शामली। नगर पालिका परिषद शामली द्वारा शहर में चल रहे अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए कई व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए थे। पालिका प्रशासन ने साफ निर्देश दिए थे कि दुकानदार अपने भवन/दुकान के बाहर किए गए अवैध अतिक्रमण को तत्काल हटा लें, अन्यथा पालिका स्वयं कार्रवाई करेगी और उसका पूरा खर्च संबंधित दुकानदारों से वसूला जाएगा।
नोटिस जिन व्यापारिक प्रतिष्ठानों को थमाया गया, उनमें प्रमुख नाम शामिल हैं –
- Vinod Oil Company
- Madav Trading Company
- Shankar Trading Company
- Keshav Trading Company
- Sourabh Garg Company
- Agrawal Sanitary Store
नोटिस के बाद भी कार्रवाई अधूरी
पालिका द्वारा 18 अगस्त को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद अब तक किसी भी व्यापारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। ज्यादातर दुकानदारों ने अतिक्रमण हटाने की दिशा में कदम नहीं उठाया है, जिसके चलते मुख्य बाज़ार और सड़कें पहले की तरह जाम और अव्यवस्थित स्थिति में बनी हुई हैं।
व्यापारियों की प्रतिक्रिया
कई व्यापारियों का कहना है कि उनका व्यवसाय पहले ही मंदी से प्रभावित है, ऐसे में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से उनकी रोज़ी-रोटी पर और असर पड़ेगा। कुछ दुकानदारों ने पालिका पर ढिलाई का आरोप भी लगाया और कहा कि “पालिका केवल नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।”
जनता की नाराज़गी
स्थानीय लोगों का कहना है कि पालिका ने नोटिस जारी कर उम्मीद जगाई थी कि अब अतिक्रमण हटेगा और सड़कों पर जाम से राहत मिलेगी, लेकिन कार्रवाई न होने से लोग निराश हैं। राहगीरों का कहना है कि यदि पालिका सख्ती से अतिक्रमण हटवाए, तभी यातायात व्यवस्था सुधर पाएगी।
सवालों के घेरे में पालिका
पालिका की इस ढिलाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं –
- क्या यह नोटिस केवल औपचारिकता थी?
- क्या प्रशासन व्यापारियों के दबाव में आ गया?
- कब तक राहगीर और आम जनता अव्यवस्था झेलते रहेंगे?
अब देखना यह होगा कि नगर पालिका परिषद अगला कदम क्या उठाती है और क्या सचमुच अतिक्रमण हटवाने के लिए सख्त कार्रवाई कर पाती है या यह मामला भी नोटिस तक ही सीमित रह जाएगा।
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