रिपोर्ट: शाकिर अली | समझो भारत
रमज़ान का पवित्र महीना इबादत, सब्र और इंसानियत का पैग़ाम देता है। इस महीने में आयोजित होने वाली इफ्तार महफिलें समाज में आपसी भाईचारा और मोहब्बत को मजबूत करने का जरिया बनती हैं। इसी कड़ी में जनपद शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव टपराना में रमज़ान के 25वें रोज़े के अवसर पर एक इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में रोज़ेदारों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
रविवार देर शाम आयोजित इस कार्यक्रम की मेजबानी जिला पंचायत वार्ड-9 के प्रत्याशी डॉ. जरीफ खान ने अपने आवास पर की। रोज़ेदारों ने इफ्तार से पहले नमाज़ अदा की और देश में अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे के लिए दुआ मांगी। इफ्तार के दौरान वहां मौजूद लोगों के बीच अपनापन और सामाजिक सौहार्द का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में मौजूद वार्ड-7 अध्यक्ष मोहम्मद मुस्तकीम ने कहा कि रमज़ान-उल-मुबारक रहमतों और बरकतों से भरा महीना है। इस दौरान जरूरतमंदों की मदद करना और रोज़ेदारों को इफ्तार कराना इस्लाम में बड़ी नेकी माना गया है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति किसी रोज़ेदार को इफ्तार कराता है, उसे रोज़ेदार के बराबर सवाब मिलने की बात कही जाती है। ऐसे कार्यक्रम समाज में एकता और आपसी मेल-मिलाप को बढ़ावा देते हैं।
इस मौके पर डॉ. जरीफ खान ने भी रमज़ान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महीना आत्मसंयम, सेवा और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि रमज़ान को अलग-अलग चरणों में समझाया जाता है, जिनमें बरकत, रहमत और मग़फिरत की विशेष अहमियत बताई जाती है।इफ्तार कार्यक्रम में पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और गांव के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इफ्तार किया और क्षेत्र में भाईचारे तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।
(यह रिपोर्ट सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम की जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है।)
— समझो भारत | बिडौली/झिंझाना, जिला शामली (उत्तर प्रदेश)
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