शामली। जनपद शामली में जमीन से जुड़े एक विवाद ने राजस्व विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झिंझाना थाना क्षेत्र के गांव गाड़ीवाला जमालपुर निवासी एक व्यक्ति ने लेखपाल पर डर और दबाव का माहौल बनाकर डेढ़ लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है।
पीड़ित ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायत सामने आते ही तहसील और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
गांव गाड़ीवाला जमालपुर निवासी शाहिद का कहना है कि करीब 26 वर्ष पहले उसने 126 वर्ग मीटर का एक प्लॉट खरीदा था, जिस पर उसके पिता के समय से दुकान और मकान बने हुए हैं। उसी दुकान से उसके परिवार की रोजी-रोटी चलती है।
पीड़ित के मुताबिक वर्ष 2024 में तत्कालीन लेखपाल लवकेश उसकी दुकान पर पहुंचे और प्लॉट का बैनामा दिखाने को कहा। बैनामा देखने के बाद लेखपाल ने उसमें खसरा नंबर दर्ज न होने का हवाला देते हुए जमीन को विवादित बताया।
शाहिद का आरोप है कि इसके बाद कथित रूप से प्लॉट के पूर्व मालिक के बेटे के माध्यम से उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। अचानक मुकदमे की जानकारी मिलने के बाद वह घबरा गया और लेखपाल से मामले का समाधान कराने की गुहार लगाने लगा।
पीड़ित का कहना है कि इसी दौरान लेखपाल ने कथित रूप से कहा कि यदि विवाद खत्म कराना है तो करीब दो लाख रुपये खर्च होंगे, तभी मामला “ठीक” कराया जा सकता है। शाहिद का दावा है कि डर के माहौल में उसने गवाहों के सामने डेढ़ लाख रुपये लेखपाल को दे दिए।
आरोप है कि रकम लेने के बाद लेखपाल ने एक हाथ से लिखा कागज देकर प्लॉट को खसरा नंबर 429 में दर्ज बताया और भरोसा दिलाया कि अब कोई परेशानी नहीं होगी। पीड़ित का कहना है कि उस कागज पर लेखपाल, कानूनगो और तहसील की मुहर व हस्ताक्षर होने की बात भी कही गई।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब शाहिद मुकदमे की पैरवी के लिए न्यायालय पहुंचा। वहां उसे जानकारी मिली कि पुराने बैनामों में खसरा नंबर लिखना अनिवार्य नहीं होता था। यह सुनकर उसे संदेह हुआ कि कहीं उसे भ्रमित कर मोटी रकम तो नहीं ले ली गई।
शाहिद का आरोप है कि जब उसने लेखपाल से अपने पैसे वापस मांगे तो उसने कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने और दुकान-मकान पर बुलडोजर चलवाने की धमकी दी।
पीड़ित का कहना है कि उसकी छोटी सी दुकान ही उसके परिवार की जिंदगी का सहारा है।
यदि उस पर कार्रवाई होती है तो परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
फिलहाल शाहिद ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उससे ली गई रकम वापस दिलाने की मांग की है। उधर, शिकायत सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट -गुलवेज़ आलम कैराना
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