पूर्व प्रत्याशी ग्राम प्रधान के सहयोग से बदलवाया फुका ट्रांसफार्मर, ग्राम वासियो ने राहत की सांस ली
जिला उधम सिंह नगर के जसपुर हीरा गार्डन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जसपुर ने विधायक जसपुर आदेश सिंह चौहान की उपस्थिति में एक सभा का आयोजन किया गया
आज दिनांक 28 जून 2026 दिन रविवार जिला उधम सिंह नगर के जसपुर हीरा गार्डन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जसपुर ने विधायक जसपुर आदेश सिंह चौहान जी की उपस्थिति में
एक सभा का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि विधायक जसपुर आदेश सिंह चौहान वह जिला अध्यक्ष हिमांशु गाबा जी रहे जसपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का गठन किया गया
और सभी को संबोधित करते हुए आदेश सिंह चौहान विधायक जसपुर ने कहा कि हमें आने वाले 2027 के चुनाव में एक जुट होकर मजबूती से कार्य करना है तभी हमारी पार्टी जीत पाएगी हमें घर घर जाकर लोगों को समझना कि किसी के बहकावे में ना आए
अपना कीमती वोट ऐसे व्यक्ति को दें जो व्यक्ति आधी रात को भी आपके लिए खड़ा रहता है और कहा गया कि अगर आदेश सिंह चौहान जी कोआप अपना वोट देकर तीसरी बार विधायक बनाते हैं तो मैं जैसे आगे आपकी कार्य करता आया हूं वैसे ही आपके कार्य आगे भी होते रहेंगे मैं करता रहूंगा आप जानते हैं यह बीजेपी के लोग वोट के समय ही आपको पहचानते हैं चुनाव के बाद यह आपसे मिलना भी दूर आपके उधर झांकना भी पसंद नहीं करते एक कांग्रेस पार्टी ही ऐसी है जो आप लोगों के लिए हर टाइम खड़ी रहती है आपकी हर कार्यों के लिए हमेशा उनके अधिकारी खड़े रहते हैं इसलिए 2027 में कांग्रेस को वोट दें अपना कैंडिडेट को जीते कांग्रेस को मजबूत बनाएं आदेश सिंह चौहान जी को तीसरी बार विधायक बनाएं और जो भी आपके कार्य थोड़े बहुत रुक गए होंगे वह सब पूरे हो जाएंगे जैसे पीछे पूरे होते हुए हैं खुद हिमांशु गाबा जी ने जसपुर की जनता से
सभा में उपस्थित रहे वरिष्ठ नेyता सुभाष शर्मा जी पूर्वी नगर अध्यक्ष इफ्तार बबलू जी ब्लॉक अध्यक्ष बबलू जी हिमांशु लंबरदार सर्वेश चौहान जी रवि शर्मा जी वर्तमान नगर अध्यक्ष मोहम्मद नाजिम की और तमाम कांग्रेस पदाधिकारी कार्यकर्ता गांव पूछे से आए कांग्रेस परिवार के साथी गण मौजूद रहे।
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शामली के बिडौली सादात में ओवरलोड से ट्रांसफार्मर फुंकाः ग्रामीणों को बिजली-पानी का संकट, नया स्थापित करने की मांग।
आशूरा पर बिडौली में निकला मातमी जुलूस, इमाम हुसैन की कुर्बानी को नम आंखों से किया गया याद
बिडौली (शामली, उत्तर प्रदेश):
मुहर्रम की 10वीं तारीख यानी यौमे आशूरा के अवसर पर शामली जनपद के बिडौली गांव में हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में शिया समुदाय द्वारा पारंपरिक श्रद्धा और अकीदत के साथ मातमी जुलूस निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शबी-ए-ताबूत, अलम और जुलजनाह के साथ जुलूस में हिस्सा लिया तथा मातम कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
आशूरा का यह आयोजन केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि त्याग, सत्य, न्याय और इंसानियत के लिए दी गई महान कुर्बानी की याद को जीवंत रखने का माध्यम भी है। यही संदेश आज भी समाज को आपसी भाईचारे, धैर्य और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए प्रेरित करता है।
रिपोर्ट: शाकिर अली, बिडौली सादात (जनपद शामली, उत्तर प्रदेश)
प्रकाशन: समझो भारत राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल
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मया बाजार में श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया गया यौमे आशूरा, ताजियों का हुआ सुपुर्द-ए-खाक
अयोध्या, मया बाजार।मोहर्रम की 10वीं तारीख यानी यौमे आशूरा के अवसर पर अयोध्या जनपद के मया बाजार क्षेत्र में धार्मिक श्रद्धा, अनुशासन और शांतिपूर्ण वातावरण के बीच विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत मजलिस से हुई, जिसमें हाफिज मोहम्मद मेराज और हाफिज मोहम्मद इमरान ने इमाम हुसैन की शहादत और उनके संदेश पर आधारित नातिया कलाम एवं तकरीर पेश की। वक्ताओं ने कर्बला की घटना को सत्य, इंसाफ, सब्र और कुर्बानी की मिसाल बताते हुए लोगों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। मोहर्रम के अवसर पर दोपहर बाद से क्षेत्र में खिचड़ा और छबील (शरबत) का वितरण किया गया, जिसमें सभी समुदायों के लोगों ने भाग लिया। पूरे दिन धार्मिक श्रद्धा और सामाजिक सौहार्द का वातावरण देखने को मिला।शाम करीब 6:30 बजे मया बाजार स्थित कनकपुर प्राइमरी स्कूल के पीछे बेलाताली कर्बला में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए, जिससे सभी कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुए।
कार्यक्रम में मास्टर मुबारक अली इदरीशी, मोहम्मद कैफ इदरीशी, अबरार आलम अंसारी, शमसुद्दीन, मोहम्मद नईम, मोहम्मद मुस्तकीम, मोहम्मद अली, दीन अली, वारिस अली, मोहर्रम अली, मोहम्मद शालू, मोहम्मद अरमान सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। यौमे आशूरा केवल एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि इंसानियत, न्याय, त्याग और सत्य के लिए संघर्ष की उस ऐतिहासिक विरासत की याद भी है, जिसे इमाम हुसैन और उनके साथियों ने अपने सर्वोच्च बलिदान से अमर कर दिया।रिपोर्ट: ज़मीर आलम
उत्तर प्रदेश डेस्क


