मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और जांच की प्रक्रिया जारी
शामली, उत्तर प्रदेश।
जनपद शामली में चर्चित धर्मांतरण प्रकरण से जुड़े मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने एक आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद बचाव पक्ष द्वारा उच्च न्यायालयीन स्तर पर राहत के लिए अगली कानूनी प्रक्रिया अपनाने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार यह मामला शामली शहर स्थित एक मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता ने अपने पुत्र के कथित धर्म परिवर्तन को लेकर कुछ व्यक्तियों के विरुद्ध आरोप लगाए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस कार्रवाई के दौरान मामले में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसके बाद उनकी ओर से सीजेएम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। सुनवाई के बाद अदालत ने फिलहाल जमानत देने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
कानूनी सूत्रों के अनुसार अब बचाव पक्ष जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहा है। मामले से जुड़े अधिवक्ता ने भी संकेत दिए हैं कि अगला कानूनी कदम शीघ्र उठाया जाएगा।उधर पुलिस प्रशासन द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार जांच का दायरा व्यापक रखा गया है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले में कुछ अन्य नामजद अथवा संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।इस बीच क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग भी जांच पूरी होने और अदालत के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही तय किया जाता है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और संबंधित पक्षों की ओर से कानूनी कार्रवाई अपने-अपने स्तर पर आगे बढ़ाई जा रही है।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायालय और जांच एजेंसियों द्वारा की जाने वाली प्रक्रिया के बाद ही होगा।
— ज़मीर आलम
विशेष संवाददाता
"समझो भारत" राष्ट्रीय समाचार पत्र/पत्रिका एवं न्यूज़ पोर्टल
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