सजे दस्तरख्वान, इमाम-ए-जाफर सादिक की नज़र कराई — बिडौली सादात में अकीदत का माहौल
बिडौली सादात में सोमवार देर शाम शिया समुदाय द्वारा नवासे-ए-रसूल इमाम जाफर‑ए‑सादिक अलैहिस्सलाम की याद में दस्तरख्वान सजाकर नज़र-नियाज़ का एहतमाम किया गया। इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य रोज़ी में बरकत और खुशहाली की दुआ करना रहा।
शिया समुदाय के लोगों ने घर-घर इमाम जाफर-ए-सादिक अलैहिस्सलाम के नाम का दस्तरख्वान सजाया। अकीदत के साथ तरह-तरह के पकवान तैयार किए गए और मेहमानों को आमंत्रित कर नज़र दिलाई गई। गांव में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इस परंपरा का पालन किया गया, जहां लोगों ने एक-दूसरे के घरों में जाकर नज़र में शिरकत की।
इस अवसर पर मेहमानों ने अल्लाह से रोज़ी में बरकत, अमन-चैन और तरक्की की दुआ मांगी। नज़र-नियाज़ के आयोजन में सलीम शाह, शाकीर अली, डॉक्टर बाकर, इक़बाल शाह सहित अनेक अकीदतमंदों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और इंतजामात को सफल बनाया।
यह आयोजन आपसी भाईचारे, धार्मिक एकता और सामाजिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बना, जिसमें समुदाय के हर वर्ग ने मिल-जुलकर अकीदत का इज़हार किया।
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