बहुजनहिताय, बहुजनसुखाय” की भावना के साथ सम्पन्न हुई पालि कार्यशाला

 


“बहुजनहिताय, बहुजनसुखाय” की भावना के साथ सम्पन्न हुई पालि कार्यशाला


देशभर के प्रतिभागियों ने पालि भाषा सीखने में दिखाई विशेष रुचि


लखनऊ/नजीबाबाद। भदन्ताचार्य बुद्धदत्त पालि संवर्धन प्रतिष्ठान की ओर से रविवार को Zoom Meeting के माध्यम से आयोजित “ऑनलाइन पालि भाषा शिक्षण कार्यशाला” अत्यंत सफलतापूर्वक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। कार्यशाला में देशभर से सैकड़ों विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं पालि प्रेमियों ने सहभागिता कर पालि भाषा सीखने के प्रति गहरी रुचि दिखाई।



नजीबाबाद जनपद बिजनौर से बुद्ध संस्कृति विश्वविद्यापीठ के अध्यक्ष गोविन्द सिंह बौद्ध तथा दी बुद्धिस्ट सोसाइटी आफ इंडिया के प्रदेश महासचिव राकेश मोहन भारती लखनऊ पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हुए और पालि भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।


कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में डॉ प्रफुल्ल गड़पाल एवं डॉ कीर्ति राज लोणारे ने पालि भाषा का सरल परिचय देते हुए व्याकरण, उच्चारण एवं भाषा शिक्षण की बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि पालि भाषा केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भगवान बुद्ध के उपदेशों, भारतीय ज्ञान परम्परा, करुणा और मानवता की अमूल्य धरोहर है। इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।


कार्यक्रम में आयोजकों ने कहा कि पालि भाषा के अध्ययन से विद्यार्थियों में नैतिकता, शान्ति, सहअस्तित्व, करुणा एवं भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।


कार्यक्रम के सफल संचालन में आर सी बौद्ध एवं जितेन्द्र राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए पालि भाषा को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।

@ SAMJHO BHARAT 

Nitin Chauhan -7017912134

No comments:

Post a Comment