रिपोर्ट: शाकिर अली | समझो भारत
जनपद शामली के झिंझाना क्षेत्र में रविवार देर रात आई तेज हवाओं और आंधी-तूफान के कारण बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। तेज हवाओं के चलते बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से कई गांवों की विद्युत आपूर्ति करीब नौ घंटे तक बाधित रही, जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार रविवार रात लगभग दस बजे अचानक तेज हवा और आंधी चलने लगी। इसी दौरान विद्युत उपकेंद्र केरटू से जुड़े 11 केवी और 33 केवी बिजली लाइनों पर पॉपलर का पेड़ गिर गया, जिससे लाइन में फॉल्ट आ गया और कुछ स्थानों पर तार भी टूट गए। इसके चलते बिडौली सादात, झीमरान, बिडौली, म्यान कस्बा, अहमदगढ़, ओदरी, काला माजरा, अजीजपुर सहित दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
बिजली गुल होने से ग्रामीणों को रातभर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। जिन लोगों का काम बिजली से चलने वाले उपकरणों पर निर्भर है, उनका काम प्रभावित रहा। वहीं पशुओं के लिए चारा काटने, पानी भरने और घरेलू कामकाज में भी लोगों को काफी दिक्कत हुई।बिजली विभाग के कर्मचारियों के अनुसार तेज आंधी के कारण लाइन पर पॉपलर का पेड़ गिर गया था, जिससे बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। सूचना मिलने के बाद बिजली विभाग के लाइनमैन और संविदा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू किया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति बंद रखी गई और क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक किया गया।
करीब नौ घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार दोपहर लगभग एक बजे बिजली आपूर्ति को दोबारा सुचारू कर दिया गया, जिसके बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।
यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि तेज आंधी-तूफान के दौरान बिजली लाइनों के आसपास खड़े बड़े पेड़ अक्सर बिजली व्यवस्था के लिए जोखिम बन जाते हैं। ऐसे में समय-समय पर लाइन के आसपास पेड़ों की छंटाई और रखरखाव जरूरी माना जाता है, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके।— समझो भारत | बिडौली/झिंझाना, जिला शामली (उत्तर प्रदेश)
No comments:
Post a Comment