“बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों में भरा जोश —सपा प्रदेश सचिव रूही अंजुम की इन बातों ने बदल दिया माहौल”

सहारनपुर। रसूलपुर-पापड़ी स्थित आईएचएम मोहसिन स्कूल में कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित एक विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम उस समय प्रेरणादायक बन गया, जब समाजवादी पार्टी की प्रदेश सचिव सहारनपुर देहात रूही अंजुम ने छात्रों को सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र बताए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और बोर्ड परीक्षा की तैयारी से जुड़ी कई अहम बातें सीखीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रूही अंजुम ने कहा कि बोर्ड परीक्षा केवल अंकों की दौड़ नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और मेहनत की असली परीक्षा होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनके प्रेरक संबोधन ने विद्यार्थियों में नया उत्साह भर दिया।

रूही अंजुम ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पढ़ाई ही वह माध्यम है जो व्यक्ति के सपनों को हकीकत में बदलने की ताकत रखती है। उन्होंने विद्यार्थियों से मोबाइल और अन्य distractions से दूर रहकर नियमित अध्ययन करने की अपील की। उनके सरल और प्रेरणादायक शब्दों को छात्रों ने ध्यानपूर्वक सुना।

इस दौरान विद्यालय के शिक्षकों मास्टर मोहसिन, मतलूब अहमद, खुशनूद और देव ने भी बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्रों को उपयोगी टिप्स दिए। उन्होंने समय प्रबंधन, लिखने की गति बढ़ाने, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करने और कठिन विषयों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। शिक्षकों ने कहा कि आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने से बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं।

विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ। छात्रों ने कहा कि उन्हें परीक्षा की तैयारी को लेकर नई दिशा मिली है और अब वे पहले से अधिक आत्मविश्वास के साथ बोर्ड परीक्षा देने के लिए तैयार हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम सिद्दीकी कैराना

सांसद इकरा हसन के समर्थकों पर युवती को धमकी देने का आरोप, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

कैराना (शामली)। कैराना क्षेत्र में एक युवती को सोशल मीडिया पर कथित रूप से धमकी देने और अभद्र टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़िता के परिवार की ओर से मुख्यमंत्री को प्रार्थना-पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। (पीड़िता, न्यूज़ पोर्टल और संपादक का नाम गोपनीय रखा गया है।)

परिवार का आरोप है कि युवती जनहित के मुद्दों और सामाजिक विषयों पर मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करती रही है। हाल ही में राजनीतिक विषयों पर विचार रखने के बाद कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया और जान से मारने की धमकियाँ दी गईं।

शिकायत में कैराना सांसद इकरा हसन के कुछ समर्थकों पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया गया है। साथ ही दो व्यक्तियों — नदीम पुत्र शब्बीरा, निवासी ग्राम बराला कुक्कारेहड़ी, थाना कैराना (जनपद शामली) तथा शाद चौधरी पुत्र इरशाद, निवासी मोहल्ला आलकलां, कैराना (जनपद शामली) — को नामजद करते हुए सोशल मीडिया पर अभद्र और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है।

परिवार के अनुसार, इस घटना के बाद युवती मानसिक तनाव और भय के माहौल में है तथा उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रार्थना-पत्र में आईटी एक्ट 2000 की धारा 67 तथा भारतीय न्याय संहिता/आईपीसी की धारा 504, 506 और 509 के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने, आपत्तिजनक सामग्री हटवाने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

परिवार ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

“योगी की नजर से नहीं बच पाए पूर्व चेयरमैन अनवर हसन — पुलिस ने कसा शिकंजा, कैराना में कथित कब्जे और दबंगई के मामले ने लिया राजनीतिक रंग”

कैराना (शामली)। कैराना में संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देशों के बीच पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

बताया जाता है कि पूर्व चेयरमैन अनवर हसन, जो कैराना विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं, उनका नाम इस विवाद में सामने आया है। शिकायत में उनके साथ फरमान पुत्र बाबू निवासी मोहल्ला खैलकलां, तौसीफ और मोहसीन पुत्रगण फीला निवासी मोहल्ला आलखुर्द, तथा करीब 10–15 अज्ञात व्यक्तियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

मोहल्ला इकरामपुरा निवासी फुरकान पुत्र बादुल्ला द्वारा कोतवाली कैराना में दिए गए प्रार्थना-पत्र के अनुसार, उनके मौसी के लड़के नूरहसन पुत्र आलमदीन की आवासीय संपत्ति मोहल्ला आर्यपुरी में स्थित है, जिसकी पंजीकृत मालकिन उनकी पत्नी अनवरी हैं। शिकायत में कहा गया है कि संपत्ति को लेकर पहले से तनाव बना हुआ था।

आरोप है कि 09 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 9 बजे आरोपी पक्ष कथित रूप से मौके पर पहुंचा और नूरहसन, अनवरी तथा रिहाना पत्नी दिलशाद के साथ मारपीट की। इस दौरान रिहाना के दाहिने हाथ में चोट आने की बात कही गई है। बीच-बचाव करने पहुंचे फुरकान के सिर में चोट लगने का भी आरोप लगाया गया है।

घटना के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में रफाकत पुत्र आलमदीन और दिलशाद पुत्र आलमदीन के नाम भी सामने आए हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जाते समय आरोपी पक्ष ने जान से मारने की धमकी दी।

कैराना पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।

इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता कानून-व्यवस्था और संपत्ति विवाद को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसे प्रशासन की सख्ती का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे स्थानीय राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर देख रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं कि भूमि कब्जा, दबंगई और मारपीट जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता कानून का राज स्थापित करना और आम नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई होना जरूरी है ताकि संपत्ति विवाद या दबंगई की घटनाएं बढ़ने न पाएं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।


रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम कैराना

✨ एसडीएस कान्वेंट स्कूल में कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक विदाई समारोह ✨

बिड़ौली/झिंझाना स्थित एसडीएस कान्वेंट स्कूल में रविवार का दिन भावनाओं, आशीर्वाद और उम्मीदों से भरा रहा। विद्यालय परिसर में कक्षा बारह के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष आशीर्वाद एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें गुरु-शिष्य परंपरा की सुंदर झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के अध्यक्ष लोकेश तोमर, प्रबंधक श्रीपाल आर्य एवं प्रधानाचार्य सतीश भटनागर द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप की लौ के साथ विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी प्रज्वलित हुई।

समारोह में जूनियर छात्र-छात्राओं ने अपने सीनियर साथियों का रोली-तिलक, रक्षासूत्र और स्नेहपूर्ण स्वागत के साथ अभिनंदन किया। यह क्षण सभी के लिए भावुक कर देने वाला रहा, जब छोटे विद्यार्थियों ने बड़े भाई-बहनों को सम्मान और शुभकामनाएं दीं।

इसके पश्चात विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांध दिया। नृत्य, गायन और खेल प्रदर्शन जैसी प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा और आत्मविश्वास को भी उजागर किया। अभिभावक और शिक्षक इन प्रस्तुतियों से खासे प्रभावित नजर आए।

अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्रबंधक श्रीपाल आर्य ने विद्यार्थियों को तकनीक के सकारात्मक उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल और लैपटॉप जैसे साधनों का उपयोग केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर ज्ञान अर्जन और व्यक्तित्व विकास के लिए किया जाना चाहिए।

वहीं प्रधानाचार्य सतीश भटनागर ने विद्यार्थियों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए अनुशासन, परिश्रम और सम्मान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यही मूल्य जीवन में सफलता की मजबूत नींव बनते हैं।

समारोह के अंतिम चरण में विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों से आशीर्वाद प्राप्त किया और कृतज्ञता स्वरूप उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। यह पल शिक्षक और विद्यार्थियों दोनों के लिए भावनात्मक रहा।

इस सफल आयोजन में सुमित कुमार, ऋतिक कुमार, प्रदीप शर्मा, आकाश तोमर, रवि, आदित्य शर्मा, सिया, हरप्रीत, अमनदीप, श्रुति बंसल, खुशी बंसल, हिमांशी मालिक, राधिका शर्मा, ओम सिंह, पंकज गर्ग, अलका सैनी, मोहित गर्ग, चेतना, रुचि, संस्कार सिंघानिया सहित समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों का सराहनीय सहयोग रहा।


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📍 शामली, उत्तर प्रदेश से
पत्रकार: शाकिर अली की खास रिपोर्ट

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प्लॉट विवाद से जानलेवा हमला: हथौड़े से सिर पर वार, पीड़ित ICU में भर्ती




पुलिस की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल

मुजफ्फरनगर।
जिले के थाना भोराकला क्षेत्र के ग्राम मूँडभर में प्लॉट पर निर्माण को लेकर उपजा विवाद अब एक भयावह और जानलेवा हमले में तब्दील हो गया है। इस घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता पैदा कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मूँडभर निवासी रेखा पत्नी स्वर्गीय जयकुमार, जो कि एक विधवा महिला हैं, ने लगभग चार माह पूर्व गांव में एक प्लॉट खरीदा था। उक्त प्लॉट पर पहले से ही पड़ोस के कुछ लोग अपनी बुग्गी खड़ी करते आ रहे थे। प्लॉट खरीदने के बाद जब रेखा ने इसका विरोध किया, तो उन्हें लगातार गाली-गलौच और मारपीट की धमकियों का सामना करना पड़ा।

रेखा का आरोप है कि विपक्षीगण प्रभावशाली हैं, जिनमें कुछ लोग पुलिस विभाग से जुड़े हुए हैं और कुछ सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। इसी कारण वे खुलेआम दबंगई करते हुए कानून को चुनौती देते रहे।

निर्माण शुरू होते ही बढ़ी रंजिश

जब रेखा ने अपने प्लॉट पर रहने के उद्देश्य से निर्माण कार्य शुरू कराया, तो पड़ोसियों ने इसका विरोध करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। ग्राम के समझदार लोगों और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद समझौता हुआ और निर्माण कार्य आगे बढ़ा, लेकिन रंजिश खत्म नहीं हुई।

दिनदहाड़े घर में घुसकर हमला

घटना 31 जनवरी 2026 की है। दिन करीब 11 बजे रेखा के घर में फर्श का काम चल रहा था, तभी विपक्षी परिवार के लोग घर में घुस आए और निर्माण कार्य रुकवा दिया। स्थिति बिगड़ती देख 112 पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ के लिए रेखा के जेठ रामकुमार तथा विपक्षी सुरेशपाल को थाने ले गई।

इसी दौरान रेखा का देवर डॉ. सत्यकुमार, जो गांव में चिकित्सक हैं और स्वयं हृदय रोग से पीड़ित हैं, घर पर अकेले मौजूद थे।

हथौड़े से सिर पर वार, हालत नाजुक

दोपहर करीब 3 बजे विपक्षी पक्ष के कई लोग—मोनू, रिंकू, नितिन, अनीता, संतोष, ब्रजेश सहित अन्य—घर में घुस आए और डॉ. सत्यकुमार पर लाठी, डंडे, सरिया और ईंटों से जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि नितिन ने सत्यकुमार के सिर पर हथौड़े से वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर घर में तोड़-फोड़ कर धमकी देते हुए फरार हो गए।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल सत्यकुमार को पहले सीएचसी शाहपुर में भर्ती कराया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें शामली स्थित एक निजी अस्पताल के आईसीयू में रेफर कर दिया गया। वर्तमान में वे जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

पीड़िता रेखा का आरोप है कि पहले से शिकायतों के बावजूद पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे दबंगों के हौसले बढ़े और यह गंभीर घटना घटित हुई। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो आज एक निर्दोष व्यक्ति ICU में जिंदगी की जंग न लड़ रहा होता।

बड़ा सवाल: आम आदमी की सुरक्षा कौन करेगा?

यह घटना कई अहम सवाल खड़े करती है—
क्या प्रभावशाली लोगों के आगे कानून बेबस है?
क्या आम, सीधे-साधे नागरिकों को अपनी ही जमीन पर रहने के लिए भी डर में जीना पड़ेगा?
और यदि न्याय नहीं मिला, तो कानून पर जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा?

पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और जान-माल की सुरक्षा की मांग की है।


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इमाम मेहदी की विलादत पर नज़र का एहतमाम, इमाम बारगाह में सजी रूहानी महफिल

बिडौली/झिंझाना (शामली, उत्तर प्रदेश) शिया समुदाय के आख़िरी इमाम, हज़रत इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम की विलादत के मुबारक मौके पर बिडौली सादात स्थित इमाम बारगाह में पूरी अकीदत और उल्लास के साथ रूहानी महफिल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इबादत, नज़र, शायरी और लंगर के जरिए भाईचारे और मोहब्बत का पैग़ाम दिया गया।

महफिल का आग़ाज़ क़ुरआन-ए-पाक की तिलावत से हुआ, जिसे मौलाना आबिद हुसैन शाह ने पेश किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधान फ़ज़ल अली उर्फ अच्छू मियां ने की। इससे पहले सैय्यद आफ़ताब मेहदी के आवास पर नज़र का एहतमाम किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की।

महफिल में शायरों और नौहाख़्वानों ने इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम की शान में कलाम और क़सीदे पेश किए। इस दौरान सैय्यद गुलाम अली, शहज़ाद शाह, रेहान हैदर, अली जोन, सैय्यद अली रज़ा, दानियाल ज़ैदी, सज्जाद ज़ैदी, क़ादिर अली, नफ़ीस शाह सहित कई शायरों की पेशकश ने माहौल को पूरी तरह रूहानी बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान लंगर का आयोजन किया गया और लोगों में मिष्ठान्न व उपहार वितरित किए गए। खास तौर पर बच्चों और युवाओं में इस मौके पर खासा जोश और उत्साह देखने को मिला, जो जश्न-ए-विलादत की रौनक को और बढ़ा रहा था।

मौलाना ऑन मोहम्मद और वसी हैदर जैदी ने अपने बयानों में कहा कि हज़रत इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम का इंतज़ार सिर्फ मुसलमान ही नहीं, बल्कि अल्लाह भी इंतज़ार करने वालों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि इमाम मेहदी को देखने के लिए भौतिक आंखों की नहीं, बल्कि पाक दिल और रूहानी नज़र की ज़रूरत होती है।

उन्होंने 14 शाबान की अहमियत पर रोशनी डालते हुए बताया कि इस्लामी कैलेंडर में यह तारीख़ आलम-ए-इस्लाम के लिए बेहद खास है। 14 शाबान की रात के बाद आख़िरी इमाम की विलादत होती है, जिसे पूरी दुनिया में अकीदत और खुशी के साथ मनाया जाता है। पूरी रात अकीदतमंदों ने जश्न मनाते हुए इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम के जीवन और किरदार पर चर्चा की।

महफिल के अंत में मौलाना ने सभी लोगों से इमाम मेहदी अलैहिस्सलाम की ज़िंदगी और उनके बताए रास्ते से प्रेरणा लेकर अमल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में शुएब अख्तर, खुर्रम ज़ैदी, सम्मी शाह, नासिर अली, मोहम्मद अली, अम्मार हुसैन, साबिर शाह, सहजाद शाह, मोहसिन रिज़वी, मोहम्मद कैफ सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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पत्रकार शाकिर अली की खास रिपोर्ट

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सहायक आयुक्त पर भ्रष्टाचार व अवैध वसूली के आरोप, मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग

बिड़ौली/झिंझाना (शामली) — जनपद शामली के सहकारिता विभाग में तैनात सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। बी-पैक्स उदयपुर के सभापति ने इस संबंध में को शिकायती पत्र भेजते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

क्या हैं आरोप?

शिकायत में कहा गया है कि सहायक आयुक्त द्वारा जिले की विभिन्न सहकारी समितियों में नियमों के विपरीत कार्य कराए जा रहे हैं। आरोप है कि कर्मचारियों से अवैध वसूली की जा रही है और समितियों से फीस के नाम पर अनियमित धन एकत्र किया जा रहा है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, रायपुर समिति में नियमों के विरुद्ध कर्मचारी भर्ती की गई तथा एरियर भुगतान में भी अनियमितताएं बरती गईं, जिससे समिति को आर्थिक नुकसान हुआ। इसके अलावा, कुछ भुगतान चेक के माध्यम से किए जाने का उल्लेख करते हुए लाखों रुपये के लेन-देन की जांच की मांग भी की गई है।

अवैध कब्जा हटाने के नाम पर वसूली का आरोप

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि समिति की भूमि पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के दौरान भुगतान के नाम पर 70 हजार रुपये देने की बात कही गई। बाद में कथित तौर पर 35 हजार रुपये कमीशन की मांग किए जाने का आरोप है। विरोध करने पर अभद्र भाषा के प्रयोग का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है।

शासन की छवि पर असर

सतीश कुमार का कहना है कि अन्य समितियों में भी नियमों के विरुद्ध कार्य हुए हैं, जिससे शासन की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई है।

आरोपों पर पक्ष

मामले में सहायक आयुक्त शिवम मलिक से फोन पर संपर्क किए जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें प्रकरण की जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि कार्य बोर्ड और सभापति की संस्तुति पर ही होता है तथा लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच कराई जाएगी।


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