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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर नवसारी में 300 से अधिक विद्यार्थियों ने किया योगाभ्यास, स्वास्थ्य और अनुशासन का दिया संदेश
नवसारी (गुजरात)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संघ गंगा संघ एवं तपस्या नारी सेवा समिति चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में श्री वी.वी.पी.पी. विद्यालय तथा वी.एस. पटेल यू.एम. विद्यालय, कस्बा-गांव नवसारी में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 300 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को योग के महत्व, शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन तथा दैनिक जीवन में योग की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। योगाभ्यास के माध्यम से बच्चों को अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर गुजरात प्रांत सह-संयोजक ऋषिदा ठाकुर, कोषाध्यक्ष जयन्तीभाई पटेल, घाट आयाम उपप्रमुख नितिनभाई पटेल, परेशभाई नाइक, स्नेहाबेन तथा लक्ष्यभाई सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य उदयभाई नाइक एवं शिक्षिका बहनों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहे योग गुरु प्रशील परमार, जिन्होंने योग के क्षेत्र में तीन बार लिम्का वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित कर अपनी विशेष पहचान बनाई है। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। उनके अनुभव और प्रेरणादायक मार्गदर्शन ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। आयोजकों ने बताया कि योग केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है। ऐसे आयोजन समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विद्यालय परिवार, सभी ट्रस्टियों, शिक्षकों, सहयोगियों तथा उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। अंत में सभी ने नियमित योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।🙏🏻🚩 हर हर गंगे 🚩🙏🏻
विशेष रिपोर्ट: ज़मीर आलम
गुजरात डेस्क | समझो भारत राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल
ग्रेटर नोएडा की महिला ने पहचान छिपाकर संबंध बनाने का लगाया आरोप, पुलिस जांच में जुटी
महिला की शिकायत पर मामला दर्ज, धर्म परिवर्तन और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों की हो रही जांच
ग्रेटर नोएडा/मुजफ्फरनगर। ग्रेटर नोएडा में रहने वाली 55 वर्षीय एक महिला द्वारा मुजफ्फरनगर निवासी एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2016 में उसकी मुलाकात एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति से हुई थी। महिला का कहना है कि उस समय संबंधित व्यक्ति ने अपनी पहचान अलग नाम से बताई थी और धीरे-धीरे उसके साथ घनिष्ठ संबंध स्थापित कर लिए। शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में उसे व्यक्ति की वास्तविक पहचान के बारे में जानकारी मिली।
महिला ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि उसके साथ लंबे समय तक विश्वास के आधार पर संबंध बनाए गए और बाद में उस पर धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का दबाव डाला गया। शिकायत में धर्म परिवर्तन तथा पारिवारिक दबाव जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन सभी आरोपों की पुष्टि अभी जांच के अधीन है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच अधिकारी दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष केवल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आता है। इसलिए किसी भी पक्ष के संबंध में अंतिम राय बनाना फिलहाल उचित नहीं होगा।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें तथा आधिकारिक तथ्यों और जांच रिपोर्ट का इंतजार करें।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत, देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल "समझो भारत" के लिए उत्तर प्रदेश डेस्क से पत्रकार ज़मीर आलम की विशेष रिपोर्ट।
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शामली में बाल श्रम उन्मूलन अभियान तेज, कई प्रतिष्ठानों पर हुई जांच, बच्चों की शिक्षा पर दिया गया जोर
शामली। उत्तर प्रदेश सरकार के "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" अभियान के अंतर्गत जनपद शामली में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया। प्रशासन, श्रम विभाग, पुलिस और सामाजिक संगठनों की संयुक्त टीम द्वारा कैराना एवं कांधला क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान बाल श्रम से संबंधित नियमों के पालन की जांच की गई तथा आवश्यकतानुसार संबंधित प्रतिष्ठानों को निर्देश भी जारी किए गए।
यह अभियान जिलाधिकारी आलोक यादव एवं पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह के निर्देशन में संचालित किया गया। सहायक श्रम आयुक्त अरविंद मद्धेशिया के मार्गदर्शन में श्रम प्रवर्तन अधिकारी विंध्याचल शुक्ला, थाना मानव तस्करी विरोधी टीम तथा सामाजिक संस्था जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एवं ग्रामीण समाज विकास केंद्र की संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान टीम ने बाल श्रम से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया। जहां भी आवश्यक पाया गया, वहां संबंधित सेवायोजकों को नियमों के अनुपालन के संबंध में निर्देश दिए गए और वैधानिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी विंध्याचल शुक्ला ने कहा कि बच्चों का पहला और सबसे महत्वपूर्ण अधिकार शिक्षा है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की कि वे 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं किशोरों से किसी भी प्रकार का कार्य न कराएं और कानून का पूर्ण रूप से पालन करें। उन्होंने बताया कि जनपद में बाल श्रम उन्मूलन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।सहायक श्रम आयुक्त अरविंद मद्धेशिया ने कहा कि वर्ष 2027 तक "बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश" के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों को श्रम से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना ही इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एवं ग्रामीण समाज विकास केंद्र के प्रतिनिधि गजेंद्र ने कहा कि संस्था बाल अधिकारों की रक्षा तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर कार्य कर रही है। उनका कहना था कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए।
अभियान के दौरान थाना मानव तस्करी विरोधी टीम से प्रमोद कुमार एवं अमरदीप, श्रम विभाग से मुनव्वर जंग तथा सामाजिक संस्था से गौरव मलिक सहित अन्य अधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।बाल श्रम उन्मूलन अभियान का उद्देश्य केवल कानून का पालन सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी है। प्रशासन का मानना है कि शिक्षा से जुड़ा प्रत्येक बच्चा प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।📰 ख़ास रिपोर्ट समझो भारत राष्ट्रीय समाचार पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल शौकिन सिद्दीकी, ब्यूरो चीफ, शामली (उत्तर प्रदेश)📹 कैमरामैन: रामकुमार चौहान 📞 मोबाइल: 8010884848, 9528680561 🌐 वेबसाइट: www.samjhobharat.com 📧 ई-मेल: info@samjhobharat.com
कमालपुर मे बाबा गोरखनाथ क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन, विजय कौशिक और अशवनी शर्मा ने फीता काटकर किया उद्घाटन
मोहर्रम की दूसरी मजलिस में गूंजा कर्बला का पैगाम, शहीदों की याद में नम हुईं आंखें
बिडौली (शामली)। मोहर्रम की दूसरी तारीख पर कस्बा बिडौली सादात के विभिन्न इमामबारगाहों में आयोजित मजालिस में कर्बला के शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस दौरान शिया समुदाय के लोगों ने इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके 72 साथियों की कुर्बानी को याद करते हुए शहादत के संदेश पर प्रकाश डाला।
मजलिसों की शुरुआत मरसिया-खानी से हुई, जिसमें सय्यद वसी हैदर, नफीस शाह, मिन्हाल मेहदी और गुलाम अली जैदी सहित कई लोगों ने अपने कलाम पेश किए। पहली मजलिस सुबह इमामबारगाह में आयोजित हुई, जहां मौलाना वसीम साहब किबला (बहराइच) ने कर्बला की घटनाओं और उसके संदेश पर विस्तार से चर्चा की।दूसरी मजलिस पूर्व प्रधान फजल अली उर्फ अच्छू मियां की कोठी में आयोजित की गई, जिसमें हुज्जतुल इस्लाम मौलाना फरहत हुसैन साहब (आजमगढ़) ने अपने संबोधन में इंसाफ, सब्र और मानवता के लिए इमाम हुसैन की कुर्बानी को प्रेरणास्रोत बताया।
दिन और रात में आयोजित अन्य मजालिसों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रमों के समापन पर नौहाखानी और सीनाज़नी का आयोजन किया गया। अंजुमन-ए-सज्जादिया के नौहाखानों हाशिम शाह, शौकीन हुसैन, हसन अली जैदी, सय्यद वसी हैदर और सहजाद शाह ने भावपूर्ण नौहे प्रस्तुत किए, जिन्हें सुनकर उपस्थित लोग भावुक हो उठे।मजलिसों में सैय्यद मेहताब मेहंदी, सैय्यद आफताब मेहंदी, जिया मेहंदी, सलीम शाह, हामिद शाह, कमर अब्बास जैदी, मोहम्मद जैदी, हसन रजा, नियाज हैदर, अली हैदर, सज्जाद मेहदी, आगाज रजा, मंजर जैदी, बाकिर जैदी, डॉ. बाकिर तथा अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मोहर्रम की ये मजालिस केवल शोक व्यक्त करने का अवसर नहीं हैं, बल्कि सत्य, न्याय, त्याग और मानवता के उन मूल्यों को याद करने का माध्यम भी हैं, जिनके लिए कर्बला के मैदान में महान बलिदान दिए गए थे। यही संदेश आज भी समाज को भाईचारे, धैर्य और इंसाफ की राह पर चलने की प्रेरणा देता है।रिपोर्ट: शाकिर अली, बिडौली (झिंझाना), जिला शामली, उत्तर प्रदेश
मोहर्रम 2026 की तैयारियों को लेकर अंजुमन-ए-सज्जादिया कमेटी की बैठक, साफ-सफाई और सामाजिक कार्यों पर हुआ मंथन
कमेटी सदस्यों ने इमामबाड़ा परिसर की साफ-सफाई, गलियों की स्वच्छता, बिजली व्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियान चलाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की। इसके साथ ही समाजसेवा के तहत ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक विचार किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए फजल अली उर्फ अच्छू मियां ने कहा कि मोहर्रम के सभी धार्मिक कार्यक्रम आपसी भाईचारे, शांति और अनुशासन के साथ आयोजित किए जाएं। उन्होंने सभी सदस्यों और क्षेत्रवासियों से जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।
बैठक के दौरान मोहर्रम आयोजन समिति 2026 से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस अवसर पर दानियाल जैदी, असगर मेहदी, सज्जाद मेहदी, हसन रजा, फराज, कुमैल सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
मोहर्रम की तैयारियों को लेकर आयोजित इस बैठक में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक एवं जनहित कार्यों को भी प्राथमिकता देने पर बल दिया गया, जिससे समाज में एकता, सेवा और सद्भाव का संदेश प्रसारित हो सके।रिपोर्ट: शाकिर अली, झिंझाना (शामली), उत्तर प्रदेश
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