देवबंद। कोतवाली प्रभारी नरेंद्र सिंह को लाइन हाज़िर किए जाने के बाद इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चा बनी हुई है। इसी क्रम में समाजसेविका इरम उस्मानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उन्होंने इस निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
इरम उस्मानी ने कहा कि कोतवाल नरेंद्र सिंह ने हमेशा बिना किसी भेदभाव के काम किया है और किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी हैसियत या धर्म के आधार पर अलग व्यवहार नहीं किया। उनका कहना है कि कानून के विरुद्ध काम करने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई करना पुलिस का कर्तव्य है, और कोतवाल इसी सिद्धांत पर काम करते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को उनके कामकाज से किसी प्रकार की आपत्ति थी तो उसे सीधे तौर पर बताया जाना चाहिए था, न कि किसी और के माध्यम से। इरम उस्मानी के अनुसार कोतवाल ने शराब से संबंधित मामलों पर भी कार्रवाई की थी और उन्हें एक सूची भी दिखाई थी, जिसमें ऐसे लोगों के नाम शामिल थे जिन पर निगरानी की जा रही थी। उनका कहना है कि इस दौरान शहर का माहौल शांत रहा था।
सवाल यह उठ रहा है कि ऐसे में कोतवाल को लाइन हाज़िर करने की वजह क्या रही। समाजसेविका इरम उस्मानी ने कहा कि यदि पुलिस अधिकारी धर्म देखकर कार्रवाई नहीं करता है तो यह उसके काम का हिस्सा है, और इसी आधार पर कार्रवाई होना समझ से परे है।
इस पूरे मामले पर स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जबकि पुलिस विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। "समझो भारत" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए पत्रकार गुलवेज आलम की रिपोर्ट
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