पुण्यतिथि विशेष: यादों में जीवित आपका स्नेह और ममता

कुछ रिश्ते समय के साथ कम नहीं होते, बल्कि और गहरे हो जाते हैं। आज आपकी पुण्यतिथि पर मन भारी है, आंखें नम हैं, लेकिन दिल में आपकी यादों की गरमाहट अब भी वैसी ही है। आपकी ममता, आपका स्नेह और आपके साथ बिताए गए वे अनमोल पल — इन्हें भुला पाना संभव नहीं।

स्मृतियों में जीवंत उपस्थिति

जीवन की भागदौड़ में कई चेहरे धुंधले पड़ जाते हैं, लेकिन कुछ चेहरे दिल में हमेशा के लिए बस जाते हैं। आप आज हमारे बीच भले शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, पर आपकी सीख, आपका प्यार और आपका आशीर्वाद हर पल हमारे साथ है।

आपकी मुस्कान, आपका अपनापन और हर कठिन समय में दिया गया संबल आज भी हमें मजबूती देता है। आपके साथ बिताए गए छोटे-छोटे पल अब जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बन चुके हैं।

ममता की छांव कभी कम नहीं होती

ममता का कोई विकल्प नहीं होता। वह छांव एक बार मिल जाए तो जीवन भर साथ रहती है। आज आपकी पुण्यतिथि पर हम सिर्फ शोक नहीं मना रहे, बल्कि उस प्रेम और संस्कार को याद कर रहे हैं जो आपने हमें दिए।

आपकी अनुपस्थिति एक खालीपन जरूर छोड़ गई है, लेकिन आपकी यादें उस खालीपन को सहने की ताकत भी देती हैं। हर कदम पर ऐसा महसूस होता है मानो आप अदृश्य रूप से हमारे साथ चल रहे हों।

श्रद्धांजलि के साथ संकल्प

इस पुण्यतिथि पर हम आपको श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए यह संकल्प लेते हैं कि आपके दिखाए मार्ग पर चलेंगे, आपके संस्कारों को आगे बढ़ाएंगे और आपके नाम को सदैव सम्मान के साथ जीवित रखेंगे।

आप हमारे दिलों में थे, हैं और हमेशा रहेंगे।


"समझो भारत" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए
नई दिल्ली से पत्रकार ऊषा महाना की खास रिपोर्ट

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