शामली , प्रदेश में विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे प्रीपेड मीटरों की वर्तमान कार्यप्रणाली को लेकर आम उपभोक्ताओं एवं व्यापारी वर्ग में भारी रोष व्याप्त है। प्रीपेड मीटर प्रणाली का उद्देश्य भले ही पारदर्शिता एवं सुविधा प्रदान करना रहा हो, किंतु वर्तमान में इसकी अव्यवस्थित एवं त्रुटिपूर्ण व्यवस्था के कारण उपभोक्ताओं को निरंतर गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (पंजी०) के सहारनपुर मंडल अध्यक्ष अंकित जैन ने कहा कि वर्तमान प्रणाली में जैसे ही उपभोक्ता का बैलेंस समाप्त होता है, तत्काल प्रभाव से विद्युत आपूर्ति बाधित कर दी जाती है। इस प्रकार की व्यवस्था विशेष रूप से व्यापारी वर्ग के लिए अत्यंत नुकसानदायक सिद्ध हो रही है।
उन्होंने बताया कि सबसे गंभीर समस्या यह है कि विद्युत विभाग की वेबसाइट एवं ऑनलाइन रिचार्ज प्लेटफॉर्म कई बार सुचारू रूप से कार्य नहीं करते। सर्वर डाउन, तकनीकी खामियां एवं नेटवर्क समस्याओं के चलते उपभोक्ता समय पर रिचार्ज नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता घंटों प्रयास करते रहते हैं, लेकिन जैसे ही बैलेंस समाप्त होता है, बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काट दी जाती है, जो कि पूरी तरह अनुचित एवं अव्यावहारिक है।
उपभोक्ताओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक विषय है।
मंडल अध्यक्ष अंकित जैन ने विद्युत विभाग एवं संबंधित उच्चाधिकारियों से निम्न मांगें रखीं—
- उपभोक्ताओं को रिचार्ज समाप्त होने से पूर्व कम से कम 48 से 72 घंटे पहले प्री-अलर्ट (SMS/Call/WhatsApp) के माध्यम से सूचना दी जाए।
- रिचार्ज समाप्त होने के पश्चात उपभोक्ताओं को कम से कम 72 घंटे का ग्रेस पीरियड (Grace Period) प्रदान किया जाए, ताकि वे बिना किसी बाधा के भुगतान कर सकें।
- विभागीय वेबसाइट, मोबाइल ऐप एवं ऑनलाइन भुगतान प्रणाली को तकनीकी रूप से सुदृढ़ एवं निर्बाध बनाया जाए।
उपभोक्ताओं के लिए ऑफलाइन रिचार्ज केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि नेटवर्क समस्याग्रस्त क्षेत्रों में भी भुगतान की सुविधा उपलब्ध हो सके।
आपात स्थिति में उपभोक्ताओं को राहत देने हेतु इमरजेंसी बैलेंस/क्रेडिट सुविधा प्रारंभ की जाए।
उन्होंने प्रशासन एवं विद्युत विभाग से आग्रह किया कि उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से ठोस एवं प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि आमजन एवं व्यापारी वर्ग को राहत मिल सके और प्रीपेड मीटर व्यवस्था वास्तव में सुचारू, पारदर्शी एवं जनहितकारी बन सके।
उन्होंने बताया कि इन सभी मांगों के समर्थन में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, शामली द्वारा शीघ्र ही एक विस्तृत ज्ञापन संबंधित विभाग एवं मंत्रालय को प्रेषित किया जाएगा। "समझो भारत" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए पत्रकार सुरेन्द्र सिंह निर्वाल की खास रिपोर्ट
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