सय्यद छपरा की महफिल में बिडोली सादात के शायरों का सम्मान

बिडोली/झिंझाना। हरियाणा के जिला करनाल स्थित गांव में मौजूद में 11 फरवरी की देर रात्रि एक रूहानी और अदबी महफिल का आयोजन किया गया। यह महफिल इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम की याद में सजी, जिसकी अध्यक्षता मौलाना हसीन साहब ने की।

महफिल में विभिन्न राज्यों से आए शायरों ने अपने कलाम पेश कर समा बांध दिया। खास तौर पर उत्तर प्रदेश के जिला शामली के गांव बिडोली सादात से पहुंचे शायर हाशिम शाह ने इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम की शान में शानदार कलाम पेश कर खूब वाहवाही लूटी। उनके असरदार अशआर ने महफिल को नई ऊंचाई दी, जिस पर आयोजकों ने उन्हें पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

बिडोली सादात से पहुंचे अन्य शायरों को भी उनके बेहतरीन कलाम पर सम्मानित किया गया। महफिल में मौजूद आवाम ने शायरों को दुआओं से नवाजा और देर रात तक अदब व अकीदत का सिलसिला जारी रहा।

कार्यक्रम के समापन पर देश में अमन-ओ-चैन और खुशहाली की सामूहिक दुआ कराई गई। इस अवसर पर शायरों के साथ मोहर्रम अली, आगाज जैदी, हुसैन अली, कासिम शाह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


✍️ खास रिपोर्ट: पत्रकार शाकिर अली
📍 बिडोली सादात, झिंझाना, जिला शामली (उत्तर प्रदेश)
📰 “समझो भारत” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका
📞 8010884848
🌐 www.samjhobharat.com
📧 samjhobharat@gmail.com

#samjhobharat

जमीयत ए उलेमा हिंद की बैठक में रमजान की तैयारियों पर गहन मंथन

झिंझाना/शामली। पवित्र माह रमजान के आगमन से पूर्व शहर में तैयारियों को लेकर धार्मिक एवं सामाजिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में खारे वाली मस्जिद में जमीयत उलेमा-ए-हिंद शहर इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें रमजान के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता शहर अध्यक्ष हाफिज अय्यूब ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि रमजान का महीना इबादत, संयम और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे में आवश्यक है कि इफ्तार और सहरी के समय को लेकर पूरे शहर में एकरूपता बनी रहे, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।

शहर महासचिव कारी इरशाद गोगवान ने प्रस्ताव रखा कि रमजान के दौरान इफ्तार और सहरी का ऐलान शहर की सभी मस्जिदों में एक निर्धारित टाइम टेबल के अनुसार किया जाए। यह प्रस्ताव मस्जिदों के इमामों और मुतवल्लियों की सहमति से पारित किया गया। तय किया गया कि समय सारणी का पालन सख्ती से किया जाएगा, जिससे अनुशासन और एकता दोनों कायम रहें।

बैठक का संचालन शहर उपाध्यक्ष मौलाना तैय्यब कासमी ने किया। उन्होंने सभी उपस्थित जनों से अपील की कि रमजान के महीने में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत किया जाए।

इस अवसर पर मुफ्ती अरशद, इमाम शाह मुबारक मस्जिद, कारी अब्दुल खालिक, कारी मुंशाद, हाफिज शारिम, मास्टर हाशिम, राशिद कुरेशी, कासिम, मौलाना याकूब, मौलाना शुएब, शरीफ और ताहिर सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

बैठक के अंत में दुआ के साथ यह संकल्प लिया गया कि रमजान के दौरान शहर में धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराए जाएंगे।


📍 फोटो कैप्शन:
खारे वाली मस्जिद में रमजान को लेकर बैठक करते जमीयत उलेमा-ए-हिंद के पदाधिकारी।

✍️ “समझो भारत” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए झिंझाना, शामली, उत्तर प्रदेश से पत्रकार शाकिर अली की खास रिपोर्ट
#samjhobharat
📞 8010884848
🌐 www.samjhobharat.com
📧 samjhobharat@gmail.com

पुण्यतिथि विशेष: यादों में जीवित आपका स्नेह और ममता

कुछ रिश्ते समय के साथ कम नहीं होते, बल्कि और गहरे हो जाते हैं। आज आपकी पुण्यतिथि पर मन भारी है, आंखें नम हैं, लेकिन दिल में आपकी यादों की गरमाहट अब भी वैसी ही है। आपकी ममता, आपका स्नेह और आपके साथ बिताए गए वे अनमोल पल — इन्हें भुला पाना संभव नहीं।

स्मृतियों में जीवंत उपस्थिति

जीवन की भागदौड़ में कई चेहरे धुंधले पड़ जाते हैं, लेकिन कुछ चेहरे दिल में हमेशा के लिए बस जाते हैं। आप आज हमारे बीच भले शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, पर आपकी सीख, आपका प्यार और आपका आशीर्वाद हर पल हमारे साथ है।

आपकी मुस्कान, आपका अपनापन और हर कठिन समय में दिया गया संबल आज भी हमें मजबूती देता है। आपके साथ बिताए गए छोटे-छोटे पल अब जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बन चुके हैं।

ममता की छांव कभी कम नहीं होती

ममता का कोई विकल्प नहीं होता। वह छांव एक बार मिल जाए तो जीवन भर साथ रहती है। आज आपकी पुण्यतिथि पर हम सिर्फ शोक नहीं मना रहे, बल्कि उस प्रेम और संस्कार को याद कर रहे हैं जो आपने हमें दिए।

आपकी अनुपस्थिति एक खालीपन जरूर छोड़ गई है, लेकिन आपकी यादें उस खालीपन को सहने की ताकत भी देती हैं। हर कदम पर ऐसा महसूस होता है मानो आप अदृश्य रूप से हमारे साथ चल रहे हों।

श्रद्धांजलि के साथ संकल्प

इस पुण्यतिथि पर हम आपको श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए यह संकल्प लेते हैं कि आपके दिखाए मार्ग पर चलेंगे, आपके संस्कारों को आगे बढ़ाएंगे और आपके नाम को सदैव सम्मान के साथ जीवित रखेंगे।

आप हमारे दिलों में थे, हैं और हमेशा रहेंगे।


"समझो भारत" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए
नई दिल्ली से पत्रकार ऊषा महाना की खास रिपोर्ट

#samjhobharat
📞 8010884848
🌐 www.samjhobharat.com
📧 samjhobharat@gmail.com

इकराम कुरैशी बने भाकियू (युवा) के झिंझाना नगर अध्यक्ष, बजट पर जताई कड़ी नाराज़गी

(युवा) ने संगठन विस्तार की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए झिंझाना नगर इकाई की जिम्मेदारी इकराम कुरैशी को सौंपी है। यह मनोनयन कस्बे बिडोली/झिंझाना में आयोजित एक बैठक के दौरान किया गया, जहां किसान और मजदूर हितों से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई।

संगठन विस्तार के साथ नई जिम्मेदारी

बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष बूटा सिंह की मौजूदगी में इकराम कुरैशी को नगर अध्यक्ष का मनोनयन पत्र सौंपा गया। कार्यक्रम बिडोली बस स्टैंड के पीछे आयोजित हुआ, जहां बंटी सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों और मजदूरों की आवाज़ को बुलंद करने के लिए हर स्तर पर सक्रिय रहेगा।

बंटी सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी किसान या आम नागरिक को विद्युत विभाग या अन्य किसी शासकीय/प्रशासनिक अधिकारी द्वारा परेशान किया जाता है, तो संगठन 24 घंटे उनके साथ खड़ा रहेगा। उनका कहना था कि भाकियू (युवा) केवल पद बांटने का मंच नहीं, बल्कि संघर्ष और समाधान की एक मजबूत कड़ी है।


केंद्र सरकार के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया

बैठक में केंद्र सरकार के हालिया बजट पर भी चर्चा हुई। बंटी सिंह ने बजट को किसान और मजदूर विरोधी करार देते हुए कहा कि सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका भारत से आयात पर शून्य प्रतिशत टैक्स लगाता है, जबकि भारत को अमेरिका से आयात पर 18 प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है। साथ ही उन्होंने डीजल-पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई और कहा कि ऐसी परिस्थितियों में किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलना अनिवार्य है।

उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी तथा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू करने की मांग दोहराई।


भू-माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

जिला अध्यक्ष आशीष चौधरी ने सभा को संबोधित करते हुए जनपद में सक्रिय भू-माफिया पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक ही प्लॉट को कई बार बेचने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और जनपद को भू-माफिया मुक्त बनाया जाए।


कार्यक्रम में रहे मौजूद

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष बिल्लू राणा, युवा संगठन मंत्री अरविंद राठी, प्रशांत चौधरी, बाबा रण कुमार, थांबेदार खादर खाप सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में संगठन की मजबूती और आगामी रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।


यह कार्यक्रम केवल एक मनोनयन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का मंच भी बना।


"समझो भारत" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए
शामली, उत्तर प्रदेश से पत्रकार शाकिर अली की खास रिपोर्ट

#samjhobharat
📞 8010884848
🌐 www.samjhobharat.com
📧 samjhobharat@gmail.com

📱 गेमिंग की लत या संवाद की कमी? गाज़ियाबाद की दर्दनाक घटना ने खड़े किए कई सवाल

उत्तर प्रदेश के से आई एक बेहद दर्दनाक खबर ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार की तीन सगी बहनों—निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12)—ने कथित रूप से 9वीं मंज़िल से कूदकर अपनी जान दे दी।

घर से मिले एक सुसाइड नोट में लिखा था:
“SORRY, मां, पापा. जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे अब आप समझेंगे कि हम उसे कितना प्यार करते थे।”

यह पंक्तियाँ सिर्फ़ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का आईना बन गई हैं।


📌 क्या है पूरा मामला?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीनों बहनें एक ऑनलाइन मोबाइल गेम की आदी थीं। परिवार ने जब उन्हें गेम खेलने से रोका और डांटा, तो कथित रूप से उसी के बाद यह खौफनाक कदम उठाया गया।

बताया जा रहा है कि वे “कोरियन लवर गेम” नामक वर्चुअल रोमांस सिम्युलेटर खेलती थीं। यह एक टास्क-बेस्ड गेम है, जिसमें खिलाड़ी अपनी पसंद के अनुसार एक काल्पनिक साथी चुनकर उससे चैट और वर्चुअल डेटिंग जैसी गतिविधियाँ करते हैं।

हालांकि, पुलिस जांच जारी है और आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार है, लेकिन शुरुआती संकेत डिजिटल लत और भावनात्मक जुड़ाव की ओर इशारा कर रहे हैं।


⚠️ डिजिटल दुनिया का आकर्षण — कितना सुरक्षित?

आज के दौर में मोबाइल गेम्स और सोशल मीडिया बच्चों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं।
लेकिन सवाल यह है कि:

  • क्या बच्चे गेम खेल रहे हैं, या गेम बच्चों को खेल रहा है?
  • क्या हम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को समझ पा रहे हैं?
  • क्या माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी ऐसी त्रासदियों को जन्म दे रही है?

विशेषज्ञ मानते हैं कि किशोरावस्था भावनात्मक रूप से बेहद संवेदनशील समय होता है। इस उम्र में वर्चुअल रिश्ते और कल्पनाएँ वास्तविक दुनिया से ज़्यादा प्रभाव डाल सकती हैं।


🧠 पैरेंट्स के लिए सबक

  1. डांट से पहले संवाद जरूरी – बच्चों को सिर्फ रोकना नहीं, समझाना भी ज़रूरी है।
  2. डिजिटल मॉनिटरिंग संतुलित हो – निगरानी हो, लेकिन भरोसा भी बना रहे।
  3. मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान – बच्चों के व्यवहार में बदलाव दिखे तो उसे हल्के में न लें।
  4. खुला माहौल – ऐसा माहौल बने जहां बच्चा अपनी परेशानी खुलकर बता सके।

📢 समाज के लिए संदेश

यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि एक सामाजिक चेतावनी है।
डिजिटल लत, भावनात्मक असंतुलन और संवादहीनता — ये तीनों मिलकर खतरनाक परिणाम दे सकते हैं।

हमें बच्चों को तकनीक से दूर नहीं करना, बल्कि तकनीक का सही इस्तेमाल सिखाना है।
जरूरत है — समझने की, साथ बैठने की, और समय देने की।


✍️ “समझो भारत” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए
मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश से पत्रकार ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट

#samjhobharat
📞 8010884848
🌐 www.samjhobharat.com
📩 samjhobharat@gmail.com



“बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों में भरा जोश —सपा प्रदेश सचिव रूही अंजुम की इन बातों ने बदल दिया माहौल”

सहारनपुर। रसूलपुर-पापड़ी स्थित आईएचएम मोहसिन स्कूल में कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित एक विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम उस समय प्रेरणादायक बन गया, जब समाजवादी पार्टी की प्रदेश सचिव सहारनपुर देहात रूही अंजुम ने छात्रों को सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र बताए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और बोर्ड परीक्षा की तैयारी से जुड़ी कई अहम बातें सीखीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रूही अंजुम ने कहा कि बोर्ड परीक्षा केवल अंकों की दौड़ नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और मेहनत की असली परीक्षा होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनके प्रेरक संबोधन ने विद्यार्थियों में नया उत्साह भर दिया।

रूही अंजुम ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पढ़ाई ही वह माध्यम है जो व्यक्ति के सपनों को हकीकत में बदलने की ताकत रखती है। उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल और अन्य distractions से दूर रहकर नियमित अध्ययन करने की अपील की। उनके सरल और प्रेरणादायक शब्दों को छात्रों ने ध्यानपूर्वक सुना।

इस दौरान विद्यालय के शिक्षकों मास्टर मोहसिन, मतलूब अहमद, खुशनूद और देव ने भी बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्रों को उपयोगी टिप्स दिए। उन्होंने समय प्रबंधन, लिखने की गति बढ़ाने, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने और कठिन विषयों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। शिक्षकों ने कहा कि आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।

विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। छात्रों ने कहा कि उन्हें परीक्षा की तैयारी को लेकर नई दिशा मिली है और अब वे पहले से अधिक आत्मविश्वास के साथ बोर्ड परीक्षा देने के लिए तैयार हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम सिद्दीकी कैराना

सांसद इकरा हसन के समर्थकों पर युवती को धमकी देने का आरोप, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

कैराना (शामली)। कैराना क्षेत्र में एक युवती को सोशल मीडिया पर कथित रूप से धमकी देने और अभद्र टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़िता के परिवार की ओर से मुख्यमंत्री को प्रार्थना-पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। (पीड़िता, न्यूज़ पोर्टल और संपादक का नाम गोपनीय रखा गया है।)

परिवार का आरोप है कि युवती जनहित के मुद्दों और सामाजिक विषयों पर मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करती रही है। हाल ही में राजनीतिक विषयों पर विचार रखने के बाद कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया और जान से मारने की धमकियाँ दी गईं।

शिकायत में कैराना सांसद इकरा हसन के कुछ समर्थकों पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है। साथ ही दो व्यक्तियों — नदीम पुत्र शब्बीरा, निवासी ग्राम बराला कुक्कारेहड़ी, थाना कैराना (जनपद शामली) तथा शाद चौधरी पुत्र इरशाद, निवासी मोहल्ला आलकलां, कैराना (जनपद शामली) — को नामजद करते हुए सोशल मीडिया पर अभद्र और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है।

परिवार के अनुसार, इस घटना के बाद युवती मानसिक तनाव और भय के माहौल में है तथा उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रार्थना-पत्र में आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 तथा भारतीय न्याय संहिता/आईपीसी की धारा 504, 506 और 509 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने, आपत्तिजनक सामग्री हटवाने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

परिवार ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।