ईद से पहले देवबंद में क्या हुआ ऐसा कि ‘आयरन लेडी’ इरम उस्मानी को करनी पड़ी खास अपील? जानिए पूरी कहानी

देवबंद। ईद-उल-फितर से ठीक पहले देवबंद में एक ऐसी अपील सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। समाज सेवा के क्षेत्र में मजबूत पहचान रखने वाली ‘आयरन लेडी’ इरम उस्मानी ने मुसलमानों से एक अहम और जिम्मेदारी भरी गुजारिश की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईद की नमाज सड़कों पर अदा न करें, बल्कि ईदगाह और मस्जिदों में ही नमाज पढ़ें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा और अव्यवस्था से बचा जा सके।

इरम उस्मानी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि त्योहारों की असली खूबसूरती शांति, अनुशासन और भाईचारे में होती है। अगर हम नियमों का पालन नहीं करेंगे तो यह त्योहार की भावना के खिलाफ होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि शासन-प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करें और एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें।

देवबंद में इरम उस्मानी का नाम सिर्फ अपीलों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने कई मौकों पर अपनी सक्रियता से समाज में एक मिसाल कायम की है। खासकर सीएसए के प्रदर्शन में उनकी मुख्य भूमिका ने उन्हें एक मजबूत और बेबाक आवाज के रूप में स्थापित किया। उस दौरान उन्होंने जिस तरह नेतृत्व किया, उसकी चर्चा आज भी लोगों के बीच होती है।

गरीब, मजबूर और बेसहारा लोगों के लिए इरम उस्मानी हमेशा आगे खड़ी नजर आती हैं। किसी भी जरूरतमंद की मदद के लिए वह बिना किसी हिचक के मैदान में उतरती हैं, यही वजह है कि क्षेत्र में उनकी छवि एक सशक्त समाज सेविका के रूप में बनी हुई है।

ईद जैसे बड़े त्योहार पर उनकी यह अपील केवल एक सलाह नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और सोच को दर्शाती है। अब देखना यह है कि लोग उनकी इस अपील को कितना अपनाते हैं, लेकिन इतना तय है कि इरम उस्मानी का यह संदेश देवबंद में चर्चा का विषय बन चुका है।रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम कैराना
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