रिपोर्ट: शाकिर अली | समझो भारत
रमज़ान का पाक महीना जहां इबादत, रहमत और इंसानियत का पैग़ाम देता है, वहीं इफ्तार जैसी महफिलें समाज में आपसी मोहब्बत और भाईचारे को और मज़बूत करती हैं। इसी सिलसिले में जनपद शामली के चौसाना क्षेत्र के गांव बल्लामजरा में रमज़ान के 26वें रोज़े के मौके पर एक खूबसूरत इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में रोज़ेदारों और स्थानीय लोगों ने शिरकत की।
सोमवार की शाम आयोजित इस इफ्तार पार्टी की मेजबानी ग्राम प्रधान पद के संभावित प्रत्याशी डॉ. शेरखान ने अपने आवास पर की। इफ्तार से पहले रोज़ेदारों ने नमाज़ अदा की और देश में अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। इफ्तार के दौरान वहां मौजूद लोगों के बीच अपनापन और आपसी सौहार्द की झलक साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता गुलफाम खान ने कहा कि रमज़ान-उल-मुबारक रहमतों और बरकतों से भरा महीना है। इस महीने में जरूरतमंदों की मदद करना और रोज़ेदारों को इफ्तार कराना बड़ी नेकी का काम माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस्लामी मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति किसी रोज़ेदार को इफ्तार कराता है, उसे रोज़ेदार के बराबर सवाब मिलता है। ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारा और आपसी संबंध और मजबूत होते हैं।
इस मौके पर डॉ. शेरखान ने भी रमज़ान के महत्व पर रोशनी डालते हुए बताया कि इस पवित्र महीने को अलग-अलग चरणों में समझाया जाता है, जिनमें रहमत, बरकत और मग़फिरत की विशेष अहमियत बताई जाती है। उन्होंने कहा कि रमज़ान का असली पैग़ाम इंसानियत, सब्र और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है।
इफ्तार कार्यक्रम में कई सामाजिक और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें पश्चिम प्रदेश संयुक्त सचिव हाफिज मोहम्मद इनाम, जिला अध्यक्ष शामली परवेज, डॉ. बरकत खान, ब्लॉक अध्यक्ष अकरम खान, ग्राम अध्यक्ष अशरफ, रहीस खान, अम्मार, फिरोज खान, हैदर, रज़ीउल्लाह खान, जुल्फकार खान, मोहम्मद माज, मोहम्मद रियाज़ खान, समशेर खान सहित क्षेत्र के अनेक लोग शामिल हुए।
इफ्तार के इस कार्यक्रम ने गांव में एक सकारात्मक संदेश दिया कि धार्मिक और सामाजिक परंपराएं जब मिलकर निभाई जाती हैं, तो समाज में एकता और भाईचारे की भावना और मजबूत होती है।
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