शामली। जनपद के झिझाना क्षेत्र के ग्राम जमालपुर में मेरठ-करनाल राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी कीमती जमीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। करोड़ों रुपये की बताई जा रही इस भूमि को लेकर अब खुलकर आरोप-प्रत्यारोप हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष ने कुछ लोगों पर सुनियोजित तरीके से फर्जी शिकायतें कर जमीन हड़पने की साजिश रचने और प्रशासन को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम जमालपुर स्थित खसरा संख्या 429 की भूमि, जिसका कुल रकबा 0.4900 हेक्टेयर है, में से 0.2850 हेक्टेयर भूमि वर्ष 2011 में सतपाल सिंह पुत्र गंगा द्वारा विधिवत बैनामा (रजि० संख्या 11991 दिनांक 26-11-2011) के माध्यम से खरीदी गई थी। यह भूमि अनिल कुमार उर्फ आलम एवं श्रीमती खेमो देवी निवासी मोहल्ला शेखामैदान, झिझाना से ली गई थी। बैनामा के बाद से ही परिवार उक्त भूमि पर काबिज रहा और सरकारी अभिलेखों में नाम दर्ज होता चला आ रहा है।
वर्ष 2022 में सतपाल सिंह के निधन के बाद उक्त भूमि उनके पुत्रों कमल सैनी और सुधीर के नाम विरासत के आधार पर खतौनी में दर्ज हो गई। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी ही वैध खरीदी हुई भूमि में से कुछ हिस्सों के प्लॉट कर बैनामे किए हैं, जिन पर क्रेताओं का कब्जा भी है और इस पर किसी प्रकार का विवाद पहले नहीं था।
यहीं से शुरू हुआ विवाद और आरोपों का दौर
कमल सैनी का आरोप है कि जोगिंद्र निवासी अशरफपुर और शाहिद पुत्र वहीद खान निवासी जमालपुर गाड़ीवाला सहित कुछ लोग एक राय होकर उनकी जमीन को हड़पने की नीयत से लगातार झूठी शिकायतें उच्च अधिकारियों के पास भेज रहे हैं। इन शिकायतों में बैनामों को फर्जी बताया जा रहा है, जबकि पीड़ित पक्ष का दावा है कि सभी बैनामे उनकी अपनी भूमि से ही किए गए हैं और पूरी तरह वैध हैं।
पीड़ितों का कहना है कि विपक्षी लोगों का इस जमीन से कोई लेना-देना नहीं है और न ही उनके पास कोई वैध दस्तावेज है। इसके बावजूद वे प्रशासन पर दबाव बनाकर और झूठे आरोप लगाकर जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं।
दिव्यांग पीड़ित पर बढ़ा दबाव, प्रताड़ना के आरोप
मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि कमल सैनी दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। उनका आरोप है कि विपक्षी उनकी शारीरिक स्थिति का फायदा उठाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और लगातार दबाव बना रहे हैं, जिससे वह बेहद परेशान हैं।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि फर्जी शिकायत करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उन्हें न्याय मिल सके।
इलाके में चर्चा, बढ़ सकता है विवाद
यह मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। हाईवे से सटी कीमती जमीन होने के कारण विवाद और भी गंभीर माना जा रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।
अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर इस विवाद में सच्चाई किसके पक्ष में सामने आती है।
रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम कैराना
#samjhobharat
8010884848
No comments:
Post a Comment