शामली/गढ़ी पुख्ता से ज़मीर आलम की रिपोर्ट
गढ़ी पुख्ता थाना क्षेत्र के कस्बा गढ़ी पुख्ता में आयोजित गुगाल मेला, जो भक्ति और आस्था का प्रतीक माना जाता है, इन दिनों गंभीर लापरवाही और अव्यवस्था का शिकार हो गया है। श्रद्धालु जहां धार्मिक भावनाओं के साथ मेले में शामिल होने आ रहे हैं, वहीं प्रशासनिक उदासीनता इस मेले को हादसे का न्योता देती दिख रही है।
भीड़ और अव्यवस्था, किसी भी पल हो सकती है बड़ी दुर्घटना
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले के भीड़-भाड़ वाले इलाके में बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। बड़ा झूला (हिंडोला) मानक ऊंचाई से कहीं अधिक लगाया गया है, मगर उसका कोई मेंटिनेंस (रखरखाव) नहीं किया गया।
दमकल और एंबुलेंस की गाड़ियां भी मौके पर मौजूद नहीं होतीं, जबकि किसी भी आपात स्थिति में यही सेवाएं सबसे ज्यादा ज़रूरी हैं।
पुलिस की मौजूदगी में खुलेआम नियमों की अनदेखी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियम-कानून को दरकिनार कर, पुलिस की मौजूदगी में झूले और अन्य खतरनाक व्यवस्थाएं चलाई जा रही हैं।
इतना ही नहीं, मेले में कला-जादू शो के नाम पर अश्लील डांस (नृत्य) करवाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के सामने ही लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं, मगर गढ़ी पुख्ता थाना पुलिस मुक्त दर्शक बनी हुई है।
आस्था का मेला या काले खेल का अड्डा?
जहां गुगाल मेला आस्था और भक्ति का केंद्र होना चाहिए था, वहीं अब यह मनोरंजन और अश्लीलता का अड्डा बनता जा रहा है।
लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान नहीं लिया तो यह मेला किसी बड़े हादसे या शर्मनाक घटना का कारण बन सकता है।
📌 “समझो भारत” राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए , उत्तर प्रदेश से पत्रकार ज़मीर आलम की खास रिपोर्ट।
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