रक्तदान से बची घायल शिवभक्त की जान: गुलाब सिंह ने 12वीं बार किया रक्तदान, पेश की मानवता की मिसाल

बिडौली/झिंझाना (शामली, उत्तर प्रदेश): सेवा, संवेदनशीलता और मानवता का अनूठा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब झिमरान बिडौली निवासी गुलाब सिंह ने अपने घायल ताऊ की जान बचाने के लिए तत्काल रक्तदान किया। यह उनका 12वां स्वैच्छिक रक्तदान था, जिसने एक बार फिर समाज के सामने मानव सेवा का प्रेरणादायक संदेश रखा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुलाब सिंह के ताऊ करण सिंह हरिद्वार से कांवड़ यात्रा पूरी कर वापस लौट रहे थे। रुड़की के समीप एक अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके साथ मौजूद शिवभक्तों ने बिना देरी किए उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। अधिक रक्तस्राव होने के कारण चिकित्सकों ने तत्काल रक्त की आवश्यकता बताई।

घटना की सूचना मिलते ही गुलाब सिंह शामली स्थित अम्बा ब्लड बैंक पहुंचे और रक्तदान किया। समय पर रक्त उपलब्ध होने से घायल करण सिंह के उपचार में महत्वपूर्ण सहायता मिली।

गुलाब सिंह ने बताया कि यह उनका 12वां रक्तदान है। उन्होंने कहा कि "रक्तदान सबसे बड़ा दान है, क्योंकि इससे किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है।" उन्होंने सभी स्वस्थ लोगों से समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की।

रक्तदान के उपरांत अम्बा ब्लड बैंक की ओर से गुलाब सिंह को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। ब्लड बैंक के अधिकारियों ने उनके इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे लोग समाज में मानवता और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं।

गुलाब सिंह की यह पहल समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है कि कठिन समय में किया गया छोटा-सा सहयोग भी किसी के जीवन को बचाने का माध्यम बन सकता है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल "समझो भारत" के लिए शामली, उत्तर प्रदेश से पत्रकार शाकिर अली की विशेष रिपोर्ट।

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