हरिद्वार/ रुड़की प्रभु श्रीराम और रावण के बीच हुए भीषण युद्ध में आखिरकार मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु राम ने अहंकारी रावण के प्राण हर लिए। रावण वध के साथ ही कार्यक्रम स्थल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठे। रावण के साथ ही कुंभकरण, मेघनाद के विराट पुतले धू-धू कर जल उठे।
हर तरफ विजय दशमी का उल्लास दिखाई पड़ा। हरिद्वार धर्मनगरी,शिक्षा नगरी रुड़की के अलावा बाजूहेडी,धनौरा, लक्सर, भगवानपुर, शिवालिक नगर,बहादराबाद,जमालपुर,बहादुरपुर जट व अन्य आसपास के क्षेत्र में रावण कुंभकरण और मेघनाद का पुतला जलाया गया।
नेहरू स्टेडियम रुड़की में विजयदशमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और यहां पर बड़ी संख्या में लोग राम रावण का युद्ध देखने पहुंचे। रावण का वध होते ही जय श्री राम के उद्घोष के साथपूरा माहौल झूम उठा। रावण दहन स्थलों पर मेले का भी आयोजन हुआ। छोटी-छोटी दुकानें सजाई गईं। बच्चों ने मेले का जमकर लुफ्त उठाया।
विभिन्न व्यंजनों का स्वाद चखा। झूले भी झूले। खिलौनों की खरीदारी की। रावण दहन कार्यक्रमों को लेकर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद दिखा। कार्यक्रम स्थल पर फायर ब्रिगेड के दमकल वाहनों के साथ ही आसपास के थाने और चौकियों का पुलिस बल मौजूद रहा। यातायात प्लान अच्छा होने के कारण इस बार जाम की समस्या उत्पन्न नहीं हुई।रुड़की में विजयदशमी के अवसर पर जाम की समस्या उत्पन्न होती थी।
लेकिन इस बार पुलिस प्रशासन के द्वारा जन सुविधा को देखते हुए यातायात प्लान तैयार किया गया था। जिस कारण जाम की समस्या से जूझना नहीं पड़ा। विजयदशमी के मेले में आए लोग सुरक्षित अपने गांव लौट सके, इसके लिए सभी मुख्य मार्गों पर पुलिस गश्त भी मुस्तैदी से जारी रही।
"समझो भारत" राष्ट्रीय समाचार पत्रिका के लिए पिरान कलियर हरिद्वार ( उत्तराखण्ड ) से पत्रकार तसलीम अहमद की रिपोर्ट
No comments:
Post a Comment