जनपद स्थित त्रिकालदर्शी भगवान वाल्मीकि मंदिर आश्रम में धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। मंदिर प्रांगण में भव्य सत्संग के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आहुतियां अर्पित कीं और पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान वाल्मीकि, भगवान शिव, मां भवानी, महाकाली, भगवान शनि देव, शिव गुरु गोरखनाथ एवं बजरंगबली के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। हवन-यज्ञ के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर वाल्मीकि आश्रम के स्वामी महाराज विनोद नाथ तथा ग्राम भूट राड़ी के राजनाथ महाराज का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पधारे के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद झंझोट ने मंदिर कमेटी, आश्रम की देखरेख करने वाले सेवाभावी कार्यकर्ताओं और दूर-दराज से आए गणमान्य अतिथियों का गर्म फेटा पहनाकर सम्मान किया। साथ ही कार्यक्रम में शामिल सभी महिलाओं को ठंड से बचाव हेतु गर्म जुराबें वितरित की गईं। अपने संबोधन में अरविंद झंझोट ने कहा कि त्रिकालदर्शी भगवान वाल्मीकि मंदिर आश्रम कमेटी जनपद शामली में निरंतर सराहनीय धार्मिक एवं सामाजिक कार्य कर रही है। दीन-दुखियों की सेवा, समाज को जोड़ने का प्रयास और मानवीय मूल्यों का संवर्धन इस आश्रम की पहचान है। उन्होंने मंदिर को सिद्ध पीठ बताते हुए कहा कि यहां प्रतिवर्ष भगवान वाल्मीकि प्रकट उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होकर सतगुरु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर परिसर में लगने वाला मेला और यहां होने वाले आयोजनों में सभी धर्मों के लोग श्रद्धा के साथ पहुंचते हैं। आश्रम में आने वाले भक्तों की मुरादें पूरी होने की आस्था लोगों के विश्वास को और मजबूत करती है। कार्यक्रम में अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, संत-महात्मा, बुद्धिजीवी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिनकी सहभागिता ने आयोजन को सफल और स्मरणीय बना दिया।“समझो भारत” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए
शामली, उत्तर प्रदेश से
पत्रकार अरविंद कौशिक की विशेष रिपोर्ट
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