यह शिकायत (एआईएमआईएम) के पश्चिमी प्रदेश संयुक्त सचिव हाफिज इनाम द्वारा दर्ज कराई गई। शिकायत में बताया गया कि वर्षों से राशन की दुकान ग्राम बिडौली सादात में ही संचालित होती रही है, लेकिन अब इसे दूसरे गांव में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है। इससे बिडौली सादात के ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम बिडौली सादात में लगभग 450 राशन कार्ड धारक हैं, जबकि मजरा झिमरान बिडौली में केवल करीब 150 राशन कार्ड ही हैं। इसके बावजूद कम आबादी वाले गांव में राशन की दुकान खोले जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जो लाभार्थियों की संख्या और सुविधा—दोनों ही दृष्टि से अनुचित है।
ग्रामीण लंबे समय से अपने गांव में ही राशन की दुकान खुलवाने के लिए प्रयासरत हैं। उनका कहना है कि दूसरे गांव में दुकान होने से बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को राशन लेने में अतिरिक्त दूरी और समय की परेशानी झेलनी पड़ती है। इसलिए अधिक संख्या में लाभार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए राशन की दुकान ग्राम बिडौली सादात में ही खोली जानी चाहिए।
इसी मांग को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों से हस्तक्षेप कर आवश्यक निर्देश दिए जाने की अपील की गई है।
— समझो भारत राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए
बिडौली सादात, शामली (उ.प्र.) से पत्रकार शाकिर अली की खास रिपोर्ट
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