सहायक आयुक्त पर भ्रष्टाचार व अवैध वसूली के आरोप, मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग

बिड़ौली/झिंझाना (शामली) — जनपद शामली के सहकारिता विभाग में तैनात सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। बी-पैक्स उदयपुर के सभापति ने इस संबंध में को शिकायती पत्र भेजते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

क्या हैं आरोप?

शिकायत में कहा गया है कि सहायक आयुक्त द्वारा जिले की विभिन्न सहकारी समितियों में नियमों के विपरीत कार्य कराए जा रहे हैं। आरोप है कि कर्मचारियों से अवैध वसूली की जा रही है और समितियों से फीस के नाम पर अनियमित धन एकत्र किया जा रहा है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, रायपुर समिति में नियमों के विरुद्ध कर्मचारी भर्ती की गई तथा एरियर भुगतान में भी अनियमितताएं बरती गईं, जिससे समिति को आर्थिक नुकसान हुआ। इसके अलावा, कुछ भुगतान चेक के माध्यम से किए जाने का उल्लेख करते हुए लाखों रुपये के लेन-देन की जांच की मांग भी की गई है।

अवैध कब्जा हटाने के नाम पर वसूली का आरोप

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि समिति की भूमि पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के दौरान भुगतान के नाम पर 70 हजार रुपये देने की बात कही गई। बाद में कथित तौर पर 35 हजार रुपये कमीशन की मांग किए जाने का आरोप है। विरोध करने पर अभद्र भाषा के प्रयोग का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है।

शासन की छवि पर असर

सतीश कुमार का कहना है कि अन्य समितियों में भी नियमों के विरुद्ध कार्य हुए हैं, जिससे शासन की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई है।

आरोपों पर पक्ष

मामले में सहायक आयुक्त शिवम मलिक से फोन पर संपर्क किए जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें प्रकरण की जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि कार्य बोर्ड और सभापति की संस्तुति पर ही होता है तथा लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच कराई जाएगी।


राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए
शामली, उत्तर प्रदेश से पत्रकार शाकिर अली की विशेष रिपोर्ट

📞 8010884848
🌐 www.samjhobharat.com
✉️ samjhobharat@gmail.com
#samjhobharat

No comments:

Post a Comment