शामली/मेरठ (उत्तर प्रदेश) — विजिलेंस विभाग ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए सहायक आयुक्त स्टाम्प कार्यालय, शामली में तैनात एक अधिकारी और उनके स्टेनो को कथित रूप से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथ पकड़ने का दावा किया है। टीम के अनुसार, दोनों को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया।
कैसे शुरू हुआ मामला?
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई की नींव एक शिकायत से पड़ी थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि किसी विशेष कार्य के निस्तारण के बदले रिश्वत की मांग की जा रही है। विजिलेंस विभाग ने पहले मामले की पड़ताल की, निगरानी रखी और जब आरोपों की पुष्टि होती दिखी, तो धरपकड़ के लिए ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया गया।
ट्रैप ऑपरेशन सफल
विजिलेंस टीम ने तय योजना के अनुसार जाल बिछाया और जैसे ही कथित राशि की अदायगी हुई, दोनों कर्मचारियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। बताया जाता है कि टीम ने बरामद राशि, संबंधित दस्तावेज़ और मौके से मिले अन्य साक्ष्य कब्जे में ले लिए हैं।
पूछताछ और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। विजिलेंस विभाग ने पुष्टि की है कि मामले की आगे की विधिक कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी। आरोप सिद्ध होने पर आगे की प्रक्रिया न्यायालय में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर चलेगी।
विजिलेंस की पुष्टि
विभागीय अधिकारियों ने इस ऑपरेशन की सफलता और गिरफ्तारी की जानकारी साझा की है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और विभाग ने कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
✍️ खास रिपोर्ट:
शौकीन सिद्दीकी, "समझो भारत" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका
शामली/मेरठ, उत्तर प्रदेश
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