आग में जिंदा जलकर हुई बेजुबान जानवर के बच्चे की मौत विपक्षियों को बचाने के लिये पुलिस ने कराया जबरदस्ती सुलहनामा


हरदोई थाना कोतवाली शहर के अन्तर्गत ग्राम बेहटी निवासी रामलडैते पाल पुत्र पुल्तूलाल पाल द्वारा पुलिस अधीक्षक हरदोई को दिये गये प्रार्थना पत्र के माध्यम से बताया गया कि गांव के किनारे पश्चिम तरफ खड़ंजा के पास झोपड़ी डालकर रहता है जिसमें अपने सभी जानवर भी बांधता व गृहस्थी का सामान रखता था रात में

अपनी झोपड़ी में लेटा था भैंस व भैंस के बच्चे बंधे थे व भूसा गेंहू रजाई गद्दा आदि सामान भी रखा था तभी रात के समय कुछ आहट पाकर रामलड़ैते पाल जाग गया तो टार्च की रोशनी में देखा कि गांव के ही दबंग व्यक्ति अखिलेश यादव,

अभिनन्दन यादव, राजीव यादव,आदि लोग झोपड़ी के पास खड़े थे टार्च की रोशनी पड़ते ही अभिनन्दन यादव व राजीव यादव ने रामलड़ैते की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस साले को झोपड़ी के साथ जिन्दा जला दो तभी अखिलेश यादव ने माचिस की तीली जलाकर झोपड़ी में आग लगा दी

जिससे झोपड़ी धू धू कर जलने लगी तभी झोपड़ी के अन्दर से रामलड़ैते पाल के चिल्लाने पर गांव के जगतपाल शिवराज आदि लोग मौके पर आ गये तभी अखिलेश अभिनन्दन राजीव को ललकारा

आग लगने से झोपड़ी में रखा गेंहू भूसा रजाई गद्दा व भैंस का एक बच्चा जिंदा जलाकर राख हो गया जिसके सम्बन्ध में थाना कोतवाली शहर हरदोई में रामलड़ैते ने एक प्रार्थना पत्र दिया

लेकिन कोतवाली शहर के हल्का इंचार्ज अमृतलाल यादव व विपक्षियों की एक ही जाति व रिश्तेदार होने के कारण विपक्षियों पर कोई कार्यवाही ना करते हुए उक्त घटना के सम्बन्ध में प्रार्थी व प्रार्थीगण के साथ आये राजेंद्र सुशील सूरज पर कार्यवाही करते हुए कोतवाली के अन्दर बैठा लिया

और कहा जब तक तुम लोग उक्त घटना के सम्बन्ध में सुलहनामा नहीं दोगे तब तक तुम सभी लोगों को अन्दर ही रहना पड़ेगा जिस कारण रामलड़ैते पाल व

आदि लोगों से हल्का इंचार्ज अमृतलाल यादव द्वारा कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर यहां कहते हुए शाम को सभी को छोड़ दिया गया

कि आगे अगर कोई कार्यवाही की तो तुम सभी को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल के अन्दर डाल दूंगा

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