21वीं बार रक्तदान कर समाजसेवी अश्वनी शर्मा ने पेश की मानवता की मिसाल, युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश

रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि यह किसी ज़रूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का माध्यम बन सकता है। जनपद शामली के हथछौया निवासी समाजसेवी एवं मेडिकल व्यवसायी अश्वनी शर्मा ने एक बार फिर मानव सेवा का परिचय देते हुए 21वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान किया। उनके इस सराहनीय कदम की क्षेत्रभर में प्रशंसा हो रही है।

मानव सेवा के प्रति समर्पित हैं अश्वनी शर्मा

प्राप्त जानकारी के अनुसार कैराना रोड स्थित अंबा ब्लड बैंक में अश्वनी शर्मा पिछले कई वर्षों से नियमित रूप से रक्तदान करते आ रहे हैं। समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई है।

अश्वनी शर्मा लंबे समय तक कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े रहे। वर्ष 2024 में उन्होंने अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की सदस्यता ग्रहण की। इसके अलावा वे एक किसान संगठन और कई सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर भी जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

"रक्तदान से बढ़कर कोई दान नहीं"

रक्तदान के बाद अश्वनी शर्मा ने कहा कि रक्तदान सबसे श्रेष्ठ दान है, क्योंकि इससे किसी गंभीर मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने से उन्हें आत्मिक संतोष और असीम सुख की अनुभूति होती है।

उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक में सुरक्षित रखा गया रक्त केवल मरीजों के लिए ही नहीं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में देश के सैनिकों सहित अन्य ज़रूरतमंद लोगों के लिए भी उपयोगी साबित होता है। इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान अवश्य करना चाहिए।

समय-समय पर आयोजित होते हैं रक्तदान शिविर

अश्वनी शर्मा ने बताया कि उनके सहयोग से विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते रहे हैं। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले महापुरुषों की पुण्यतिथियों पर भी जनपद की विभिन्न ब्लड बैंक संस्थाओं के सहयोग से रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।

समाज के लिए प्रेरणादायक पहल

आज के समय में जब रक्त की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है, ऐसे में अश्वनी शर्मा जैसे समाजसेवियों की पहल दूसरों के लिए प्रेरणा बनती है। उनका 21वीं बार रक्तदान करना यह संदेश देता है कि छोटी-सी सामाजिक जिम्मेदारी भी किसी के जीवन में नई उम्मीद जगा सकती है।

रक्तदान न केवल एक मानवीय कर्तव्य है, बल्कि समाज के प्रति हमारी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। यदि प्रत्येक स्वस्थ नागरिक नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प ले, तो रक्त की कमी के कारण होने वाली कई समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

— शाकिर अली, विशेष संवाददाता
समझो भारत | शामली, उत्तर प्रदेश
📞 8010884848, 9528680561

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