‍‍शिक्षक की विदाई बनी समाजसेवा की मिसाल! विदाई जिले मे बनी चर्चा का विषय !

रूपलालजी यादव आमजा के सम्मान में जुटा समाज, रूपलाल जी ने  ₹ 1,64,200 की सहयोग राशि की भेंट ।

स्थान: रैयाना, राजस्थान | विशेष समाचार रिपोर्ट

एक शिक्षक जब विद्यालय से सेवानिवृत्त होता है, तो उसकी सरकारी सेवा भले ही समाप्त हो जाती है, लेकिन उसके ज्ञान, संस्कार और समाज निर्माण की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती!

राजस्थान की धरती पर एक ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायी नजारा देखने को मिला, जहाँ वरिष्ठ अध्यापक श्री रूपलालजी यादव की सेवानिवृत्ति को केवल विदाई समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग और जनसेवा के महोत्सव में बदल दिया गया।

जी हाँ! रैयाना एवं आमजा की धरती पर आयोजित इस समारोह में विभिन्न विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और ग्रामीण विकास हेतु  ₹1 लाख 64 हजार 200 रुपये की सहयोग राशि विभिन्न स्कुलो एवं सामाजीक क्षेत्र मे भेंट की गई।

आखिर इस आयोजन में ऐसा क्या खास रहा, जिसने शिक्षक सम्मान के साथ सामाजिक सरोकारों की भी नई मिसाल पेश की? आइए, देखते हैं पूरी रिपोर्ट।
बाँसवाडा जिले के यादव समाज के 18 परंगणो एवं डूगरपुर जिले के कई परंगणो के सम्मानित पटेलो एवं शिक्षा क्षेत्र मे विषिष्ट योगदान के लिए अध्यापको को पगड़ी एवं फूल मालाओ से मंच पर सम्मानित किया गया । 
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रैयाना में वरिष्ठ अध्यापक श्री रूपलालजी यादव की सेवानिवृत्ति के अवसर पर भावुकता, सम्मान और सामाजिक एकजुटता का अनूठा संगम देखने को मिला। 
समस्त स्कूल स्टाफ एक ही ड्रेस कोड मे नजर आया इस की शुरूआत का श्रेय रूपलाल जी को दिया गया । बच्चो द्वारा भावुक मन से तोहफे एवं मंगल वाचन से विदाई दि गई । संपूर्ण स्कूल स्टाफ ने विशाल शानदार आयोजन रखा एवं खुशी तथा  गमगीन माहोल मे शानदार विदाई दि गई । कई गणमान्य नागरिक सरपंच एवं विशिष्ट लोग इस मौके के गवाह बने उपस्थित रहे ।

समारोह में शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, ग्रामीणों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर श्री रूपलाल यादव के सेवाकाल को याद किया और उनके भावी जीवन के लिए स्वस्थ, सुखद एवं मंगलमय शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री बाबूलालजी चरपोटा ने की। समारोह में मुख्य अतिथि एवं सेवानिवृत्त होने वाले वरिष्ठ अध्यापक श्री रूपलालजी यादव सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथियों में श्री रमेश डोडियार, श्री किशनलाल पाटीदार, श्री ध्रुवशंकर पाटीदार, ठाकुर साहब श्री राघवेन्द्र सिंह, श्री पुष्पेंद्र सिंह, महेन्द्रसिंह झालो का गडा श्री भूरालालजी, श्री गौतमलाल, श्री नीलेश कटारा, श्री राजपाल राठौड़, श्री लालजी, श्री देवा और श्री शंकरलाल जी सहित अन्य गणमान्यजन एवं सैकडो छात्र एवं ग्रामीण एवं सामाजीक  लोग शामिल रहे।

इस समारोह की सबसे खास बात रही—सम्मान के साथ समाजसेवा का संकल्प!

आमतौर पर सेवानिवृत्ति समारोह में शिक्षक को विदाई दी जाती है, सम्मानित किया जाता है और उनके योगदान को याद किया जाता है। लेकिन रैयाना में आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक सहयोग को भी विशेष महत्व दिया।

विभिन्न विद्यालयों, संस्थाओं और सामाजिक समूहों ने अलग-अलग जनहितकारी कार्यों के लिए सहयोग राशि 1,64 ,200 एकलाख पैसठ हजार दौसौ रुपए प्रदान कर सामाजिक एकता और सामूहिक जिम्मेदारी का रूपलालजी ने महान संदेश दिया है ।

सहयोग राशि का विवरण इसप्रकार है 

समाचार में दी गई कुल सहयोग राशि
₹ 1,64,200
एक लाख पैसठ हजार दो सौ रुपये

सीनियर रैयाना विद्यालय  रुपए 51,000

सीनियर आमजा विद्यालय  रूपए 21,000

अम्बेडकर सेवा संस्थान परतापुर रुपए 21,000

महंत एवं पत्रकार रामलाल यादव / महंत रामानंद साहेब झडस  को सहयोग  हेतु रुपए 11,000

गर्ल्स सीनियर स्कुल 10,000

धारकुंड माता ट्रस्ट सोसायटी 11,000

गुरु रैदास मंदिर निर्माण परतापुर 11,000

अन्य सहयोग: सीनियर स्कूल आंजना ₹5,000, सीनियर स्कूल कुवानिया ₹5,000, उच्च प्राथमिक विद्यालय गुलाबपुरा ₹5,000, उच्च प्राथमिक विद्यालय रातड़िया ₹5,000, प्राथमिक विद्यालय रातड़िया ₹2,100, प्राथमिक विद्यालय ईश्वरपुरा ₹2,100 तथा गाँव आमजा यादव समाज हेतु  ₹5,000 राशी भेट स्वरूप दिगई । 

इन सभी सहयोगों के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक संस्थाओं और जनहितकारी गतिविधियों के प्रति सामूहिक सहभागिता का संदेश सामने आया।

शिक्षक के सम्मान में दमदार संदेश

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति किसी शिक्षक की यात्रा का अंत नहीं, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है।

एक शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान नहीं देता, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, आत्मविश्वास, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है।

श्री रूपलालजी यादव के सेवाकाल को याद करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद और मंगलमय जीवन की कामना की गई। उपस्थित लोगों ने आशा व्यक्त की कि उनका अनुभव और मार्गदर्शन भविष्य में भी विद्यार्थियों तथा समाज के काम आएगा।

क्योंकि शिक्षक की असली पहचान केवल उसके पद से नहीं, बल्कि उन जीवनों से होती है जिन्हें वह ज्ञान की रोशनी से प्रकाशित करता है।

शिक्षक सम्मान के नाम

जिसने अज्ञान के अंधेरों में, ज्ञान का दीप जलाया है, जिसने कितने बच्चों के सपनों को, हकीकत तक पहुँचाया है।

आज विदाई के इस पल में, पूरा समाज सम्मान करे, गुरु के अनुभव, त्याग और तप को, शत-शत बार प्रणाम करे।

सेवा भले ही आज रुकी हो, शिक्षा का अभियान नहीं, सच्चे शिक्षक का योगदान कभी सीमित किसी स्थान नहीं!

सामाजिक एकता का रहा संदेश!

रैयाना एवं आमजा में आयोजित इस समारोह ने यह संदेश दिया कि जब शिक्षा जगत, सामाजिक संस्थाएँ और ग्रामीण समुदाय एक मंच पर आते हैं, तो सम्मान के साथ सामाजिक सहयोग की भावना को भी नई दिशा मिल सकती है।

ऐसे आयोजन समाज में परस्पर सहयोग, सद्भाव, सम्मान और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करते हैं।

कार्यक्रम का संचालन विजयगिरी गोस्वामी एवं महंत एवं  मूकनायक के संपादक रामलालजी यादव ने किया। समारोह का समापन श्री रूपलालजी यादव के सम्मान, शुभकामनाओं तथा उपस्थित अतिथियों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।

रैयाना की यह खबर केवल एक शिक्षक की सेवानिवृत्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह सम्मान, शिक्षा और सामाजिक सहभागिता के महत्व को भी सामने लाती है।

याद रखिए—जिस समाज में शिक्षक का सम्मान होता है, वहाँ ज्ञान, संस्कार और नई पीढ़ी के भविष्य को महत्व दिया जाता है।

आइए, हम सब मिलकर शिक्षकों के योगदान का सम्मान करें और शिक्षा तथा जनहित के कार्यों में अपनी भागीदारी निभाएँ।

"समझो भारत" से रामलाल यादव ब्यूरो-चीफ राजस्थान
राजस्थान बाँसवाडा आमजा । 

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