नन्हे रोजेदारों ने जीता दिल: बिड़ौली में बच्चों के पहले रोज़े पर इफ्तार पार्टी, लोगों ने दी दुआएँ

रमज़ान का मुक़द्दस महीना इबादत, सब्र और इंसानियत का पैगाम लेकर आता है। इसी रूहानी माहौल के बीच जनपद शामली के कस्बा बिड़ौली सादात में एक बेहद खुशनुमा और यादगार पल देखने को मिला, जब दो नन्हे बच्चों ने उत्साह के साथ अपना पहला रोज़ा रखा। बच्चों की इस छोटी-सी लेकिन अहम कोशिश ने परिवार और मोहल्ले के लोगों के दिल खुश कर दिए।

रमज़ान के 25वें रोज़े पर बाबर हुसैन कुददूसी की 7 वर्षीय पुत्री आमना और मोहम्मद हसन मियां कुददूसी के 6 वर्षीय पुत्र मोहम्मद हसन ने पूरे जोश और खुशी के साथ अपना पहला रोज़ा रखा। नन्हे रोजेदारों ने दिनभर रोज़ा रखकर अपने परिवार और आसपास के लोगों को गर्व महसूस कराया।

बच्चों के पहले रोज़े की खुशी को खास बनाने के लिए परिजनों ने एक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया, जिसमें कस्बे के कई सम्मानित और गणमान्य लोग शामिल हुए। इफ्तार के दौरान सभी ने बच्चों को मुबारकबाद दी और उनके उज्ज्वल भविष्य तथा अच्छी सेहत के लिए दुआएँ कीं।

इफ्तार कार्यक्रम में मुख्य रूप से नगर पंचायत चेयरमैन सुरेश पाल कश्यप, भाजपा नेता राहुल देव गुप्ता, डॉ. सतीस कुमार कश्यप, व्यापार मंडल अध्यक्ष विनोद कुमार संगल, सभासद इकराम सिद्दीकी, पूर्व चेयरमैन राकेश कुमार गोयल, शान मियां, जिशान अहमद, मुशर्रफ राणा (एमडी लाइफ समाचार भारत), हाजी सफदर अल्वी, अमजद अल्वी, मौलाना अकरम, अहमद मियां खादिम, आशीष मित्तल (स्कूल प्रबंधक), मोहम्मद रफी, शाकिब फारूकी, महोत्सिम सिद्दीकी, तनवीर आलम और खुर्शीद आलम (पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर हरियाणा राज्य हज कमेटी) सहित सैकड़ों लोगों ने शिरकत की।

मौजूद लोगों ने कहा कि बच्चों में छोटी उम्र से ही रोज़ा और इबादत की भावना पैदा होना एक अच्छी परंपरा है, जो उन्हें अनुशासन, सब्र और इंसानियत का संदेश देती है।

यह कार्यक्रम न सिर्फ बच्चों के लिए यादगार बना, बल्कि कस्बे में आपसी भाईचारे और खुशी का माहौल भी देखने को मिला।

रिपोर्ट: शाकिर अली
(विशेष संवाददाता, समझो भारत)
बिड़ौली सादात, झिंझाना
जिला शामली, उत्तर प्रदेश

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