बिड़ौली/झिंझाना। कस्बे में शिक्षा के क्षेत्र में पांच दशक से अधिक समय से योगदान दे रहीं वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती श्याम लता मित्तल को बुधवार को पत्रकारों ने उनके शिक्षण संस्थान पहुंचकर स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके शिक्षा के क्षेत्र में किए गए अतुलनीय योगदान की सराहना की गई।
श्रीमती श्याम लता मित्तल ने वर्ष 1970 में नेहरू शिशु निकेतन की स्थापना की थी। वर्ष 1971 में विद्यालय को मान्यता मिली। उन्होंने कस्बे में पहला मोंटेसरी स्कूल स्थापित कर शिक्षा की मजबूत नींव रखी। विद्यालय में आज तीसरी पीढ़ी के बच्चे भी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
बीटीसी, बीएड और डबल एमए की उपाधि प्राप्त श्रीमती मित्तल ने 16 वर्षों तक सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दीं और प्रधानाध्यापिका पद से सेवानिवृत्त हुईं। सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा के प्रति उनका समर्पण जारी है। वह आज भी विद्यालय में सक्रिय रहकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सीखने की ललक आज भी उसी तरह बनी हुई है, जैसी शिक्षा की विभिन्न डिग्रियां हासिल करने के दौरान थी।
वर्तमान में उनके पुत्र राहुल गुप्ता प्रधानाध्यापक के रूप में विद्यालय का संचालन कर रहे हैं और संस्था की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
हरियाणा हज कमेटी के पूर्व कोऑर्डिनेटर एवं कस्बा निवासी खुर्शीद आलम ने पत्रकार साथियों के साथ विद्यालय पहुंचकर श्रीमती मित्तल को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सर्वोपरि है। ऐसे समर्पित शिक्षकों का सम्मान नई पीढ़ी को शिक्षा के प्रति प्रेरित करता है।
इस दौरान पत्रकार प्रेम चंद वर्मा, राकेश कुमार वर्मा, योगेश चौहान, रवि गहलोत, हारुन सैफी, मेहरबान कुरैशी, सन्नी सैनी, तनवीर सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। समझो भारत से शाकिर अली की ख़ास रिपोर्ट
8010884848
No comments:
Post a Comment