कैराना के गाँव भूरा में गोलीकांड से मचा हड़कंप — आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख का बेटा और सत्ताधारी दल के चर्चित नेता के करीबी बताए जा रहे हैं।

कैराना। जनपद शामली के कैराना क्षेत्र का गाँव भूरा शुक्रवार रात गोलियों की गूंज से दहल उठा। परचून की दुकान पर सामान खरीद रहे ट्रक चालक आशिक पुत्र कय्यूम पर गाँव के दबंगों ने घेरकर जानलेवा हमला किया और उस पर फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि चालक बाल-बाल बच गया। घटना से पूरे गाँव में दहशत का माहौल है। इस वारदात को लेकर खास चर्चा इसलिए भी है क्योंकि आरोपियों में शामिल जावेद को पूर्व ब्लॉक प्रमुख का बेटा बताया जा रहा है, जबकि आरोपियों को जनपद के सत्ताधारी दल के एक चर्चित नेता का करीबी (गुरका) भी माना जाता है।

परचून की दुकान पर हमला

पीड़ित आशिक के मुताबिक शुक्रवार रात करीब नौ बजे वह ट्रक चलाकर लौटा और चेतन चौक स्थित हारून की दुकान से सामान खरीद रहा था। तभी गाँव के ही गुलबहार पुत्र काला, मुबारिक उर्फ फकरू पुत्र गय्यूर, जावेद पुत्र गय्यूर और बसेड़ा निवासी आवेश पुत्र असलम हथियारों से लैस होकर पहुँचे।

आरोप है कि चारों ने आते ही उसे गालियाँ दीं, दुकान से बाहर खींच लिया और बेल्ट व घूँसों से पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद धमकी दी गई कि “आज तुझे मौत के घाट उतार देंगे” और फायर कर दिया। गोली उसके कान के पास से निकल गई। जैसे-तैसे भागने पर दो और फायर किए गए, लेकिन वह बाल-बाल बच गया।

राजनीतिक रसूख पर उठे सवाल

गाँव में चर्चा है कि इस वारदात के पीछे सिर्फ दबंगई नहीं बल्कि राजनीतिक रसूख भी है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब आरोपी जावेद पूर्व ब्लॉक प्रमुख का बेटा है और पूरा परिवार सत्ताधारी दल के एक बड़े नेता का करीबी माना जाता है, तो पुलिस कार्रवाई करने से पहले कई बार सोचती है। यही कारण है कि दबंग खुलेआम वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार हो गए।

ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना

 कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। “जब रसूखदार परिवारों के बेटे ही खुलेआम गोली चलाएँगे तो आम आदमी की सुरक्षा कैसे होगी?” — गाँव के बुजुर्गों का यही सवाल अब चर्चा का विषय है।

पुलिस की कार्यवाही

पीड़ित आशिक ने घर पहुँचकर डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुँची लेकिन आरोपी भाग निकले। इसके बाद पीड़ित ने कोतवाली कैराना में तहरीर दी। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर जाँच की जा रही है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

जनपद भर में चर्चाएँ तेज़

भूरा गाँव की यह घटना पूरे जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे एक सामान्य मारपीट नहीं बल्कि “सत्ता के संरक्षण में पल रही दबंगई” का उदाहरण मान रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोपी किसी सामान्य परिवार से होते तो अब तक गिरफ्तारी हो चुकी होती, लेकिन यहाँ मामला राजनीतिक परिवार से जुड़ा होने के कारण पुलिस भी दबाव में दिखाई दे रही है। "समझो भारत" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए कैराना, शामली, उत्तर प्रदेश 
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