शामली: ऑपरेशन के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही के आरोप, जांच शुरू


शामली।
जनपद शामली में एक निजी अस्पताल से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला की डिलीवरी के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने और बाद में मौत होने के मामले में अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित चिकित्सक पर चिकित्सकीय लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, थाना भवन क्षेत्र के गांव उस्मानपुर निवासी छत्रपाल ने अपनी पत्नी रितिका को 20 मई को डिलीवरी के लिए शामली स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान किए गए ऑपरेशन में चिकित्सकीय लापरवाही हुई, जिसके कारण महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।

परिवार का कहना है कि जब महिला की हालत गंभीर हुई तो उसे बेहतर उपचार के लिए मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां जांच के दौरान चिकित्सकों को पेट के अंदर एक कपड़ा होने की जानकारी मिली। परिजनों के अनुसार, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन के बाद दोबारा ऑपरेशन किया गया, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई थी।

हालांकि, उपचार के बावजूद महिला की जान नहीं बच सकी। इसके बाद परिजनों ने संबंधित अस्पताल और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के दौरान मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की भी समीक्षा की जाएगी।

दूसरी ओर, परिजनों का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि जांच पूरी होने तक संबंधित अस्पताल के संचालन की भी समीक्षा की जानी चाहिए।

मामले में स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने का इंतजार है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की।

फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और क्या किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी।

नोट: इस मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के हैं। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों और सक्षम अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही माना जाएगा।

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