“लकड़ी में जान फूंक देने वाले शिल्प गुरु — मोहम्मद दिलशाद सैफी”*
आज सहारनपुर की हवा में फ़ख़्र का एक अनोखा एहसास तैर रहा है।
क्योंकि मुल्क की सबसे बड़ी रस्मी पहचान—“राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार”—के मंच पर
मोहम्मद दिलशाद लोहा सैफी (सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) ने वह मुकाम हासिल किया है
जिसकी चाह हर हुनरमंद दिल में धड़कती है।
नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में
मा. राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने
दिलशाद सैफी साहब को
Wood Carving (Centre Table of Sheesham Wood)
श्रेणी में प्रतिष्ठित
“शिल्प गुरु पुरस्कार – 2024”
से नवाज़ा।
यह सिर्फ एक सम्मान नहीं—
बल्कि सदियों पुरानी सहारनपुरी नक्काशी के माथे पर
गौरव का नया ताज है।
🌳 सहारनपुर की लकड़ी, दिलशाद का हुनर — और कला की बेमिसाल रूह
सहारनपुर की वुड कार्विंग दुनिया भर में अपनी नफासत और बारीक कलाकारी के लिए जानी जाती है।
लेकिन मोहम्मद दिलशाद सैफी ने इसमें जो जादू भरा है—
वह सिर्फ नक्श या नक्काशी नहीं,
बल्कि लकड़ी के रेशों में बसे एहसासों को ज़िंदा करने जैसा है।
उनका तैयार किया गया शीशम की लकड़ी वाला सेंटर टेबल
सिर्फ एक फर्नीचर नहीं,
बल्कि ऐसा शाहकार है जिसमें मेहनत, मोहब्बत, सब्र और सदियों की विरासत झलकती है।
उनकी नक्काशी की बारीकी और सूक्ष्मता ने
ना सिर्फ सहारनपुर को नई पहचान दी,
बल्कि उत्तर प्रदेश की हस्तशिल्प परंपरा को भी
रौशनियों की नई मंज़िल तक पहुँचा दिया है।
🎖 यह सम्मान क्यों ख़ास है?
“शिल्प गुरु पुरस्कार”
सिर्फ हुनर के लिए नहीं मिलता—
ये उस शख़्स को दिया जाता है
जो अपने फन का उस्ताद बन चुका हो,
जो दूसरों को सिखाने की काबिलियत भी रखता हो,
और जो अपने प्रदेश और देश की पहचान को दुनिया में ऊँचा उठाए।
दिलशाद सैफी ने ये तीनों काम—
खूबसूरती, ख़ामोशी और ख़ालिस लगन के साथ किए हैं।
🌟 सहारनपुर का सिर फ़ख़्र से बुलंद
आज यह पुरस्कार सिर्फ दिलशाद सैफी का नहीं—
ये हर उस मज़दूर, कारीगर और हुनरमंद की जीत है
जो अपनी उंगलियों से लकड़ी को जान देते हैं।
ये उन गलियों की इज़्ज़त है
जहाँ से सहारनपुर की नक्काशी दुनिया तक जाती है।
ये वह पल है जो बताता है—
“सहारनपुर सिर्फ एक शहर नहीं, एक कला है।”
💐 दुआएं और शुभकामनाएँ
अल्लाह तालाः
दिलशाद सैफी साहब के हुनर में और बरकत दे,
उनके काम को दुनिया की और बड़ी मंज़िलें दिखाए,
और उन्हें देश-विदेश में सहारनपुर का नाम यूँ ही रौशन करने की तौफीक़ बख़्शे।
आमीन।
🖋 विशेष रिपोर्ट
“समझो भारत” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका
सहारनपुर, उत्तर प्रदेश से
पत्रकार — ज़मीर आलम
📞 8010884848
🌐 www.samjhobharat.com
✉ samjhobharat@gmail.com
#samjhobharat
No comments:
Post a Comment