अयोध्या, मया बाजार।मोहर्रम की 10वीं तारीख यानी यौमे आशूरा के अवसर पर अयोध्या जनपद के मया बाजार क्षेत्र में धार्मिक श्रद्धा, अनुशासन और शांतिपूर्ण वातावरण के बीच विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की शुरुआत मजलिस से हुई, जिसमें हाफिज मोहम्मद मेराज और हाफिज मोहम्मद इमरान ने इमाम हुसैन की शहादत और उनके संदेश पर आधारित नातिया कलाम एवं तकरीर पेश की। वक्ताओं ने कर्बला की घटना को सत्य, इंसाफ, सब्र और कुर्बानी की मिसाल बताते हुए लोगों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। मोहर्रम के अवसर पर दोपहर बाद से क्षेत्र में खिचड़ा और छबील (शरबत) का वितरण किया गया, जिसमें सभी समुदायों के लोगों ने भाग लिया। पूरे दिन धार्मिक श्रद्धा और सामाजिक सौहार्द का वातावरण देखने को मिला।शाम करीब 6:30 बजे मया बाजार स्थित कनकपुर प्राइमरी स्कूल के पीछे बेलाताली कर्बला में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए, जिससे सभी कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुए।
कार्यक्रम में मास्टर मुबारक अली इदरीशी, मोहम्मद कैफ इदरीशी, अबरार आलम अंसारी, शमसुद्दीन, मोहम्मद नईम, मोहम्मद मुस्तकीम, मोहम्मद अली, दीन अली, वारिस अली, मोहर्रम अली, मोहम्मद शालू, मोहम्मद अरमान सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। यौमे आशूरा केवल एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि इंसानियत, न्याय, त्याग और सत्य के लिए संघर्ष की उस ऐतिहासिक विरासत की याद भी है, जिसे इमाम हुसैन और उनके साथियों ने अपने सर्वोच्च बलिदान से अमर कर दिया।रिपोर्ट: ज़मीर आलम
उत्तर प्रदेश डेस्क
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