विभिन्न विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और ग्रामीण विकास हेतु  ₹1 लाख 64 हजार 200 रुपये की सहयोग राशि विभिन्न स्कुलो एवं सामाजीक क्षेत्र मे भेंट की गई।

आखिर इस आयोजन में ऐसा क्या खास रहा, जिसने शिक्षक सम्मान के साथ सामाजिक सरोकारों की भी नई मिसाल पेश की? आइए, देखते हैं पूरी रिपोर्ट।
बाँसवाडा जिले के यादव समाज के 18 परंगणो एवं डूगरपुर जिले के कई परंगणो के सम्मानित पटेलो एवं शिक्षा क्षेत्र मे विषिष्ट योगदान के लिए अध्यापको को पगड़ी एवं फूल मालाओ से मंच पर सम्मानित किया गया । 
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रैयाना में वरिष्ठ अध्यापक श्री रूपलालजी यादव की सेवानिवृत्ति के अवसर पर भावुकता, सम्मान और सामाजिक एकजुटता का अनूठा संगम देखने को मिला। 
समस्त स्कूल स्टाफ एक ही ड्रेस कोड मे नजर आया इस की शुरूआत का श्रेय रूपलाल जी को दिया गया । बच्चो द्वारा भावुक मन से तोहफे एवं मंगल वाचन से विदाई दि गई । संपूर्ण स्कूल स्टाफ ने विशाल शानदार आयोजन रखा एवं खुशी तथा  गमगीन माहोल मे शानदार विदाई दि गई । कई गणमान्य नागरिक सरपंच एवं विशिष्ट लोग इस मौके के गवाह बने उपस्थित रहे ।

समारोह में शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर श्री रूपलाल यादव के सेवाकाल को याद किया और उनके भावी जीवन के लिए स्वस्थ, सुखद एवं मंगलमय शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री बाबूलालजी चरपोटा ने की। समारोह में मुख्य अतिथि एवं सेवानिवृत्त होने वाले वरिष्ठ अध्यापक श्री रूपलालजी यादव सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथियों में श्री रमेश डोडियार, श्री किशनलाल पाटीदार, श्री ध्रुवशंकर पाटीदार, ठाकुर साहब श्री राघवेन्द्र सिंह, श्री पुष्पेंद्र सिंह, महेन्द्रसिंह झालो का गडा श्री भूरालालजी, श्री गौतमलाल, श्री नीलेश कटारा, श्री राजपाल राठौड़, श्री लालजी, श्री देवा और श्री शंकरलाल जी सहित अन्य गणमान्यजन एवं सैकडो छात्र एवं ग्रामीण एवं सामाजीक  लोग शामिल रहे।

इस समारोह की सबसे खास बात रही—सम्मान के साथ समाजसेवा का संकल्प!

आमतौर पर सेवानिवृत्ति समारोह में शिक्षक को विदाई दी जाती है, सम्मानित किया जाता है और उनके योगदान को याद किया जाता है। लेकिन रैयाना में आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक सहयोग को भी विशेष महत्व दिया।

विभिन्न विद्यालयों, संस्थाओं और सामाजिक समूहों ने अलग-अलग जनहितकारी कार्यों के लिए सहयोग राशि 1,64 ,200 एकलाख पैसठ हजार दौसौ रुपए प्रदान कर सामाजिक एकता और सामूहिक जिम्मेदारी का रूपलालजी ने महान संदेश दिया है ।

सहयोग राशि का विवरण इसप्रकार है 

समाचार में दी गई कुल सहयोग राशि
₹ 1,64,200
एक लाख पैसठ हजार दो सौ रुपये

सीनियर रैयाना विद्यालय  रुपए 51,000

सीनियर आमजा विद्यालय  रूपए 21,000

अम्बेडकर सेवा संस्थान परतापुर रुपए 21,000

महंत एवं पत्रकार रामलाल यादव / महंत रामानंद साहेब झडस  को सहयोग  हेतु रुपए 11,000

गर्ल्स सीनियर स्कुल 10,000

धारकुंड माता ट्रस्ट सोसायटी 11,000

गुरु रैदास मंदिर निर्माण परतापुर 11,000

अन्य सहयोग: सीनियर स्कूल आंजना ₹5,000, सीनियर स्कूल कुवानिया ₹5,000, उच्च प्राथमिक विद्यालय गुलाबपुरा ₹5,000, उच्च प्राथमिक विद्यालय रातड़िया ₹5,000, प्राथमिक विद्यालय रातड़िया ₹2,100, प्राथमिक विद्यालय ईश्वरपुरा ₹2,100 तथा गाँव आमजा यादव समाज हेतु  ₹5,000 राशी भेट स्वरूप दिगई । 

इन सभी सहयोगों के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक संस्थाओं और जनहितकारी गतिविधियों के प्रति सामूहिक सहभागिता का संदेश सामने आया।

शिक्षक के सम्मान में दमदार संदेश

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति किसी शिक्षक की यात्रा का अंत नहीं, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है।

एक शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान नहीं देता, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, आत्मविश्वास, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है।

श्री रूपलालजी यादव के सेवाकाल को याद करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और मंगलमय जीवन की कामना की गई। उपस्थित लोगों ने आशा व्यक्त की कि उनका अनुभव और मार्गदर्शन भविष्य में भी विद्यार्थियों तथा समाज के काम आएगा।

क्योंकि शिक्षक की असली पहचान केवल उसके पद से नहीं, बल्कि उन जीवनों से होती है जिन्हें वह ज्ञान की रोशनी से प्रकाशित करता है।

शिक्षक सम्मान के नाम

जिसने अज्ञान के अंधेरों में, ज्ञान का दीप जलाया है, जिसने कितने बच्चों के सपनों को, हकीकत तक पहुँचाया है।

आज विदाई के इस पल में, पूरा समाज सम्मान करे, गुरु के अनुभव, त्याग और तप को, शत-शत बार प्रणाम करे।

सेवा भले ही आज रुकी हो, शिक्षा का अभियान नहीं, सच्चे शिक्षक का योगदान कभी सीमित किसी स्थान नहीं!

सामाजिक एकता का रहा संदेश!

रैयाना एवं आमजा में आयोजित इस समारोह ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षा जगत, सामाजिक संस्थाएँ और ग्रामीण समुदाय एक मंच पर आते हैं, तो सम्मान के साथ सामाजिक सहयोग की भावना को भी नई दिशा मिल सकती है।

ऐसे आयोजन समाज में परस्पर सहयोग, सद्भाव, सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करते हैं।

कार्यक्रम का संचालन विजयगिरी गोस्वामी एवं महंत एवं  मूकनायक के संपादक रामलालजी यादव ने किया। समारोह का समापन श्री रूपलालजी यादव के सम्मान, शुभकामनाओं तथा उपस्थित अतिथियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।

रैयाना की यह खबर केवल एक शिक्षक की सेवानिवृत्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह सम्मान, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता के महत्व को भी सामने लाती है।

याद रखिए—जिस समाज में शिक्षक का सम्मान होता है, वहाँ ज्ञान, संस्कार और नई पीढ़ी के भविष्य को महत्व दिया जाता है।

आइए, हम सब मिलकर शिक्षकों के योगदान का सम्मान करें और शिक्षा तथा जनहित के कार्यों में अपनी भागीदारी निभाएँ।

"समझो भारत" से रामलाल यादव ब्यूरो-चीफ राजस्थान
राजस्थान बाँसवाडा आमजा । 

सड़क पर एक छोटी-सी सावधानी, किसी की पूरी ज़िंदगी बचा सकती है: आगरा में यातायात सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम

आगरा, उत्तर प्रदेश।
सड़क पर सफर हम सभी की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। कोई दफ्तर जाता है, कोई कारोबार के सिलसिले में निकलता है, तो कोई अपने परिवार के साथ कहीं आने-जाने के लिए वाहन का इस्तेमाल करता है। ऐसे में यातायात नियमों का पालन केवल चालान से बचने का तरीका नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी है।

इसी सोच को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज आगरा के कमला नगर स्थित KTL Pvt. Ltd. परिसर में यातायात सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आगरा के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) विकास अस्थाना ने उपस्थित लोगों और ग्राहकों से यातायात नियमों का जिम्मेदारी के साथ पालन करने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े जरूरी पहलुओं पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया। वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन, सावधानीपूर्वक ड्राइविंग और अपनी सुरक्षा के साथ-साथ सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया।

‘स्मार्ट बनिए, सुरक्षा को चुनिए’ का संदेश

कार्यक्रम में लोगों से अपील की गई कि सड़क पर जल्दबाजी या लापरवाही के बजाय समझदारी और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएं।

“स्मार्ट बनिए, सुरक्षा को चुनिए” तथा “सुरक्षित सफर, सुरक्षित प्रदेश” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि सड़क सुरक्षा की शुरुआत किसी और से नहीं, बल्कि खुद से होती है।

कई बार वाहन चलाते समय छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपायों के साथ यातायात नियमों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण है।

KTL परिसर में मौजूद रहे ये लोग

जागरूकता कार्यक्रम में KTL Pvt. Ltd. के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार झा, शोरूम इंचार्ज वसीम खान, KTL RTO इंचार्ज अमित गौर, कस्टमर केयर मैनेजर निधि शर्मा, सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर साजिद अली, राजेश तोमर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसी एक वर्ग तक सीमित न रहकर आम वाहन चालकों और ग्राहकों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा।

सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सबकी

सड़क पर सुरक्षित सफर केवल सरकारी विभागों या यातायात पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। एक जिम्मेदार वाहन चालक, पैदल यात्री और सड़क का प्रत्येक उपयोगकर्ता इसमें अपनी भूमिका निभाता है।

यदि हम ट्रैफिक सिग्नल का सम्मान करें, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी रखें और सुरक्षा नियमों को अपनी आदत का हिस्सा बनाएं, तो सड़क पर होने वाले कई हादसों को रोका जा सकता है।

आगरा में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम भी इसी महत्वपूर्ण संदेश को सामने रखता है कि सड़क पर पहुंचने से ज्यादा जरूरी है सुरक्षित घर पहुंचना।

संदेश साफ है—सफर चाहे छोटा हो या लंबा, नियमों की अनदेखी नहीं, सुरक्षा को प्राथमिकता दें।


समझो भारत | विशेष रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार से पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल “समझो भारत” के लिए आगरा, उत्तर प्रदेश से पत्रकार नीरज गुप्ता की विशेष रिपोर्ट।

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अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य यातायात सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।

बिडौली में लगातार रिमझिम बरसात से नालियों में कूड़ा कीचड़ गलियों में पानी भरा

बिडौली। झिंझाना क्षेत्र में कई दिनों बरसात जारी है शुक्रवार से क्षेत्र में रिमझिम बारिश शुरू हो गई थी ।जिससे गावो में सड़क नालियों में कीचड़ भर गया जिससे आवागमन में ग्राम वासियो को दिक्कतो सामना करना पड़ रहा है बरसात ज्यादा होने से किसानों की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। शुक्रवार को रात से शुरू हुई बरसात सोमवार तक जारी चौबीस घंटे तक रुक रुक बारिश थमने का नाम नही ले रही है जिससे गाँव बिडौली सादात में सड़क में पानी नालियों में कूड़ा कचरा भर गया है नाली कई जगह टूटी हुई है स्थान -ए- किसानो ने बताया कि ज्यादा बारिश होने से उडद मक्का गोभी आदि फसलों का नुकसान होने की संभावना है बारिश से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई जिससे मौसम में बदलाव सर्दी होती दिखाई दे रही है।स्थान लोगो ने जिला प्रशासन से टूटी नाली ठीक कूड़ा कचरा सफाई कराने की मांग की है।

24 वर्षीय अन्नू लापता, परिजनों ने लोगों से की तलाश में मदद की अपील

मुजफ्फरनगर।
मुजफ्फरनगर के साउथ खालापार क्षेत्र से 24 वर्षीय युवक अन्नू पुत्र अबरार अहमद के लापता होने की सूचना सामने आई है। परिजनों के अनुसार अन्नू 25 सितंबर 2026 की सुबह करीब 8 बजे घर से निकला था, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

परिजनों के मुताबिक अन्नू को विशेष देखभाल की आवश्यकता है, जिसके कारण परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है और लगातार उसकी तलाश कर रहा है।

लापता होने के समय अन्नू ने गाजरी रंग की शर्ट और काले रंग की पैंट पहन रखी थी। उसका पता मकान नंबर 954/2, साउथ खालापार, मुजफ्फरनगर बताया गया है।

परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को अन्नू कहीं दिखाई दे या उसके संबंध में कोई जानकारी मिले तो तुरंत निम्न मोबाइल नंबरों पर सूचना दें—

📞 9837452147
📞 8439262944

परिजनों का कहना है कि अन्नू की सुरक्षित घर वापसी के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। ऐसे समय में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की छोटी-सी मदद परिवार के लिए बहुत बड़ी राहत बन सकती है।

आपसे विनम्र अपील है—अगर यह सूचना आपके आसपास, मोहल्ले या सोशल मीडिया के किसी ग्रुप में पहुंचे तो इसे आगे जरूर साझा करें। हो सकता है आपकी एक शेयर किसी परिवार को उसका अपना इंसान वापस दिलाने में मदद कर दे।

आलतू-फालतू पोस्ट तो हम खूब शेयर करते हैं, कभी किसी जरूरतमंद की तलाश और सेवा से जुड़ी खबर भी आगे बढ़ाकर देखिए—किसी की जिंदगी में आपकी एक छोटी-सी मदद बहुत मायने रख सकती है।

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सहारनपुर में नगर शांति समिति ने नए सीएमओ का किया स्वागत, स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग का दिया भरोसा

सहारनपुर। शहर में स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक सकारात्मक पहल देखने को मिली। नगर शांति समिति के पदाधिकारियों ने नवनियुक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. शौर सिंह कक्कड़ से मुलाकात कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

समिति के पदाधिकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने डा. शौर सिंह कक्कड़ को शाल एवं अन्य अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों और जनहित से संबंधित गतिविधियों पर भी चर्चा हुई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने समिति के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्यों में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा जताया। उन्होंने भविष्य में स्वास्थ्य विभाग की जनसहभागिता से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में नगर शांति समिति की भागीदारी की भी अपेक्षा की।

इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. कपिल देव भी मौजूद रहे।

नगर शांति समिति की ओर से स्वागत करने वालों में समिति के अध्यक्ष अशोक गांधी, संयोजक बिंत चावला, उपाध्यक्ष मोहम्मद आलम और स्वागताध्यक्ष एम.पी. सिंह चावला प्रमुख रूप से शामिल रहे।

जनसहभागिता से मजबूत हो सकती हैं स्वास्थ्य सेवाएं

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों में स्थानीय सामाजिक संगठनों और नागरिक समितियों की भागीदारी से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं एवं जनकल्याणकारी संदेशों को आम लोगों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। नगर शांति समिति और स्वास्थ्य विभाग के बीच प्रस्तावित सहभागिता को इसी दिशा में एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

समझो भारत के लिए विशेष रिपोर्ट
पत्रकार — ज़मीर आलम, शामली (उत्तर प्रदेश)
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धर्मांतरण प्रकरण: हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयुष मलिक के पिता घर लौटे, बेटे से संपर्क नहीं

शामली, उत्तर प्रदेश।
आयुष मलिक से जुड़े धर्मांतरण प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद मामले में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक शुक्रवार को शामली स्थित अपने घर लौट आए, जबकि आयुष मलिक के अभी शामली पहुंचने की जानकारी सामने नहीं आई है।

घर लौटने के बाद देवराज मलिक ने इस मामले में फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में कुछ नहीं कहना चाहते। उनके अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनकी अपने बेटे आयुष से कोई बातचीत नहीं हुई है और न ही आयुष की ओर से उनसे संपर्क किया गया है।

हाईकोर्ट में पहुंचा था मामला

मामला उस समय कानूनी चर्चा में आया, जब आयुष मलिक के दोस्त मोहम्मद सलमान की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। याचिका में आरोप लगाया गया था कि आयुष मलिक को उनके पिता की ओर से अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है।

सुनवाई के दौरान पुलिस ने बुधवार को आयुष मलिक को हाईकोर्ट के समक्ष पेश किया। उनके पिता देवराज मलिक भी अदालत में मौजूद रहे।

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने आयुष मलिक को अपनी इच्छा के अनुसार रहने और अपनी पसंद के धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता देने का आदेश दिया। अदालत के आदेश में कानून के अनुसार वैवाहिक संबंध स्थापित करने की स्वतंत्रता का भी उल्लेख किया गया।

पुलिस ने क्या कहा?

मामले में एएसपी सुमित शुक्ला के अनुसार, हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयुष मलिक स्वतंत्र हैं। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस की ओर से भी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।

फिलहाल आयुष मलिक के शामली लौटने और अपने परिवार से संपर्क को लेकर कोई नई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, उनके पिता के घर लौटने के बाद परिवार और स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चाएं जारी हैं।

आगे क्या होगा?

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब आयुष मलिक के व्यक्तिगत निर्णय और उनके अगले कदम पर सभी की नजर है। हालांकि, इस पूरे मामले में अंतिम स्थिति के संबंध में केवल आधिकारिक जानकारी और संबंधित पक्षों के सार्वजनिक बयानों को ही आधार बनाया जाना उचित होगा।

धर्म, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक संबंध जैसे संवेदनशील विषयों से जुड़े मामलों में किसी भी अपुष्ट सूचना या सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे को तथ्य मानने से बचना जरूरी है। इस मामले में भी न्यायालय के आदेश और आधिकारिक बयानों के आधार पर ही स्थिति को समझना बेहतर होगा।

नोट: यह समाचार उपलब्ध पुलिस/न्यायिक घटनाक्रम और संबंधित पक्षों के बताए गए बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। याचिका में लगाए गए आरोपों को न्यायालय द्वारा अंतिम रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। मामले में आगे होने वाले घटनाक्रम की जानकारी आधिकारिक स्रोतों के आधार पर अपडेट की जाएगी।

विशेष रिपोर्ट:
ज़मीर आलम, शामली, उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल “समझो भारत”