शामली के कुशांक चौहान ने राज्य सलाहकार बोर्ड की बैठक में उठाई दिव्यांगजनों की आवाज़, शिक्षा और कैशलेस इलाज पर दिए अहम सुझाव

लखनऊ/शामली: उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण को लेकर लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ के योजना भवन में उत्तर प्रदेश दिव्यांगता राज्य सलाहकार बोर्ड की आठवीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने की। इसमें प्रदेशभर के दिव्यांगजनों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में शामली का प्रतिनिधित्व कर रहे राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्य कुशांक चौहान ने जिले के दिव्यांगजनों से जुड़े कई अहम मुद्दे मजबूती से उठाए। उन्होंने सुझाव दिया कि शामली में 'बचपन केयर दिव्यांग स्कूल' की स्थापना या आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं, ताकि दिव्यांग बच्चों को अपने ही जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उनका मानना है कि स्थानीय स्तर पर ऐसी व्यवस्था होने से बच्चों और उनके परिवारों को दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

इसके साथ ही कुशांक चौहान ने आयुष्मान भारत योजना के तहत दिव्यांगजनों को कैशलेस उपचार की सुविधा प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी रखी। उन्होंने कहा कि कई दिव्यांगजन आर्थिक कठिनाइयों के कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते, ऐसे में यह सुविधा उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

बैठक के दौरान दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा भी की गई। सरकार की ओर से बताया गया कि वर्ष 2017 से 2026 के बीच विभाग के बजट में तीन गुना से अधिक की वृद्धि की गई है। वर्तमान में शिक्षा, स्वास्थ्य, छात्रवृत्ति, स्वरोजगार, सहायक उपकरण वितरण और पुनर्वास जैसी योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैठक में रखे गए सुझावों पर प्रभावी ढंग से अमल किया जाता है तो शामली सहित प्रदेश के हजारों दिव्यांगजन बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर हुई यह बैठक इस बात का संकेत भी देती है कि नीति निर्माण में जमीनी स्तर की समस्याओं और सुझावों को महत्व दिया जा रहा है। ऐसे प्रयास भविष्य में अधिक समावेशी और सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पत्रकार :- तल्हा मिर्ज़ा
स्थान: शामली, उत्तर प्रदेश
प्रकाशन: समझो भारत राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल
वेबसाइट: www.samjhobharat.com

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