सिल्वर डेल पब्लिक स्कूल में सजी आर्ट एंड साइंस एग्ज़ीबिशन, छात्रों की प्रतिभा ने जीता दिल

झिंझाना/कैराना। सिल्वर डेल पब्लिक स्कूल में आर्ट एंड साइंस एग्ज़ीबिशन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का शानदार संगम देखने को मिला।प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए अपने हुनर का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

एग्ज़ीबिशन के दौरान बच्चों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल, आकर्षक प्रोजेक्ट्स और कलात्मक प्रस्तुतियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। छात्रों की मेहनत और कल्पनाशीलता को देखकर अभिभावकों और अतिथियों ने जमकर सराहना की।कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसके साथ दीनियात (धार्मिक ज्ञान) पर आधारित सवाल-जवाब प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और अपने ज्ञान व समझ का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कारी अहसान साहब ने छात्रों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और उनके सटीक जवाबों की प्रशंसा की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के बौद्धिक विकास, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय प्रबंधन एवं स्टाफ के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अंत में सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। समझो भारत के लिए शाकिर अली की ख़ास रिपोर्ट 
#samjhobharat 
8010884848

देवबंद में ‘आयरन लेडी’ इरम उस्मानी का जलवा! एमएफआर स्कूल समारोह में बच्चों संग बिखेरी प्रेरणा की रोशनी

देवबंद। मोहल्ला पठानपुरा स्थित एमएफआर मेमोरियल स्कूल में आयोजित वार्षिक परीक्षा परिणाम समारोह उस समय खास बन गया, जब मंच पर समाजसेवा की मिसाल और ‘आयरन लेडी’ के नाम से विख्यात इरम उस्मानी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से पूरे कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी। उनके प्रेरणादायक शब्दों ने न केवल बच्चों, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के दिलों में भी नई उम्मीद जगा दी।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेता सलीम कुरैशी, कांग्रेस नेता राहत खलील और समाजसेविका इरम उस्मानी मौजूद रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूल प्रबंधन द्वारा अतिथियों के भव्य स्वागत के साथ हुई। स्कूल के प्रबंधक खलील खान ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किए गए और कक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को मेडल व ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। बच्चों की उपलब्धियों पर तालियों की गूंज से पूरा परिसर गूंज उठा।

इस मौके पर इरम उस्मानी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही वह सबसे मजबूत हथियार है, जो बच्चों के भविष्य को संवार सकता है। उन्होंने बच्चों को मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी का संदेश देते हुए कहा कि सफलता उन्हीं के कदम चूमती है, जो निरंतर प्रयास करते रहते हैं। उनके आत्मविश्वास से भरे शब्दों ने बच्चों के मन में नई ऊर्जा और कुछ बड़ा करने का जुनून भर दिया।

इरम उस्मानी की सादगी, दृढ़ता और समाज के प्रति समर्पण ने कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति को प्रभावित किया। एक मजबूत और संवेदनशील महिला नेतृत्व की झलक उनके व्यक्तित्व में साफ दिखाई दी, जिसने उन्हें ‘आयरन लेडी’ की पहचान दिलाई है। शिक्षा, समाजसेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनका योगदान लगातार लोगों के लिए प्रेरणा बनता जा रहा है।

समारोह के अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल स्टाफ, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम कैराना
#samjhobharat 
8010884848

2 महीने से वेतन नहीं, ऊपर से नौकरी से निकाला! थाना भवन के सफाई कर्मचारियों का फूटा गुस्सा

शामली। थाना भवन नगर पंचायत में स्वच्छता अभियान के तहत काम कर रहे सफाई कर्मचारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। कर्मचारियों ने ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनका दो महीने का वेतन रोका गया है और बिना किसी सूचना के उन्हें काम से हटा दिया गया।

जानकारी के अनुसार, थाना भवन कस्बे में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और सफाई कार्य में लगे करीब आधा दर्जन कर्मचारी 20 दिसंबर 2025 से ठेकेदार के माध्यम से कार्य कर रहे थे। कर्मचारियों का कहना है कि तय वेतन 11,000 रुपये प्रतिमाह होने के बावजूद उन्हें केवल 7,500 रुपये ही दिए गए, जबकि हर महीने 3,500 रुपये “फंड” के नाम पर काट लिए जाते रहे।

पीड़ित कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जनवरी और फरवरी 2026 का पूरा वेतन अब तक नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। इतना ही नहीं, ठेका समाप्त होने का हवाला देकर उन्हें अचानक सेवा से हटा दिया गया, जबकि उन्हें पहले से कोई सूचना तक नहीं दी गई।

कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने 7 मार्च 2026 को नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि न तो बकाया वेतन मिला है और न ही कटे हुए फंड का कोई हिसाब दिया गया है।

इस मामले में आशु, शंकर, सुमित, हर्ष, ललित और प्रीतम सहित अन्य कर्मचारियों ने श्रम विभाग से गुहार लगाई है कि उनका रुका हुआ वेतन दिलाया जाए, फंड की कटौती वापस कराई जाए और उन्हें दोबारा नौकरी पर रखा जाए।

वहीं, राष्ट्रीय वाल्मीकि समाज प्रतिनिधि मंच के पदाधिकारियों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए श्रम विभाग से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है। चेतावनी: कर्मचारियों ने साफ कहा है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम कैराना
#samjhobharat 
8010884848

करोड़ों की जमीन पर कब्जे की ‘साजिश’ का विस्फोट! फर्जी शिकायतों से प्रशासन को गुमराह करने का खेल, दिव्यांग वारिसों ने उठाई आवाज

शामली। जनपद के झिझाना क्षेत्र के ग्राम जमालपुर में मेरठ-करनाल राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी कीमती जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। करोड़ों रुपये की बताई जा रही इस भूमि को लेकर अब खुलकर आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने कुछ लोगों पर सुनियोजित तरीके से फर्जी शिकायतें कर जमीन हड़पने की साजिश रचने और प्रशासन को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम जमालपुर स्थित खसरा संख्या 429 की भूमि, जिसका कुल रकबा 0.4900 हेक्टेयर है, में से 0.2850 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2011 में सतपाल सिंह पुत्र गंगा द्वारा विधिवत बैनामा (रजि० संख्या 11991 दिनांक 26-11-2011) के माध्यम से खरीदी गई थी। यह भूमि अनिल कुमार उर्फ आलम एवं श्रीमती खेमो देवी निवासी मोहल्ला शेखामैदान, झिझाना से ली गई थी। बैनामा के बाद से ही परिवार उक्त भूमि पर काबिज रहा और सरकारी अभिलेखों में नाम दर्ज होता चला आ रहा है।

वर्ष 2022 में सतपाल सिंह के निधन के बाद उक्त भूमि उनके पुत्रों कमल सैनी और सुधीर के नाम विरासत के आधार पर खतौनी में दर्ज हो गई। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी ही वैध खरीदी हुई भूमि में से कुछ हिस्सों के प्लॉट कर बैनामे किए हैं, जिन पर क्रेताओं का कब्जा भी है और इस पर किसी प्रकार का विवाद पहले नहीं था।

यहीं से शुरू हुआ विवाद और आरोपों का दौर

कमल सैनी का आरोप है कि जोगिंद्र निवासी अशरफपुर और शाहिद पुत्र वहीद खान निवासी जमालपुर गाड़ीवाला सहित कुछ लोग एक राय होकर उनकी जमीन को हड़पने की नीयत से लगातार झूठी शिकायतें उच्च अधिकारियों के पास भेज रहे हैं। इन शिकायतों में बैनामों को फर्जी बताया जा रहा है, जबकि पीड़ित पक्ष का दावा है कि सभी बैनामे उनकी अपनी भूमि से ही किए गए हैं और पूरी तरह वैध हैं।

पीड़ितों का कहना है कि विपक्षी लोगों का इस जमीन से कोई लेना-देना नहीं है और न ही उनके पास कोई वैध दस्तावेज है। इसके बावजूद वे प्रशासन पर दबाव बनाकर और झूठे आरोप लगाकर जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं।

दिव्यांग पीड़ित पर बढ़ा दबाव, प्रताड़ना के आरोप

मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि कमल सैनी दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। उनका आरोप है कि विपक्षी उनकी शारीरिक स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और लगातार दबाव बना रहे हैं, जिससे वह बेहद परेशान हैं।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि फर्जी शिकायत करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उन्हें न्याय मिल सके।

इलाके में चर्चा, बढ़ सकता है विवाद

यह मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। हाईवे से सटी कीमती जमीन होने के कारण विवाद और भी गंभीर माना जा रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।

अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर इस विवाद में सच्चाई किसके पक्ष में सामने आती है।
रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम कैराना
#samjhobharat 
8010884848

🕌 नूरानी मस्जिद, अजीजपुर में तरावीह मुकम्मल—अमन और भाईचारे की दुआओं से गूंजा माहौल

बिड़ौली/झिंझाना, शामली (उत्तर प्रदेश):

रमजान के पाक महीने की रूहानी फिज़ा में मंगलवार देर रात गांव अजीजपुर स्थित नूरानी मस्जिद में तरावीह की नमाज़ मुकम्मल होने के मौके पर एक खास दुआ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे गांव में इबादत, अदब और भाईचारे का खूबसूरत माहौल देखने को मिला।

तरावीह के दौरान हाफिज अशरफ ने कुरान-ए-मजीद की तिलावत बेहद सलीके और खूबसूरती के साथ पेश की, जिसे कारी शोएब और अन्य नमाजियों ने बड़े ध्यान और अकीदत के साथ सुना। मस्जिद के इमाम शमीम अहमद ने भी नमाज़ की अदायगी और व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई, जिससे पूरा कार्यक्रम बेहद अनुशासित और रूहानी बना रहा।

कार्यक्रम को सफल बनाने में गांव के वर्तमान बीडीसी तौफीक का विशेष सहयोग रहा। इस मौके पर क्षेत्र के कई सम्मानित लोग मौजूद रहे, जिनमें पश्चिम प्रदेश संयुक्त सचिव हाफिज मोहम्मद इनाम, कारी उस्मान, सुफियान, हाफिज जब्बार, हाफिज जुबेर, मुदस्सिर, राशिद, जावेद, गफ्फार, गुलफाम, मोदीराम, राकिब सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम के समापन पर मुल्क की तरक्की, अमन-चैन और आपसी भाईचारे के लिए सामूहिक दुआ की गई। इसके बाद हाफिज अशरफ के आवास पर नाश्ता एवं भोजन वितरण का भी इंतजाम किया गया, जिसमें सभी लोगों ने मिलकर शिरकत की।

इस तरह का आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करता है, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और सौहार्द का संदेश भी देता है।


✍️ रिपोर्ट: शाकिर अली
📍 बिडौली सादात, झिंझाना, जिला शामली (उत्तर प्रदेश)
📞 8010884848, 9528680561
🌐 www.samjhobharat.com



शिक्षक संकुल बैठक में शिक्षा सुधार पर जोर, स्कूल संचालन और योजनाओं पर विस्तृत चर्चा

कैराना। मंगलवार को कस्बे के क्षेत्र ग्राम मलकपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में मार्च माह की शिक्षक संकुल बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के शिक्षक और शिक्षिकाएं बड़ी संख्या में शामिल हुए और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर गंभीर चर्चा हुई।

बैठक में एआरपी हरीश, शिक्षक संकुल कलीम अहमद, सुधीर कुमार, बिट्टू कुमार सहित एनपीआरसी खुरगान क्षेत्र के कई शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मैडम अंजली द्वारा सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और श्री राजकुमार द्वारा माल्यार्पण कर किया गया।

बैठक के दौरान मुख्य रूप से एजेंडा बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें विद्यालय संचालन की व्यवस्था, शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम, बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, पाठ्यक्रम के अनुपालन और शैक्षिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया। एआरपी हरीश, कलीम अहमद और सुधीर कुमार ने शिक्षकों को विस्तार से मार्गदर्शन दिया और स्कूलों में सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया।

शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सुझाव भी दिए, जिससे विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर हो सके। बैठक के अंत में प्रधानाध्यापक जयप्रकाश ने सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया और आगे भी ऐसी बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया।

यह बैठक शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षक-शिक्षिका सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम कैराना
#samjhobharat 
8010884848

कैराना में लेखपाल लवकेश को जान से मारने की धमकी, एसडीएम तक गूंजा मामला—2 दिन बाद भी न एफआईआर, न गिरफ्तारी

कैराना (शामली)। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सख्त कानून व्यवस्था वाली सरकार के बीच भी दबंग किस्म के लोगों द्वारा सरकारी कार्य में बाधा डालने और लेखपाल को जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आने से हलचल तेज हो गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि दो दिन बीत जाने के बाद भी अब तक न एफआईआर दर्ज हो सकी है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है।

मामले को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने एकजुट होकर एसडीएम कैराना को ज्ञापन सौंपा और तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आया है। संघ के मुताबिक ग्राम पांवटीकलां निवासी अमित कुमार पुत्र रकम सिंह ने लेखपाल लवकेश कुमार पर नामांतरण रिपोर्ट बदलने का दबाव बनाया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई और झूठी शिकायतों के जरिए मानसिक दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया है।

लेखपालों का कहना है कि प्रदेश में सख्त प्रशासनिक व्यवस्था होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं, लेकिन उन्हें सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर भरोसा है कि दोषियों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई होगी। संघ ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में त्वरित कदम उठना जरूरी है, ताकि कर्मचारियों का मनोबल बना रहे।


फिलहाल प्रशासन स्तर पर जांच जारी है और लेखपाल संघ ने आरोपी के खिलाफ शीघ्र मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग दोहराई है। रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम कैराना
#samjhobharat 
8010884848