“योगी की नजर से नहीं बच पाए पूर्व चेयरमैन अनवर हसन — पुलिस ने कसा शिकंजा, कैराना में कथित कब्जे और दबंगई के मामले ने लिया राजनीतिक रंग”

कैराना (शामली)। कैराना में संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देशों के बीच पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

बताया जाता है कि पूर्व चेयरमैन अनवर हसन, जो कैराना विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं, उनका नाम इस विवाद में सामने आया है। शिकायत में उनके साथ फरमान पुत्र बाबू निवासी मोहल्ला खैलकलां, तौसीफ और मोहसीन पुत्रगण फीला निवासी मोहल्ला आलखुर्द, तथा करीब 10–15 अज्ञात व्यक्तियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है।

मोहल्ला इकरामपुरा निवासी फुरकान पुत्र बादुल्ला द्वारा कोतवाली कैराना में दिए गए प्रार्थना-पत्र के अनुसार, उनके मौसी के लड़के नूरहसन पुत्र आलमदीन की आवासीय संपत्ति मोहल्ला आर्यपुरी में स्थित है, जिसकी पंजीकृत मालकिन उनकी पत्नी अनवरी हैं। शिकायत में कहा गया है कि संपत्ति को लेकर पहले से तनाव बना हुआ था।

आरोप है कि 09 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 9 बजे आरोपी पक्ष कथित रूप से मौके पर पहुंचा और नूरहसन, अनवरी तथा रिहाना पत्नी दिलशाद के साथ मारपीट की। इस दौरान रिहाना के दाहिने हाथ में चोट आने की बात कही गई है। बीच-बचाव करने पहुंचे फुरकान के सिर में चोट लगने का भी आरोप लगाया गया है।

घटना के प्रत्यक्षदर्शी के रूप में रफाकत पुत्र आलमदीन और दिलशाद पुत्र आलमदीन के नाम भी सामने आए हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जाते समय आरोपी पक्ष ने जान से मारने की धमकी दी।

कैराना पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।

इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता कानून-व्यवस्था और संपत्ति विवाद को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसे प्रशासन की सख्ती का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे स्थानीय राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर देख रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं कि भूमि कब्जा, दबंगई और मारपीट जैसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता कानून का राज स्थापित करना और आम नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई होना जरूरी है ताकि संपत्ति विवाद या दबंगई की घटनाएं बढ़ने न पाएं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।


रिपोर्ट - गुलवेज़ आलम कैराना

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