शामली, 17 सितंबर 2025।
सनातन धर्म में सभी पर्वों का एक गहरा महत्व है और इन्हीं में से एक है विश्वकर्मा जयंती। भगवान विश्वकर्मा जी को सृष्टि का प्रथम शिल्पकार माना जाता है, जिन्होंने स्वर्ग लोक, पुष्पक विमान, सोने की लंका, द्वारका नगरी और कई दिव्य अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण किया। उनके कार्य आज भी हमें सिखाते हैं कि योजनाबद्ध सोच, संसाधनों का सही प्रबंधन और सामंजस्य से कोई भी कार्य असंभव नहीं।
✨ भगवान विश्वकर्मा चौक का लोर्कापण
इसी अवसर पर नगर पालिका परिषद शामली द्वारा ‘‘भगवान विश्वकर्मा चौक’’ का लोर्कापण किया गया। लोर्कापण समारोह में नगर पालिका चेयरमैन श्री अरविन्द संगल, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) श्री परमानंद झां और श्री रघुवीर सिंह आर्य ने संयुक्त रूप से फीता काटकर इस चौक को जनता को समर्पित किया।चेयरमैन श्री अरविन्द संगल ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान विश्वकर्मा जी की कार्यशैली से हमें यह शिक्षा मिलती है कि जब परिवार, समाज और राष्ट्र योजनाबद्ध तरीके से संगठित होकर कार्य करें, तभी सुख-शांति और विकास संभव है।
🔬 विज्ञान और तकनीक के युग में प्रासंगिकता
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) श्री परमानंद झां ने कहा कि आधुनिक युग में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भगवान विश्वकर्मा जी की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। वे हमें यह संदेश देते हैं कि सृजन ही जीवन का मूल है और यदि श्रद्धा एवं निष्ठा के साथ कार्य किया जाए तो वही ईश्वर की उपासना बन जाता है।🙏 कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार सोलंकी, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक अनिल कुमार, अवर अभियंता जलकल हर्षित गर्ग, राजस्व निरीक्षक चन्द्र किशोर पटेल, लिपिक अनिल कुमार शर्मा, साथ ही नगर और जिले के अनेक सम्मानित गणमान्य एवं नागरिक उपस्थित रहे।“समझो भारत” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए,
शामली (उत्तर प्रदेश) से पत्रकार शौकीन सिद्कीदी की ख़ास रिपोर्ट।
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