बिजनौर 02 जनवरी,2026:- जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में आज शाम 4:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में बैठक आयोजित हुई। जिलाधिकारी श्रीमती कौर ने उप कृषि निदेशक को निर्देश दिए कि किसानों के'फार्मर रजिस्ट्री' बनाने के कार्य में अपेक्षक तेजी लाए यदि किसी को कोई समस्या उत्पन्न हो रही हो तो प्रयुक्त प्रशिक्षण उपलब्ध कराएं। उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों का प्रमाणिक डाटा तैयार किया जाता है जिससे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी एवं सुगमता के साथ पहुँचाया जाता है। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री के बनने से किसानों को पीएम-किसान, फसल बीमा और कृषि ऋण जैसी सुविधाओं के लिए बार-बार दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होती।
डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा के दौरान उन्होंने संबंधित को निर्देश दिए कि खरीफ और रबी फसलों के सटीक आंकड़ों के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे को पूर्ण गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के अंतर्गत फसलों की वास्तविक स्थिति, बोए गए रकबे एवं फसल प्रकार का डिजिटल माध्यम से सर्वे किया जाता है, जिससे नीति निर्माण एवं योजना क्रियान्वयन में सहायता मिलती है। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किस खेत में कौन सी फसल बोई गई है, ताकि आपदा के समय मुआवजे और न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ सही लाभार्थी को मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सर्वे कार्य में लापरवाही प्रकाश में आने पर सर्वे कार्य में लगे सर्वेक्षकों और तहसील स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डेटा एंट्री में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो, इसके लिए वास्तविक समय में निगरानी करते रहें।
उन्होंने निर्देश दिए कि फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल सर्वे से कृषि क्षेत्र में एक "डिजिटल इकोसिस्टम" को इस प्रकार तैयार करें जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह, उप कृषि निदेशक डॉ घनश्याम वर्मा सहित सभी उप जिलाधिकारी मौजूद थे।
@ SAMJHO BHARAT
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